लाडनूं की काजल सोनी बनी खेलो इंडिया पश्चिम क्षेत्र योगासन जोनल लीग की निर्णायक, लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय की छात्रा रही काजल सोनी योग क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर छायी

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लाडनूं की काजल सोनी बनी खेलो इंडिया पश्चिम क्षेत्र योगासन जोनल लीग की निर्णायक,

लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय की छात्रा रही काजल सोनी योग क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर छायी

लाडनूं (kalamkala.in)। जिले के लिए यह गर्व और सम्मान का विषय है कि स्थानीय योग प्रशिक्षक काजल सोनी का चयन खेलो इंडिया पश्चिम क्षेत्र योगासन जोनल लीग में निर्णायक (जज) के रूप में किया गया। यह त्रिदिवसीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में आयोजित की गई, जिसमें काजल सोनी ने अपनी उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता, अनुभव और निष्पक्ष निर्णय क्षमता से खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सटीक मूल्यांकन किया। पश्चिम क्षेत्र योगासन जोनल लीग में देश के आठ राज्यों की महिला एथलीटों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों में प्रतिभागियों ने योगासन की बारीकियों का प्रदर्शन किया, जिसका मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया।काजल सोनी ने योगासन की तकनीक, संतुलन, शुद्धता और प्रस्तुति के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उल्लेखनीय है कि काजल सोनी लाडनूं तहसील के मिंडासरी गांव की निवासी हैं तथा उसने लाडनूं के जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय से योग एवं जीवन विज्ञान विषय में एम.ए. किया था। इस विश्वविद्यालय से योग शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके बहुत से युवक-युवती राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके हैं और यहां के करीब 21 विद्यार्थियों ने योग प्रदर्शन में विश्व-रिकॉर्ड भी कायम किए हैं। यहां की छात्रा रह चुकी काजल सोनी ने पूर्व में भी विभिन्न विद्यालयों, संस्थानों एवं प्रशिक्षण शिविरों में योग प्रशिक्षण प्रदान किया है। योग के क्षेत्र में उनका दीर्घ अनुभव, निरंतर अभ्यास और सतत प्रशिक्षण ही उनके इस राष्ट्रीय स्तर के चयन का प्रमुख आधार रहा। ‘खेलो इंडिया’ जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर निर्णायक के रूप में उनका चयन लाडनूं सहित पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। स्थानीय खेल एवं योग प्रेमियों ने काजल सोनी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उनका चयन यह दर्शाता है कि छोटे गांव-शहरों से भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाकर देश का नाम रोशन किया जा सकता है।

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Author: kalamkala

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