संयुक्त परिवार व्यवस्था संपूर्ण विश्व की अनूठी परंपरा- संतश्री रामाचार्य महाराज,
लाडनूं में आरएसएस का सपरिवार होली स्नेह मिलन आयोजित हुआ



लाडनूं (kalamkala.in)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का होली स्नेह सम्मेलन शनिवार को स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लाडनूं शहर के सैकड़ों परिवारों ने भाग लिया। संतश्री रामचार्य जी महाराज मुकाम धाम (समराथल) के सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड संघ चालक बजरंग लाल यादव ने की।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डीडवाना के जिला प्रचारक अशोक विजय अतिथि के रूप में मंचस्थ रहे।
भारतीय संस्कृति से ही पारिवारिक एकजुटता संभव
मुकाम धाम समराथल धोरा के संतश्री रामचार्य महाराज ने अपने आशीर्वचन में भगवान श्री राम और भरत के भ्रातृत्व प्रेम का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें उन्ही के पदचिन्हों पर चलना चाहिए। उन्होंने बिखरते संयुक्त परिवारों की चिंता करते हुए कहा कि हमें अपने परिवार को एकजुट रखना है, तो भारतीय संस्कृति के साथ रहना होगा। संपूर्ण विश्व में संयुक्त परिवार व्यवस्था यह एकमात्र कहीं है, तो वह भारत में है। हमारे संस्कार व संस्कृति को बचाने में बहुत बड़ी भूमिका माता-बहनों की है। अंग्रेजी माध्यम की होड़ में हम अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से दूर कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा है संस्कारों का केंद्र
संघ के जिला प्रचारक अशोक विजय ने कहा कि वर्तमान समय में संस्कारों की न्यूनता दिखाई देती है, इसलिए वर्तमान की पीढ़ी को इस विषय पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। समाज में अपराध को कोई सरकार रोक नहीं सकती, अगर कोई रोक सकता है, तो वह केवल परिवार के संस्कार ही रोक सकते हैं, इसलिए हम सभी को परिवार में संस्कार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा संस्कारों का केंद्र है, इसलिए संघ की शाखा में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने संस्कारों से आदर्श जीवन जीने वाला होता है, जिसकी वजह से समाज में संस्कारों के माध्यम से और अपने जीवन को आदर्श जीवन जीता है। हम सभी को अपने परिवार के भावी पीढ़ी को संघ की शाखा में भेजने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मंच-संचालन नरेंद्र प्रसाद स्वामी ने किया।






