सीवरेज योजना, उसके लाभों और सावधानियों को लेकर विद्यार्थी जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

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रूडिप जुटी है सामुदायिक जागरूकता व जन सहभागिता के लिए
लाडनूं। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (रूडिप) की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई द्वारा स्थानीय संस्कार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थी जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर सीवरेज एवं सीवर कनेक्शन के लाभ बताए गए। अधिशाषी अभियंता गुरतेज सिंह के निर्देशन में सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन व एसीएम रामकुमार सिंहल के सहयोग से आयोजित इस जागरुकता कार्यक्रम में आरयूआईडीपी परियोजना द्वारा किए जा रहे सीवरेज कार्यों से होने वाले लाभों के बारे में एवं सीवर कनेक्शन के बारे में जानकारी देते हुए सीवर कार्य में सहयोग तथा सीवर प्रणाली को सुरक्षित रखने में सावधानियां रखने के बारे में जागरूक किया गया।
समझाई सावधानियां व सिवरेज के फायदे
कैम्प सहायक सामुदायिक विकास एवं जेंडर सपोर्ट के शुभम सेन ने बताया कि रुडिप के माध्यम से लाडनूं शहर में सीवरेज लाइन डालने का कार्य प्रगति पर है, जिसमें आमजन को सीवर कार्य के दौरान कुछ समय के लिए असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सीवर प्रणाली से होने वाले आगामी लाभ सबके हित के लिए होंगे। उन्होंने सीवर प्रणाली को सुचारू रखने के लिए भी जानकारी दी तथा बताया कि कोई भी नागरिक स्वयं के स्तर पर सीवरेज कनेक्शन नही करे तथा सीवरेज लाइन के मैनहॉल एवम चैंबर में पत्थर, मलबा एवम पोलिथिन नही डाले, गर्भ-निरोधक व सेनेट्री नैपकिन को शौचालयो में प्रवाहित ना करें। सीवर लाइन जाम होने पर इससे छेड़छाड़ ना करें। इसमें जहरीली गैस हो सकती है। सभी आउटलेट पर जाली लगाएं एवं नियमित रूप से जालियों की सफाई करें। उन्होेंने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बारे मे भी बताया। साथ ही सीवर कनेक्शन से होने वाले लाभों के बारे में बताया कि रसोई व स्नानघर का पानी सीधे नालियों में छोड़े जाने से पानी सड़क पर ही फैलता है, जिससे जीवाणु पैदा होते है। सीवरेज प्रणाली इन हानिकारक जीवाणुओं की उत्पत्ति रोकने में सहायक है, जिससे चिकित्सा पर भी व्यय कम होता है। सीवरेज प्रणाली जल जलित होने वाली 70 प्रतिशत बीमारियों से बचाव करती है। सीवरेज प्रणाली भूमिगत जल प्रदूषण रोकती है, व्यर्थ पानी को सीवरेज प्रणाली में डाल कर घर के आसपास भरने से रोक कर घरों में सीलन व क्षति से बचाव किया जा सकता है, जिससे रखरखाव का खर्च कम होता है। साथ ही सीवरेज प्रणाली शहर को साफ-सुथरा बनाने में सहायक है। साथ ही सहयोग की अपील की गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य, विद्यालय का स्टॉफ, एलएंडटी की एसओटी टीम के रुपेश, किरण, संतोष एवं रामकिशोर आदि ने सहभागिता निभाई।

kalamkala
Author: kalamkala

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