लाडनूं में ‘तीन दिवसीय अणुव्रत डिजीटल डिटोक्स शिविर’ 18 मई से,
नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए बनेगा जाएगा ‘किड्सजोन’, अणुव्रत समिति की बैठक में हुई चर्चा

लाडनूं (kalamkala.in)। यहां हुई स्थानीय अणुव्रत समिति की बैठक में बच्चों के संस्कार निर्माण, व्यक्तित्व विकास तथा आगामी अणुव्रत डिजिटल शिविर को लेकर चर्चा की गई। यहां अणुव्रत भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता समिति के स्थानीय अध्यक्ष शांतिलाल बैद ने की। बैठक में आगामी 18 से 20 मई तक आयोजित होने वाले ‘तीन दिवसीय अणुव्रत डिजीटल डिटोक्स शिविर’ को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई और बताया गया कि शिविर के माध्यम से बच्चों और युवाओं को मोबाइल के दुष्परिणाम व डिजीटल डिटॉक्स के साथ नैतिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास तथा संस्कार निर्माण से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक में बच्चों के संस्कार निर्माण, रचनात्मक गतिविधियों, नैतिक शिक्षा एवं सामाजिक चेतना से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बच्चों और युवाओं में संस्कारों का विकास आवश्यक
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित अणुव्रत विश्व भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतापसिंह दूगड़ ने किड्सजोन गतिविधियों से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किड्सजोन एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसमें बच्चों को खेल-खेल में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संस्कार, रचनात्मकता एवं व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बन सके। उन्होंने अणुव्रत समिति द्वारा किए जाने वाले विभिन्न सामाजिक, नैतिक एवं शैक्षिक कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए बच्चों और युवाओं में संस्कारों का विकास अत्यंत आवश्यक है।
इन सबकी रही उपस्थिति
बैठक में अणुव्रत विश्व भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतापसिंह दूगड़ के अलावा किड्सजोन के राष्ट्रीय प्रभारी चमन दुधोडिया भी उपस्थित रहे तथा अणुव्रत समिति के स्थानीय अध्यक्ष शांतिलाल बैद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र भाटी मंगल, उपाध्यक्ष प्रकाश सुराणा, वरिष्ठ सदस्य पुरुषोत्तम सोनी, मंत्री राज कोचर, प्रेमलता बैद, नवीन नाहटा, सपना जैन भंसाली, राधेश्याम शर्मा, कमला चौरडिया आदि उपस्थित रहे।






