वैश्विक नेतृत्व की दिशा में मौजूद है भारत के समक्ष अनेक चुनौतियां- प्रो. यादव आजादी का अमृत महोत्सव पर देश के 75 सालों की स्थिति का अवलोकन

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वैश्विक नेतृत्व की दिशा में मौजूद है भारत के समक्ष अनेक चुनौतियां- प्रो. यादव
आजादी का अमृत महोत्सव पर देश के 75 सालों की स्थिति का अवलोकन

लाडनूं।kalamkala.in  कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के अफेयर्स एकेडमी के डीन प्रो. आरएस यादव ने कहा है कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 75 सालों की अवधि में पलट कर देखना चाहिए कि देश ने क्या खोया और क्या पाया। आजादी के बाद देश में संविधान के प्रारूप में भारत के लक्ष्य तय किए थे। राजनीतिक परिदृश्य में इन्हें हम 4 बिन्दुओं में विभाजित करके आकलन कर सकते हैं। गवर्नेंस, हार्ड पावर केपेबिलिटी, सोफ्ट पावर और ग्लोबल एफेयर्स के रूप में समस्त स्थिति को देखा जा सकता है। वे यहां जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘भारत के 75 वर्षों के व्यतीत और भावी संभावनाओं की जांच’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत कर रहे थे। उन्होंने अपने व्याख्यान में लोकतंत्र की मजबूती, आर्थिक और सामरिक मोर्चों पर देश की आत्मनिर्भरता, विश्वभर में भारतीय मूल्यों की स्थापना, सम्मान और स्वीकार्यता का बढना, भारत के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बदल कर बचाव की स्थिति से आक्रामक की स्थिति बनाने और वैश्विक नेतृत्व करने की विदेश नीति लागू करने आदि की सफलताएं गिनाई जा सकती है,

लेकिन इनके साथ ही देश के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। प्रो. यादव ने सबके लिए समान काननू-व्यवस्था लागू करने, शासन की पारदर्शिता व जवादेही, शासन में सबकी भागीदारी तय करने, लोकतंत्र की संस्कृति का विकास करने, सभी विविधताओं के समान रूप से पनपने, सबके समादर और परस्पर सद्भाव की प्रवृति का विकास, चुनाव जीतने के लिए प्रलोभन भरे वायदे और संसाधनों के दुरूपयोग को रोके जाने, जीडीपी के साथ एचडीआई को भी बढने देना, सीमाओं की रक्षा के साथ मनुष्य मात्र की हर पहलु से रक्षा सुनिश्चत करने, विश्व के अन्य देशों की आंतरिक हालात पर नियंत्रण करने व समाधान करने की दिशा में भूमिका निभाने की चुनौतियां पार करने आदि की सफलता पर पर ही देश को वैश्विक नेतृत्व मिल सकता है। व्याख्यान के प्रारम्भ में दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने प्रो. यादव का शाॅल ओढा कर, स्मृति चिह्न व साहित्य भेंट करके सम्मान किया तथा उनका परिचय प्रस्तुत किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो. प्रदीप यादव रोहतक भी उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर प्रो. रेखा तिवाड़ी, डा. प्रद्युम्नसिंह शेखावत, डा. रविंद्र सिंह राठौड़, डा. लिपि जैन, डा. आभा सिंह, डा. विनोद सियाग, प्रगति चैरड़िया, डा. सत्यनारायण भारद्वाज, अच्युतकांत जैन, डा. अशोक भास्कर, डा. गिरीराज भोजक, डा. मनीष भटनागर आदि तथा विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।[the_ad id=”771″][the_ad id=”1711″][the_ad id=”1665″][the_ad id=”1666″]

kalamkala
Author: kalamkala

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