मंगलपुरा ग्राम पंचायत के निवर्तमान सरपंच सहित पांच जनों ने धारण किया आमरण अनशन,
पिछले 35 दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन में नया मोड़, मंगलपुरा सहित छह गांवों को फिर से पंचायत में बहाल करने तक आमरण अनशन रहेगा जारी

लाडनूं (kalamkala.in)। ग्राम पंचायत मंगलपुरा को नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करने के विरोध में यहां उपखंड कार्यालय के सामने पिछले 35 दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन निरन्तर जारी है। सोमवार को धरनास्थल पर सभा को आयोजन किया गया और पांच जनों ने आमरण अनशन प्रारंभ किया। उपखंड अधिकारी मिथलेश कुमार ने धरनास्थल पर पहुंच कर ज्ञापन प्राप्त किया।
इन्होंने लिया आमरण अनशन
35 दिनों से चल रहे धरना और प्रदर्शन के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से कोई भी ठोस आश्वासन तक नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों का ग़ुस्सा परवान पर है। इसी के चलते अंततः सोमवार को ग्राम पंचायत के प्रशासक समेत पांच ग्रामीणों ने आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है। उन्होंने मंगलपुरा पंचायत को वापस पंचायत राज में बहाल किए जाने तक आमरण अनशन जारी रखने का फैसला किया है। आमरण अनशन पर बैठने वालों में ग्राम पंचायत के प्रशासक चंपालाल मेघवाल खुद शामिल हुए हैं, उनके साथ मदनलाल बेरा, बाबूलाल टाक, जगदीश बेरा और सुखराम चारण भी आमरण अनशन में शामिल हुए हैं। इसके अलावा धरनार्थियों ने घोषणा की है कि सरकार द्वारा उनकी बात नहीं माने जाने पर छहों गांवों के अन्य ग्रामीण भी धीरे-धीरे आमरण अनशन पर बैठ कर अनशनकारियों की संख्या बढ़ाते रहेंगे। सोमवार को धरनास्थल पर आयोजित सभा में सुमित्रा आर्य, जगदीश यायावर, बंशीधर सूईवाल, गिरधारी लाल सांखला, सुमेरमल इंदौरिया, मालचंद भाटी, जेपी टांक, चंपालाल भाटी, मुन्नालाल टाक, इंद्रजीत टाक, नवीन भाटी, बबलू टाक, विनय भाटी, रघुवीर दान चारण, कालूराम मेघवाल, दुर्गाराम, मोहनराम जानूं, भंवरलाल सारण, रुपाराम गोरा, ओमप्रकाश सैनी, विजय सिंह, शंकरदान चारण, आदि उपस्थित रहे।





