हर महिला अपनी शक्ति को आवश्यकता के अनुसार अवश्य पहचानें- हाकम साध्वी श्री कीर्तिलता,
तेरापंथ महिला मंडल द्वारा ‘मेरी शक्ति की कहानी’ कार्यशाला का आयोजन

लाडनूं (kalamkala.in)। तेरापंथ महिला मंडल द्वारा स्थानीय श्री अमृतम भवन में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार ‘मेरी शक्ति की कहानी’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। तेरापंथ धर्मसंघ की हाकम साध्वी श्री कीर्तिलता के सान्निध्य में आयोजित यह कार्यक्रम ‘नमस्कार महामंत्र’ से प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर हाकम साध्वी ने प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि हर महिला में शक्ति है, आवश्यकता है कि उसे पहचाना जाए। आचार्यश्री तुलसी ने जो नारी जागृति का कार्य किया था, वह अपने आप में अनूठा था। हाकम साध्वी ने अपने जीवन के परिवर्तन के बारे में भी बताया कि किस तरह पहले सांसारिक चीजों में उनका जीवन उलझा हुआ था और बाद में किस तरह उन्होंने अपना जीवन अध्यात्म की तरफ मोड़ लिया। उन्होंने कहा कि मैंने तो सुना है कि महिला मंडल ने लाडनूं में आचार्य तुलसी का एक चातुर्मास करवाया था और आज भी हम देख रहे हैं कि इस योगक्षेम वर्ष में बहनें भलीभांति कार्य कर रही हैऔ, चाहे वह भोजनशाला हो, पंडाल हो या रास्ते की सेवा हो, चिकित्सा हो, कोई भी कार्य हो सभी कार्यों में महिला मंडल के बहनें बढ़-चढ़कर कार्य कर रही हैं। यह उनकी शक्ति ही है गुरुदेव का प्रताप ही है कि वह हर कार्य को कर रही है। कार्यक्रम में समागत अतिथियों का स्वागत महिला मंडल मंत्री लीना दूगड़ ने किया। स्वागत वक्तव्य मंडल अध्यक्ष आरती कठौतिया में प्रस्तुत किया। ‘मेरी शक्ति की कहानी’ कार्यशाला में जीरो से हीरो बनी बहनों ने, जिनमें किरण बरमेचा, राज कोचर, सुनीता बैद, सुमन नाहटा, राजश्री भूतोङिया, तारा बोथरा, कुसुम नाहटा, कमला कठौतिया, समता बोकड़िया, माणक कोठारी ने अपने विचारों से अपने जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने अपने जीवन में कैसे उतार-चढ़ाव देखकर अपने परिवार ही नहीं अपने समाज में भी अपना नाम ऊंचा किया। इसमें प्रथम कुसुम नाहटा, दूसरे स्थान पर समता बोकड़िया, तीसरे स्थान पर श्राविका गौरव कमलाबाई कठौतिया रहे।
दूसरी प्रतियोगिता ‘डिस्कवर योर शक्ति’, जिसमें खुशबू मोदी, मीनू बोथरा, डिंपल बैद, समता बोकड़िया ने भाग लिया और अपनी कला को प्रदर्शित किया। इसमें प्रथम समता बोकडिया, द्वितीय खुशबू मोदी, तृतीय मीनू बोथरा रहे।प्रतियोगिता के निर्णायक अणुविभा की उपाध्यक्ष कुसुम लुनिया व कनक बैद रहीं। अखिल भारतीय महिला मंडल की पूर्व अध्यक्ष पुष्पा बैद ने नारी शक्ति को प्रणाम करते हुए सभी बहनों को अपनी प्रभावशाली वाणी से प्रेरित किया। दोनों जजों का साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 40 से अधिक बहनों की उपस्थिति रही। आभार महिला मंडल उप मंत्री रेणु कोचर ने किया।संयोजन मंजू बैद द्वारा किया।



