लाडनूं नगर पालिका में आखिर यह क्या हो रहा है?- 8 लाडनूं के प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व के महत्वपूर्ण ‘माजीसा तालाब’ को बदल डालने को क्यों उतावली है नगर पालिका? परम्परागत जलस्रोत को खुर्द-बुर्द करने के लिए 3 करोड़ का प्रावधान, फिर बस स्टेंड व सुखदेव आश्रम के सौंदर्यीकरण के लिए क्या कर रही है नगरपालिका?

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लाडनूं नगर पालिका में आखिर यह क्या हो रहा है?- 8

लाडनूं के प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व के महत्वपूर्ण ‘माजीसा तालाब’ को बदल डालने को क्यों उतावली है नगर पालिका?

परम्परागत जलस्रोत को खुर्द-बुर्द करने के लिए 3 करोड़ का प्रावधान, फिर बस स्टेंड व सुखदेव आश्रम के सौंदर्यीकरण के लिए क्या कर रही है नगरपालिका?

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। पिछले दो साल से जावा बास स्थित प्राचीन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व के लाडनूं के एकमात्र पत्थर की मजबूत चिनाई के पक्के तालाब को लेकर न्यायालय में विवाद था। इस वाद में अस्थाई निषेधाज्ञा के लिए लगाए गए प्रार्थना पत्र को प्रथमदृष्टया किए गए मूल्यांकन में खारिज कर दिया। नगर पालिका इसमें 3 करोड़ रुपए खर्च करके मिट्टी भराई, प्रवेश द्वार व बगीचा बनाने पर आमादा थी, जिसमें से मिट्टी भराई का काम पूरा कर लिया गया। अब नगर पालिका इसकी निविदा के शेष रहे कार्यों में पालिका कोष के करीब तीन करोड़ रुपए खर्च करना चाहती है। हालांकि अभी तक इस मुकदमे का कोई निस्तारण नहीं हुआ है और मामले में साक्ष्य पेश किए जाने हैं, लेकिन केवल प्रार्थना पत्र निरस्त होते ही नगर पालिका उतावली हो गई है। जो नगर पालिका शहर की नाक बस स्टेंड, सुखदेव आश्रम जैन मंदिर आदि की सुध नहीं ले सकती और सौंदर्यीकरण को बिगाड़ने पर तुली हुई है, उसकी यह तत्परता अचरज भरी है। प्राचीन धरोहर के मूल स्वरूप को बदलने और परम्परागत जलस्रोत को समाप्त करने पर आखिर नगर पालिका क्यों तुली हुई है।

ईओ ने जारी की तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए यह प्रेस विज्ञप्ति

नगर पालिका की ओर से अधिशाषी अधिकारी जितेन्द्र कुमार मीणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लाडनूं की प्राचीन धरोहर परम्परागत जलस्रोत माजीसा के तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की है। ‘शहर के लिए खुश खबरी- माजीसा तालाब का होगा सौन्दर्यकरण’ इस शीर्षक से जारी इस घोषणा में बताया गया है कि नगर पालिका मण्डल, लाडनूं द्वारा वर्ष 2022 में माजीसा तालाब सौन्दर्यकरण का प्रस्ताव नगरपालिका मण्डल द्वारा दिनांक 12.08.2021 को पारित किया गया था। इसके उपरान्त सौन्दर्यकरण के लिए 3 करोड़ की डीपीआर बनाई गई थी। इसके लिए पालिका द्वारा निविदा सूचना सं. 07/2021-22 जारी की गई थी। इस कार्य के विरुद्ध एक जन-याचिका वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश लाडनूं में लगाई गई थी। न्यायालय द्वारा दिनांक 10.05.2022 को इस याचिका को अस्वीकार करते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में नगर पालिका की ओर से वकील अनवर खान ने पैरवी की थी तथा पालिका हित में याचिका को अस्वीकार करवाई थी।

तालाब को लेकर ईओ व चैयरमेन सहित 37 लोगों को बनाया पार्टी

जानकारी मिली है कि यह माजीसा तालाब का प्रकरण न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश लाडनूं में दीवानी वाद सर्वसाधारण की ओर से एडवोकेट नरेन्द्र भोजक पुत्र तेजकरण भोजक एवं पार्षद मुरलीधर सोनी पुत्र नवरंगलाल सोनी ने 37 जनों को प्रतिपक्ष बनाते हुए पेश किया था। इसमें अप्रार्थीगण में अध्यक्ष नगरपालिका मण्डल लाडनूं, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका लाडनूं तथा जावा बास लाड़नूं के निवासी आमीन खां पुत्र नब्बूखां, मोहम्मद बिलाल पुत्र अस्तअली खां, समसेर खां पुत्र याकुब खां, मुराद खां पुत्र अलीम खां, फेजुखां पुत्र इस्माईल खां, नसीर खां पुत्र सादुल खां, भंवरलाल पुत्र बद्रीदास स्वामी, समदर खां पुत्र हाकमअली खां, सहबाज पुत्र अनवर खां, गोरूखां पुत्र बाबुलाल, असलम खां पुत्र उम्मेदखां, न्याज खां पुत्र रमजान खां, हसन खां पुत्र हबीब खां, हसन खां पुत्र ईनायत खां, खालिद खां पुत्र याकुब खां, बाबुलाल पुत्र हीरालाल, भोपाल खां पुत्र असगर खां, आरीफ पुत्र जफरूदीन, आरीफ पुत्र आलम, अकरमखां पुत्र ताजुखां, मोनिस खां पुत्र शेर मोहम्मद खां और नवाब खां पुत्र बाबु खां, नसीर खां पुत्र उम्मेदखां, आरीफ खां पुत्र असगर खां, इमरान खां पुत्र भोपालखां, हुसैन खां पुत्र मुराद खां, तनवीरखां पुत्र मोहम्मद अली खां, आलम अली पुत्र सुभान जी, इमरान पुत्र समसुदीन , शाहरूख पुत्र समसुदीन, चांद मोहम्मद पुत्र नुर मोहम्मद, मो. हुसैन पुत्र चांद मोहम्मद, मोहम्मद सलीम पुत्र सदीक, गुलशेर खां पुत्र सवाई खां और शहरिया बास निवासी आरीफ खां पुत्र अलादीन खां शामिल हैं। इसमें प्रार्थी गण के अधिवक्ता मनीष शर्मा और अप्रार्थीगण के अधिवक्ता अनवर खान थे। इसमें आदेश दिनांक: 06.07.2024 के द्वारा प्रार्थी पक्ष की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र अन्तर्गत आदेश 39 नियम 1 व 2 सपठित धारा 151 दीवानी प्रक्रिया संहिता दिनांकित 10.05.2022 विरुद्ध अप्रार्थी पक्ष का निस्तारण किया जाता है।

लाडनूं के आमजन की ओर से नरेंद्र भोजक व मुरलीधर सोनी ने पेश किया वाद

इस वाद और प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि प्रार्थीगण ने अपने प्रार्थना पत्र में मुख्य रूप से कथन किया है कि कस्बा लाडनूं में हरिराम बाबा मन्दिर के पास प्राचीन माजीसा तालाब, जो जन आस्था का केन्द्र है एवं वर्षों से उक्त तालाब के पानी को पीने व पशुओं के पानी पीने के काम में लिया जाता रहा है, जिससे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है तथा तालाब के चिपता स्थित प्राचीन हरिराम बाबा का मन्दिर स्थित है, जिसमें दूरदराज से लोग आकर पूजा अर्चना करते हैं तथा तालाब में स्नान आदि करते है। दिनांक 17.01.2022 को कार्यालय नगरपालिका मण्डल लाडनूं के द्वारा ई-निविदा सूचना संख्या 7/2021-2022 में मद संख्या में हरिराम बाबा मन्दिर के पास माजीसा तालाब में मिट्टी भराई के लिए निविदा आमन्त्रित की गई, जिस पर प्रार्थीगण व कस्बे वासियों ने मौखिक रूप से अप्रार्थीगण को निवेदन कर उक्त प्राचीन ऐतिहासिक तालाब में मिट्टी भरने से मना करने का निवेदन किया व उक्त ई-निविदा को निरस्त करने का निवेदन किया, जिस पर अप्रार्थीगण ने यह आश्वासन दिया जन आस्था के प्रति प्राचीन तालाब में मिट्टी की भराई नहीं की जायेगी, लेकिन दिनांक 11.04.2022 को तालाब में ट्रेक्टर ट्रोलियों द्वारा मिट्टी की भराई ठेकेदार द्वारा शुरू करने पर प्रार्थीगण ने इस कार्य का अप्रार्थीगण के समक्ष विरोध किया व इस तालाब में भराई नहीं करने का विरोध किया, तब अप्रार्थीगण ने ऐलानिया धमकी दी कि यह तालाब तो मिट्टी से भराया जायेगा। इसके बाद अस्थाई निषेधाज्ञा के लिए यह वाद प्रस्तुत किया गया।

अप्रार्थीगण द्वारा अदालत में प्रस्तुत जवाब के तथ्य

इस वाद में अप्रार्थी संख्या 1 व 2 तथा 3 लगायत 37 ने प्रार्थना-पत्र में वर्णित तर्कों से असहमति जताते व खण्डन करते हुए अपने पृथक-पृथक परंतु समान आशय के जवाब प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर मुख्य रूप से कथन किया कि कस्बा लाडनूं मे हरिराम बाबा मन्दिर के पास प्राचीन माजीसा तालाब है, जो मन्दिर माजीसा तालाब के पास जन आस्था का केन्द्र है, जिसमें वार्ड के लोग आकर पूजा अर्चना करते है, लेकिन माजीसा तालाब के चारों तरफ आबादी विस्तार होकर पक्के मकान बन चुके हैं। बस्ती के बीच में आने से बस्ती का पूरा गन्दा पानी व शौचालय के नाले, बारिश का पानी इकट्ठा होता है। साथ ही मौहल्ले लोगों द्वारा इस तालाब में कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे बदबूदार पानी इकट्ठा होने से अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा हो रही है। बारिश के मौसम में बस्ती के लड़के नहाने के लिये माजीसा तालाब में चले जाते हैं, जिससे नहाने से दो-तीन बार दुर्घटना (मौत) हो चुकी है। इस पर नगरपालिका मण्डल ने अपनी बोर्ड मीटिंग (साधारण सभा) में बैठक दिनांक 12.08.2021 के प्रस्ताव में माजीसा तालाब का सौन्दर्यकरण करवाया जाने का निर्णय लिया था। नगरपालिका मंडल लाडनूं के द्वारा ई- निविदा सूचना संख्या 7/2021-22 हरीराम बाबा मंदिर के पास माजीसा तालाब में मिट्टी भराई व तालाब का सौन्दर्यकरण की निविदा सूचना निकाली। नगर पालिका माजीसा तालाब में पार्क व सौन्दर्यकरण करवाना चाहती थी। नगर पालिका मंडल ने अपने प्रस्ताव में माजीसा तालाब में जल संरक्षण के लिए प्रवेश द्वार एवं वहां पार्क विकसित कर सौन्दर्यकरण करवाने हेतु अनुमानित राशि 300 लाख प्रशासनिक एवं वितीय स्वीकृति प्रदान की थी।

मामले में न्यायालय का प्राथमिक दृष्टिकोण

न्यायालय द्वारा इस मामले में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनी गई। पत्रावली का गहनता से अवलोकन किया। कानूनी स्थिति देखी गई। पत्रावली में उपलब्ध मौका कमिश्नर रिपोर्ट देखने से प्रकट होता है कि तालाब के तीनों ओर बस्ती बसी हुई है तथा पूर्व दिशा की तरफ आम सड़क व हरिराम बाबा का मंदिर है। प्रार्थी के अधिवक्ता ने बहस में स्वीकार किया कि तालाब में आसपास की बस्ती के घरों का गंदा पानी छोड़ा जाता है। मौका कमिश्नर रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत फोटोग्राफ्स में तथाकथित तालाब में पानी भरा हुआ नजर नहीं आ रहा है। प्रार्थी पक्ष द्वारा तालाब के जन आस्था केन्द्र होने बाबत कोई फोटोग्राफ्स पेश नहीं किये गये। इस बाबत कोर्ट ने विस्तृत साक्ष्यों की आवश्यकता अनुभव की। जबकि तालाब के सौन्दर्यकरण के लिये 300 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। विवादित स्थल माजीसा तालाब बाबत कमिश्नर रिपोर्ट के अनुसार तालाब के तीन तरफ आबादी बस चुकी है। अप्रार्थी पक्ष का कथन है कि तालाब में नहाने से दो तीन मौतें हो चुकी। सभी को दृष्टिगत रखते हुए अस्थाई निषेधाज्ञा नहीं दिए जाने का आदेश न्यायालय ने 10.05.2022 को प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर खारिज कर दिया, लेकिन इस आदेश से तालाब सम्बंधी चल रहे मूल वाद अप्रभावी रहने के आदेश दिए गए। यह आदेश वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश लाडनूं डॉ. विमल व्यास ने दिनांक 06.07.2024 को लिखाया जाकर सुनाया।

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Author: kalamkala

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