लाडनूं के पंजाब नेशनल बैंक की बदतर हालात: दोषी कौन? (1) पीएनबी के नीचे स्थित एटीएम की हालत किसी सुलभ शौचालय से भी बदतर हुई, पान-गुटखा की पीक से सने बदबूदार चितकबरे दीवारों के कोने, फैली हुई गंदगी, बेतरतीब व्यवस्था, घुसने के दरवाजे पर भी बाधाओं का डेरा

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लाडनूं के पंजाब नेशनल बैंक की बदतर हालात: दोषी कौन? (1)

पीएनबी के नीचे स्थित एटीएम की हालत किसी सुलभ शौचालय से भी बदतर हुई, पान-गुटखा की पीक से सने बदबूदार चितकबरे दीवारों के कोने, फैली हुई गंदगी, बेतरतीब व्यवस्था, घुसने के दरवाजे पर भी बाधाओं का डेरा

 

लाडनूं (kalamkala.in)। बैंकों की लापरवाही को लेकर लोग काफी गुस्साए हुए हैं, बैंकें अपनी ही सम्पत्ति की कोई सुरक्षा नहीं कर पाते। लगता है नाकारा प्रबंधन और नाकारा कार्मिकों के कारण समस्त व्यवस्थाएं बदतर हालात में पहुंच चुकी है। यहां बस स्टेंड के पास आर्य समाज मंदिर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक इन्हीं बदतर हालातों से जूझ रही है। पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित एटीएम से प्रतिदिन लोग रुपए निकालने के लिए जाते हैं, उन सबको इस बुरे हालात से दो-चार होना पड़ता है। इस एटीएम की स्थिति किसी सुलभ शौचालय से भी अधिक बदतर है। आखिर कौन है इन सबका जिम्मेदार? इतनी लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैया क्या बैंक हितों के विरुद्ध नहीं है? अब कौन करेगा इनके लिए सक्षम कार्रवाई?

सब्जी वाले नहीं छोड़ते घुसने तक की जगह

एटीएम के शीशे के गेट के सामने और बीच में विभिन्न ठेला चालक सब्जी विक्रेताओं द्वारा अपने सब्जी से भरे कैरेट और कट्टे बड़ी संख्या में रख दिए जाने से वहां आने वाले पीएनबी के ग्राहक अंदर तक नहीं घुस पाते हैं। अपना विभिन्न तरह का सामान रखने के लिए ये लोग एटीएम के दरवाजे को भी खुला रखते हैं। यहां के हालात और बंद रास्ता देख कर काफी खाताधारक यहां से कूच करके शहर के किसी अन्य बैंक के एटीएम की ओर राशि आहरण के लिए जाते हैं। लोगों का कहना है कि बैंक के आदमी इन सब्जी बेचने वालों से यह सामान रखने के बदले पैसे ऐंठते हैं, ये लोग उनको जगह के उपयोग के लिए मासिक बंधी देते हैं।

साफ-सफाई का है नितांत अभाव, बदबू और गंदगी से है सराबोर

किसी तरह से उन सब बाधाओं को लांघ कर कोई अंदर पहुंच पाता है तो उसे भयंकर बदबू और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है। अंदर चारों तरफ पान और गुटखा की पीक ही पीक और रंगीन थूक बिखरा हुआ और दीवारों से चिपका हुआ मौजूद है। ये अंदर की चितकबरी हालत चीख-चीख कर बैंक प्रबंधन की नाकामी का बखान करता है। इनसे एटीएम केबिन के अंदर बदबू ही बदबू फैली रहती है। एटीएम केबिन के अंदर कचरे की भी भरमार है। वहां कोई कचरा-पात्र नहीं होने से ग्राहक अपनी पर्चियां वहीं इधर-उधर फेंक देते हैं। वहां कहने को तो सफाई के लिए एक झाड़ू भी रखा हुआ है, लेकिन वह झाड़ू एटीएम मशीन के ठीक सामने रखा होने से वहां लोग एटीएम तक पहुंचने और उसका उपयोग करने से कतराते हैं। हिंदुओं में तो मान्यता है कि झाड़ू का लांघना अशुभ होता है। लोग किसी शुभ काम के लिए अपने पैसे निकालने आते हैं और उसकी शुरुआत ही इस गंदी झाड़ू से अशुभ हो जाती है।

खुले पड़े बिजली के तार बनेंगे कभी हादसे का कारण

इस एटीएम में बिजली आदि के विभिन्न तार-वायर चारों तरफ खुले और बेतरतीब ढंग से इधर-उधर लटके हुए पड़े हैं और बिखरे हैं। इन तारों से कभी न कभी कोई बड़ा हादसा होना संभावित है। इस एटीएम में ग्राहक के लिए कोई एसी की सुविधा नहीं है और दिन भर यहां के खुले गेट से अंदर जाने वालों को लू के थपेड़े सहने पड़ते हैं। इसका गेट दिन भर खुला ही पड़ा रहता है। इस प्रकार अनगिन अनदेखियां और लापरवाहियां यहां दृष्टिगोचर होती है। लेकिन इस एटीएम के ऊपर ही स्थित बैंक के सभी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लगता है कि इससे कोई लेना-देना नहीं है।बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में प्रबंधन के लोग रोज इस स्थिति का अवलोकन करते रहते हैं, लेकिन सुधारने के लिए परवाह किसको है? पता नहीं बैंक के हालात को छोड़ कर ये लोग किसमें व्यस्त रहते हैं, लगता है यहां के हालात का तो अब भगवान ही मालिक है। इस स्थिति के बारे में बैंक प्रबंधक मनोजसिंह राठौड़ से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क करना भी बहुत मुश्किल काम है।

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Author: kalamkala

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लाडनूं के पंजाब नेशनल बैंक की बदतर हालात: दोषी कौन? (1) पीएनबी के नीचे स्थित एटीएम की हालत किसी सुलभ शौचालय से भी बदतर हुई, पान-गुटखा की पीक से सने बदबूदार चितकबरे दीवारों के कोने, फैली हुई गंदगी, बेतरतीब व्यवस्था, घुसने के दरवाजे पर भी बाधाओं का डेरा

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