महापुरुषों के संदेश, तप-त्याग का बल दुनिया के कोने-कोने में पहुंचने पर सर्वत्र शांति संभव- मनिंदरजीत सिंह बिट्टा,
बिट्टा ने लाडनूं में उत्तरांचल युवा सम्मेलन में लिया भाग, शहीद अंशु राठौड़ के परिजनों से मिले, सालासर बालाजी के किए दर्शन



लाडनूं (kalamkala.in)। जेड सुरक्षा प्राप्त ऑल इंडिया एंटी टैरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा अपने एक दिवसीय दौरे पर लाडनूं पहुंचे। वे नई दिल्ली से जोधपुर सुपरफास्ट ट्रेन से लाडनूं पहुंचे। लाडनूं में जैन विश्व भारती में आचार्य श्री महाश्रमण के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित उत्तरांचल युवा सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन में अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि महापुरुषों के प्रवचन, महापुरुषों के तप और त्याग जिस दिन दुनिया के कोने-कोने में पहुंच जाएंगे, सही मानना उस दिन इन महापुरुषों की कृपा से मानवता का कत्लेआम नहीं होगा। छोटे सा विचार व्यक्ति में बहुत बदलाव ला सकता है। परोपकार कुछ भावना का विचार व्यक्ति को महापुरुषों से ही मिलता है। जीओ और जीने दो का नारा देने वाले महात्मा तपती धरती पर नंगे पांव चलते हैं। वे अपने पैर के नीचे आकर कोई कीड़े तक को नहीं मरने देते। बिट्टा ने कहा कि जैन धर्म के महापुरुषों के चरणों में, उनके आदर्शों में मैं अपना जीवन दे चुका हूं। मुझे जो भी महापुरुष मार्ग में मिले, उन्होंने यहां लाडनूं की जैन विश्व भारती में ही तप किया होता है। मैं उनके सम्मान में अपने काफिले को रोक कर उनके दर्शन करता हूं। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि उनकी इच्छा है कि जब भी जिस किसी तरीके से उनकी मौत आए, तो उन्हें यहां लेकर आना है, ताकि भगवान महावीर के उपदेशों के प्रभाव से मेरी आत्मा को शांति मिले।
सम्मेलन के संभागी युवाओं ने गीत का संगान किया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन माण्डोत ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी।
आचार्य श्री महाश्रमण के दर्शन कर लिया आशीर्वाद
इस दौरान अखिल भारतीय आतंकवादी विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा ने आचार्यश्री महाश्रमण के दर्शन-वंदन किया और उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ से सम्बंधित सभी सभा-संस्थाओं के पदाधिकारी, श्रावक-श्राविकाएं, साधु-साध्वियां आदि उपस्थित रहे।
बिठुड़ा गए बिट्टा और सालासर में किए बालाजी के दर्शन
कार्यक्रम के बाद एम. एस. बिट्टा बिठुड़ा में दिवंगत लेफ्टिनेंट अंशु राठौड़ के परिजनों से मिले और फिर सालासर बालाजी के दर्शन करने पहुंच गए। सालासर से वापस आने के बाद वे लाडनूं रेलवे स्टेशन से सराय रोहिल्ला दिल्ली के लिए ट्रेन से प्रस्थान किया ।बिट्टा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लाडनूं में पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा की समग्र देखरेख में पुलिस उप अधीक्षक जितेंद्र सिंह चारण, लाडनूं थानाधिकारी शिंभुदयाल मीणा, डीडवाना थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह कमांडो, निम्बी जोधां थानाधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत आदि अधिकारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।







