लाडनूं में पेयजल की भीषण समस्या को लेकर नागरिकों ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन,
दाधीच चौक व भूतोड़िया स्कूल क्षेत्र में 8 से 10 दिनों के अंतराल से मात्र 30 मिनट तक पानी देने का आरोप, 7 दिनों में समस्या का हल नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय दाधीच चौक व भूतोड़िया स्कूल के क्षेत्र वार्ड सं. 43 व पुराने वार्ड सं. 21 के निवासियों ने नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए यहां उपखंड कार्यालय पहुंच कर पेयजल आपूर्ति की भयावह स्थिति एवं प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में कलेक्टर के नाम का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि उनके क्षेत्र में पेयजल संकट एक विकराल समस्या बन चुका है। यहां विगत कई महीनों से पेयजल संकट की त्रासदी झेली जा रही है और लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में जब तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है, ऐसे समय में पानी की आपूर्ति 8-10के अंतराल से एक बार और वह भी मात्र 30 मिनट के लिए होती है। पानी भरते-भरते ही आपूर्ति बंद हो जाती है। इससे लोगों की जीवनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। अपने चार सूत्री ज्ञापन में नागरिकों ने प्रशासन को सुधार के लिए 7 दिनों का समय देते हुए बाद में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों को बताया दोषी
ज्ञापन में बताया गया है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारियों का रवैया उदासीन ही नहीं अमानवीय बना हुआ है। प्रतीत होता है कि जैसे वे जानबूझकर पूरे क्षेत्र को प्यासा मारने पर तुले हुए हैं। ज्ञापन में समस्याओं का विवरण करते हुए बताया गया है कि पानी की अनुपलब्धता में भीषण गर्मी में भी बच्चों, बूढों व महिलाओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों के नहाने-धोने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। इससे त्वचा रोग, फोड़े-फुंसी, खुजली, संक्रमण के खतरे के साथ कई घरों में बच्चे दस्त, बुखार और डिहाइडेशन जैसी बीमारियां हो रही है। जलदाय विभाग के अधिकारियों को फोन पर बताने, शिकायतें करने के बावजूद सिवाय आश्वासन मिले हैं, समाधान नहीं। विधायक और चेयरमैन नगर पालिका को अवगत करवाने पर भी वे सब भी मौन साधे बैठे हैं। उनके क्षेत्र में जल आपर्ति का समय निश्चित नहीं होने व अचानक पानी आने से लोगों को अपने कामकाज छोड़कर पानी आने का इंतजार करना पड़ता है। इससे कामकाजी लोगों को भारी परेशानी होती है एवं महिलाएं रसोई और घरेलू कार्य भी नहीं कर पातीं।
चार सूत्री मांगपत्र किया प्रस्तुत
ज्ञापन में नागरिकों ने अपनी 4 सूत्री मांगें प्रस्तुत करते हुए उनके निराकरण की मांग की है। इसके अनुसार वार्ड में जलापूर्ति नियमित और पर्याप्त मात्रा में तुरंत शुरू की जाए। जल वितरण की समय-सीमा बढ़ाकर कम-से-कम 2 घंटे प्रतिदिन की जाए। पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए पाइपलाइन मरम्मत व विस्तार एवं बूस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था की जाए। जलापूर्ति के लिए निर्धारित समय-सारणी घोषित की जाए एवं आपूर्ति प्रारम्भ किए जाने के 24 घंटे पूर्व व्हाट्सअप ग्रुप या सोशल मीडिया द्वारा लोगों को सूचित किया जावे, ताकि लोग अपने कार्य और दिनचर्या की योजना बना सकें।
सात दिनों का दिया समय
ज्ञापन में मूलभूत सुविधाओं के लिए लड़ने की नौबत नहीं आने देने एवं आगामी 7 दिवस के भीतर इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए, अन्यथा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन की प्रतियां केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री, मुख्यमंत्री महोदय एवं राज्य के
जल संसाधन मंत्री को भी भेजी गई है। ज्ञापन देने वालों में भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष चेतन भोजक, पार्षद लूणकरण शर्मा, सुरेश पारीक, रामनिवास पटेल, ललित वर्मा, सुधा पारीक, कुमकुम पारीक, गोरधन सोनी, महावीर आसोपा, निर्मल सोनी, नथमल शर्मा, दीनदयाल शर्मा, मदनलाल डोबा, डीपी दौलावत, बाबूलाल शर्मा, गीता डोबा, कैलाश सोनी, सरोज खटेड़, किरण शर्मा, अमन दाधीच, लक्ष्मीदेवी, अक्षय पाटोदिया, परमेश्वर लाल, शांतिलाल मणोत, राजकुमार जांगिड़, पूजा शर्मा, दर्शना शर्मा, प्राची जांगिड़, मदनसिंह, बनवारी दाधीच, दिनेश शर्मा, बनवारीलाल सोनी, संतोष शर्मा, शारदा शर्मा, नथमल सूंटवाल, भवानी स्वामी, जेठमल घोड़ेला, ताराचंद वर्मा, लक्ष्मण स्वामी, रितेश प्रजापत, पूसराज प्रजापत आदि शामिल रहे।







