‘कांग्रेस में चापलूसों की चलती है, कार्यकर्ताओं की नहीं’
लाडनूं में कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला महासचिव खींवाराम घींटाला कांग्रेस छोड़ आरएलपी में हुए शामिल


लाडनूं/ नागौर (kalamkala.in)। ‘कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की नहीं, चापलूसों की चलती है’ इस स्थिति को लेकर कांग्रेस के जिला महासचिव और पंचायत समिति सदस्य खींवाराम घींटाला ने कांग्रेस छोड़ कर आरएलपी का दामन थाम लिया है। वे अब पंचायतराज चुनावों में लाडनूं क्षेत्र में खासा धमाल मचाएंगे और कांग्रेस को करारा झटका लगाएंगे। आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने लाडनूं के किसान नेता घींटाला गर्मजोशी से स्वागत किया है।
किसान-कमेरों की आवाज को मजबूती मिलेगी
लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर कांग्रेस नेता, पंचायत समिति सदस्य एवं कांग्रेस के जिला महासचिव खींवाराम घिंटाला ने कांग्रेस को तिलांजलि देते हुए नागौर में आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के समक्ष आरएलपी ज्वाइन कर ली। उनके साथ किसान नेता मेहराम गेट (बल्दू) ने भी कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) का दामन थाम लिया है। नागौर स्थित सांसद आवास पर आरएलपी सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने दोनों नेताओं को अपने हाथों से आरएलपी का बोतल चिह्न अंकित हरा व पीला दुपट्टा पहनाकर पार्टी में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और ज्वायन करवाने की प्रक्रिया पूरी की।
इस अवसर पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, ‘खुशी है कि किसान व कमेरे वर्ग की आवाज को मजबूत करने के लिए दो और मजबूत साथी हमारे परिवार से जुड़े हैं। खींवाराम घिंटाला जमीन से जुड़े हुए नेता हैं और कांग्रेस में रहते हुए भी हमेशा किसान हित की बात करते रहे हैं। मेहराम गेट जैसे जुझारू साथी के आने से लाडनूं क्षेत्र में पार्टी और मजबूत होगी।’
कांग्रेस चापलूसों की पार्टी बन कर रह गई
इस अवसर पर खींवाराम घिंटाला ने कहा कि कांग्रेस में अब कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होती है, यहां सिर्फ चापलूसों की चलती है। किसान का बेटा हनुमान बेनीवाल ही एकमात्र ऐसा नेता है, जो बिना डरे संसद से लेकर सड़क तक किसानों, जवानों और गरीबों की आवाज उठाता है। इसलिए उन्होंने आरएलपी परिवार जॉइन किया है।
पंचायत चुनाव में रहेगी आरएलपी की तगड़ी दखल
यहां गौरतलब है कि खींवाराम घिंटाला लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वे वर्तमान में पंचायत समिति सदस्य होने के साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी, डीडवाना के महासचिव का पदभार भी संभालते रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस में रहते हुए 20 साल से ज्यादा सक्रिय राजनीति की है। उनकी समूचे लाडनूं बेल्ट में 36 कौम में अच्छी पकड़ रही है। इसके बावजूद कांग्रेस में उनकी लगातार उपेक्षा हुई और कांग्रेस की किसान विरोधी नीतियां रहीं, जिनसे आहत होकर उन्होंने कांग्रेस छोड़ी है। उनकी यह जॉइनिंग लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लाडनूं में कांग्रेस पहले से ही कमजोर है और अब पंचायत समिति सदस्य और जिला महासचिव के भी आरएलपी में जाने से आगामी पंचायत चुनावों में कांग्रेस को बड़ा नुकसान होना संभावित है और लाडनूं क्षेत्र में आरएलपी ताकतवर होकर उभरेगी।


