कार्मिकों की पदोन्नति के रास्ते हुए बंद, नहीं कर रही सरकार डीपीसी बैठक आयोजित,
लाडनूं में राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सौंपा एसडीएम को ज्ञापन
लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ ब्लॉक लाडनूं के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जाट के नेतृत्व में मंत्रालयिक कर्मचारियों द्वारा विगत वर्षों से मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित करवाने एवं पूर्व में पदोन्नत कार्मिकों का पदस्थापन करवाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री के संयुक्त शासन सचिव, विशिष्ट शासन सचिव एवं संभागीय आयुक्त अजमेर के नाम के ज्ञापन शुक्रवार को यहां उपखंड अधिकारी को सौंपे गए। ब्लॉक के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जाट ने बताया कि वर्ष 2025-26 की डीपीसी आयोजित नहीं की गई, जिससे मंत्रालय कर्मचारियों में घोर निराशा व असंतोष की भावना व्याप्त हो रही है। कर्मचारियों की पदोन्नति के रास्ते बंद हो रहे हैं तथा वर्ष 2026-27 की डीपीसी की बैठक भी जल्द कर ली जाए, ताकि कर्मचारियों के पदोन्नति की संभावनाएं बढे। इस ज्ञापन को उपखंड अधिकारी ने जिला कलेक्टर को भिजवा दिया है। उन्होंने ज्ञापन को अग्रेषित करते हुए कलेक्टर को लिखा है कि मंत्रालयिक कर्मचारियों की विगत वर्षों से लंबित पदोन्नति समिति (DPC) बैठक आयोजित करवाने एवं पूर्व में पदोन्नत कार्मिकों का पदस्थापन करवाने बाबत राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ ने ज्ञापन प्रस्तुत किया है। राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन 23 अप्रेल में मंत्रालयिक कर्मचारियों की विगत वर्षों से लंबित पदोन्नति समिति (DPC) बैठक आयोजित करवाने एवं पूर्व में पदोन्नत कार्मिकों का पदस्थापन करवाने बाबत था। अग्रिम कार्यवाही के लिए उन्हें अग्रेषित किया गया है।
पदोन्नति भी लटकी है अधरझूल में, कोई पदस्थापन नहीं
दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि जिला डीडवाना-कुचामन एवं नागौर के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक विगत 2 वर्षों 2025-2026 एवं 2026-2027 से आयोजित नहीं की गई है। इसके कारण बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारी समय पर पदोन्नति से वंचित हैं तथा उनमें निराशा एवं असंतोष की भावना व्याप्त है। मंत्रालयिक कर्मचारियों द्वारा विभागीय कार्यों का निर्वहन निरंतर पूर्ण निष्ठा, जिम्मेदारी एवं दक्षता के साथ किया जा रहा है, परंतु समय पर पदोन्नति नहीं होने के कारण कर्मचारियों के सेवाहित गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। पदोन्नति में हो रही अनावश्यक देरी के कारण कर्मचारियों की वरिष्ठता, वेतन निर्धारण, भविष्य की पदोन्नति संभावनाएं एवं अन्य सेवा लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 3 वर्ष पूर्व आयोजित DPC बैठक (2024-2025) में जिन मंत्रालयिक कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया था, उनका आज तक पदस्थापन नहीं किया गया है। इससे संबंधित कर्मचारियों को पदोन्नति का वास्तविक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है। कई कार्मिक आज भी पूर्व पदों पर कार्य करने को विवश हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पदोन्नति आदेश जारी होने के बावजूद पदस्थापन नहीं होने से कर्मचारियों में मानसिक एवं प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है तथा कार्य क्षमता भी प्रभावित हो रही है। समय पर डीपीसी बैठक एवं पदस्थापन नहीं होना कर्मचारियों के वैधानिक एवं सेवा अधिकारों के विपरीत है।
ज्ञापन में उठाई गई मांगें
ज्ञापन में कर्मचारियों के हित एवं प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक वर्ष 2025-2026 एवं 2026-2027 शीघ्र आयोजित करवाई जाने, पदोन्नति समिति (DPC) बैठक में वर्ष 2024-2025 लगभग 3 वर्ष पूर्व पदोन्नत किए गए कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से पदस्थापन करवाया जाने, पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति एवं समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाने तथा भविष्य में डीपीसी बैठकों का नियमित एवं समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित किया जाने की मांगों को उठाया गया है। यह ज्ञापन देने वालों में राजस्थान राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार जाट, कैलाश सिंह, गणेशमल ढाका, रामदेव एवं अन्य राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी शामिल रहे।






