लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा के लिए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति,
राजस्थानी में बीए, एमए व पीएचडी में प्रवेश जारी हैं
लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थानी भाषा में रेगुलर बीए, एमए करने पर स्प्रिंगबोर्ड कोचिंग के फाउंडर राजवीर सिंह चलकोई की संस्था चलकोई फाउंडेशन द्वारा स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। राजवीर सिंह ने बताया कि बीकानेर, जोधपुर व उदयपुर के बाद अब लाडनूं में भी राजस्थानी भाषा के रेगुलर कोर्स करवाए जा रहे हैं और वर्तमान में प्रवेश जारी है। लाडनूं के जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा में बीए, एमए ओर पीएचडी में प्रवेश दिया जा रहा है। इनमें जो एमए प्रीवियर्स में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों की फीस चलकोई फाउंडेशन द्वारा दी जाएगी। उन्होंने जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय लाडनूं के प्रति राजस्थानी भाषा में नियमित अध्ययन-अध्यापन शुरू करवानै के लिए आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि जैन संत, मुनि व आचार्यों ने हमेशा राजस्थानी भाषा के विकास के लिए काम किया है। उन्होंने साहित्य सृजन कर राजस्थानी भाषा को समृद्ध बनाया और अब जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय इस काम को आगे बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में राजस्थानी साहित्य में रेगूलर बैचलर, मास्टर डिग्री और पीएचडी की डिग्रियों के कोर्स करवाए जाते हैं। वर्तमान में राजस्थानी साहित्य में रेगुलर बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री या पीएचडी करने के लिए प्रवेश दिए जा रहे हैं। प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी जैन विश्वभारती यूनिवर्सिटी में संपर्क कर सकते हैं और साथ ही छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकते हैं।






