लाडनूं नगर पालिका में अध्यक्ष पद पर होगी किसकी ताजपोशी? अध्यक्ष पद के लिए चार के नामांकन दाखिल,
भाजपा सबसे मजबूत होकर उभरी, निर्मला जांगिड़ का मार्ग हुआ प्रशस्त, सारी परिस्थितियां बनी अनुकूल


लाडनूं (kalamkala.in)। नगर पालिका लाडनूं के अध्यक्ष पद की ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित सीट के लिए चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और निर्दलियों सहित कुल चार उम्मीदवार मैदान में आ चुके हैं। 16 सितम्बर बुधवार को नामांकन पत्रों की प्राप्ति के बाद 17 सितंबर गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा। लाडनूं में बुधवार को अध्यक्ष पद के लिए भरे गए नामांकन पत्रों में भारतीय जनता पार्टी से निर्मला देवी जांगिड़ (पत्नी हनुमान मल जांगिड़, वार्ड सं. 22, स्टेशन रोड), कांग्रेस से परवीन बानो (पत्नी नौशाद अली सिसोदिया सिलावट, नौंवी पट्टी जावा बास) और निर्दलीय प्रत्याशियों में हसीना बानो (पत्नी अब्दुल अजीज, शहरिया बास- फुलेखां हाथीखानी के परिवार से) एवं सुमन कंवर (रूपेन्द्र पाल सिंह सांवराद, वार्ड सं. 28) के नामांकन शामिल हैं। इनमें हसीना बानो वार्ड सदस्य के रूप में चुनाव हारी हुई है। इन चारों उम्मीदवारों को लेकर शहर भर में खासी चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। आम लोग इस स्थिति में भाजपा का नगर पालिका अध्यक्ष बनना तय मान रहे हैं। बुधवार को नगर निकाय चुनाव प्रभारी रामेश्वर गुर्जर, विधानसभा प्रभारी राकेश कुमार शर्मा एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ निर्मला जांगिड़ ने रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम ममता लहुआ के समक्ष पहुंच कर नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर सुमित जांगिड़, भाजपा के जिला मंत्री नीतेश माथुर, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के पूर्व जिला महामंत्री जगदीश यायावर, एडवोकेट रविन्द्र सिंह, पार्षद प्रवीण जोशी, ठाकुर संग्राम सिंह डाबड़ी, सुशील दाधीच, रामोतार टाक, राजेश सांखला आदि उपस्थित रहे।
हसीना बानो बिगाड़ेगी कांग्रेस के सारे समीकरण
कांग्रेस से फुलेखां हाथीखानी के परिवार की टिकट काटे जाने के बाद से अंदरूनी हालात गड़बड़ा गये थे। कांग्रेस ने हाथीखानी के परिवार को पूरी तरह से नकार दिया और उसके परिवार से जीती सदस्या को ओबीसी महिला सीट होते हुए भी चैयरमेन पद से दूर रखा। केवल उसे ही नहीं, बल्कि पूरी कायमखानी बिरादरी को भी चेयरमैन पद से दूर रख दिया गया, जिसने होशियार अली खां और रावत खां लाडवाण जैसे चैयरमेन लाडनूं को दिए थे। अब कायमखानी समाज से हसीना बानो ने नामांकन पत्र भर कर चैयरमेन पद के लिए हुंकार भरी है। लगता है कि फुलेखां हाथीखानी ने अपनी उपेक्षा का पूरा-पूरा बदला लेने की ठान ली है। हसीना बानो की उम्मीदवारी कम से कम 10 सीटों को अवश्य प्रभावित करेंगी। इसका खामियाजा निश्चित रूप से कांग्रेस को ही भुगतना पड़ेगा।
अनौचित्यपूर्ण बताई जा रही है सुमन कंवर की उम्मीदवारी
इधर दूसरी निर्दलीय सुमन कंवर का आवेदन आश्चर्यजनक है। लोगों का कहना है कि उनके पास कोई पार्षद नहीं है। केवल दो के बूते पर नामांकन पत्र दाखिल किया गया है। शायद उम्मीद बनी हुई है कि किसी अन्य खेमे से टूट कर उनके पक्ष में कोई आ जाएगा। हालांकि इस गुट का कहना था कि 5 से 7 पार्षद उनके पास हैं। अब संभावना इस बात की अधिक लग रही है कि उनके द्वारा भाजपा के पक्ष में विड्रो कर लिया जाएगा। इसके लिए बातचीत की भी पूरी संभावना है। मंगलवार से ही इसके लिए प्रयास भी जारी हैं। कहा जा सकता है कि जब तक जीत पाने योग्य पार्षदों का पर्याप्त संख्याबल पास में नहीं हो, तब तक अपनी उम्मीदवारी नहीं ठोकनी चाहिए।
सक्षम नेतृत्व से मिला भाजपा को फायदा
इन सब परिस्थितियों में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। भाजपा खेमे में बैठे सभी पार्षद पूरी तरह से लामबंद हैं और सब अपना मतदान अपने उम्मीदवार को विजयी बनाने के लिए ही करेंगे। फुलेखां हाथीखानी के कारण अगर कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके साथ जुड़ते हैं, तो कांग्रेस निश्चित रूप से कमजोर पड़ेगी और अगर चारों उम्मीदवार ऐसे ही डटे रहते हैं तो उसका फायदा भी भाजपा को ही मिलेगा। इस बार नगर पालिका चुनाव में भाजपा को काफी मजबूत नेतृत्व मिला है। प्रभारी रामेश्वर गुर्जर, राकेश शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष गौतम दत्त शास्त्री और भाजपा नेता करणी सिंह की सूझबूझ और अथक प्रयासों से भाजपा ने विजय पताका फहराई और अब नगर पालिका अध्यक्ष पद भी विजित करने के लिए सक्रिय हैं।
