लाडनूं रेलवे स्टेशन पर तीसरा प्लेटफार्म और बनाया जाए, स्टेशन की दूसरी दिशा में एक फुट ओवरब्रिज और बनाने की मांग, सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात वर्मा ने रेलवे महाप्रबंधक को दिया आने का न्यौता, बताई विभिन्न समस्याएं

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लाडनूं रेलवे स्टेशन पर तीसरा प्लेटफार्म और बनाया जाए, स्टेशन की दूसरी दिशा में एक फुट ओवरब्रिज और बनाने की मांग,

सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात वर्मा ने रेलवे महाप्रबंधक को दिया आने का न्यौता, बताई विभिन्न समस्याएं

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र में रेल सुविधाओं में वृद्धि व विकास के लिए वर्षों से सतत् सक्रिय समाजसेवी प्रभात वर्मा ने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक जयपुर को पत्र लिखकर रतनगढ़-सुजानगढ-लाडनूं-डीडवाना- डेगाना रेल खण्ड का निरीक्षण करने के लिए आमंत्रित करने के साथ ही उनसे लाडनूं रेलवे स्टेशन पर विभिन्न यात्री सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। वर्मा नै अपने पत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए लिखा है कि वे रतनगढ़-लाडनूं- डेगाना रेल खण्ड का निरीक्षण करने के लिए पधारें और इस धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण खंड का मुआयना अवश्य करें।

पत्र में दर्शाया लाडनूं का महत्व और यात्रियों की भारी आवाजाही पर दिया जोर

प्रभात वर्मा ने अपने पत्र में बताया है कि सालासर बालाजी धाम (सुजानगढ़) पर दर्शनार्थ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। गत वर्ष 2025 में 54 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इसी तरह इस रेलमार्ग पर स्थित ताल छापर कृष्ण मृग अभ्यारण्य में भी बड़ी संख्या में वन्यजीव पर्यटक आते रहते हैं। इनके अलावा लाडनूं में श्री सत्यनारायणजी बाल हनुमान मंदिर कोयल गांव (13 किमी) की मान्यता है कि यहां दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है। इसी कारण यहां भी देश-प्रदेश के विभिन्न प्रमुख लोगों का आना-जाना बना रहता है। लाडनूं के समीप ही स्थित सिद्ध हनुमंत पीठ पाबोलाव धाम बालाजी मंदिर एवं श्री डूंगर बालाजी मंदिर (सुजानगढ़/ लाडनूं) में प्रतिवर्ष बहुत सारे श्रद्धालुजन दर्शनों के लिए आते हैं। इनके साथ ही लाडनूं शहर के मध्य स्थित करीब 1000 वर्ष प्राचीन भूगर्भ से निकला हुआ विश्व-प्रसिद्ध बड़ा दिगम्बर जैन मंदिर है। इनके अतिरिक्त लाडनूं तेरापंथ धर्मसंघ संघ की राजधानी है और तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण का 1 वर्ष से अधिक समय का ‘योगक्षेम वर्ष प्रवास काल भी लाडनूं में है। यहां विश्व-प्रसिद्ध एवं दर्शनीय स्थल जैन विश्व भारती और उससे सम्बद्ध जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय स्थित हैं, जहां हजारों लोगों का आवागमन बना ही रहता है।

पत्र में प्रभात वर्मा ने प्रस्तुत की सात महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए मांग

वर्मा ने लिखा है कि इस सबको दृष्टिगत रखते हुए लाडनूं के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की विभिन्न सुविधाओं को उपलब्ध करवाया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लिखा है कि ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना में लाडनूं रेलवे स्टेशन को शामिल कर इसका सम्पूर्ण रूप से आधुनिकीकरण किया जाए। बुजुर्ग एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए तत्काल लिफ्ट लगवाई जाकर राहत प्रदान की जाए। रेलवे स्टेशन पर पेयजल समस्या के समाधान के लिए यहां आर.ओ. युक्त ट्यूबवेल स्वीकृत किया जाए। लाडनूं रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1 एवं 2 पर पूर्ण शेड लगवाए जाएं एवं प्याऊ या वाटर बूथ लगाए जाकर यात्रियों के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यहां प्लेटफॉर्म नं. 2 पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाए।बढ़ते यात्री भार को देखते हुए लाडनूं रेलवे स्टेशन पल तृतीय प्लेटफॉर्म भी स्वीकृत किया जाए। इनके अलावा लाडनूं रेलवे स्टेशन पर डीडवाना की तरफ के छोर पर द्वितीय फुट ओवर ब्रिज स्वीकृत किया जाए। वर्मा ने आशा व्यक्त है कि उनके कार्यकाल में ये सभी आवश्यक यात्री सुविधाएं स्वीकृत होकर पूर्ण भी करवाई जाएंगी।

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Author: kalamkala

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