लाडनूं-डीडवाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई:
लॉरेंस-गोदारा गैंग के 3 गुर्गे लाडनूं से गिरफ्तार, संगठित अपराध पर लगेगी लगाम,
रोहित गोदारा, वीरेन्द्र चारण व राहुल रणाउ एवं उनकी गैंग के सदस्यों के विरुद्ध पुलिस थाना कुचामनसिटी, मकराना, परबतसर एवं लाडनूं में पृथक-पृथक प्रकरण दर्ज
लाडनूं,/ डीडवाना (kalamkala.in)। जिला पुलिस ने संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुख्यात रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में 4 नए मामले दर्ज किए गए हैं। संगठित अपराधिक गैंग्स के विरूद्ध यह प्रभावी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए इन रोहित गोदारा व वीरेन्द्र चारण गैंग के तीनों सक्रिय सदस्यों के विरूद्ध 4 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन गैंगस्टर्स के गुर्गों के विरूद्ध बीएनएस की धारा-111 में कार्रवाई की गई है तथा पुलिस थाना कुचामनसिटी, मकराना, परबतसर व लाडनूं पर प्रकरण दर्ज किए जाकर गैंग के 3 सदस्यों के गिरफ्तार किया गया है। संगठित गैंग के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अनुरूप की गई यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ।
लाडनूं वृत के इन तीन लोगों को पुलिस ने दबोचा
जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) के निर्देशन में संगठित आपराधिक गैंग के सक्रिय सदस्यों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन 3 आरोपियों गोपालदान (22) पुत्र जगदीशदान चारण, निवासी मालासी पुलिस थाना लाडनूं, लिखमाराम उर्फ विकम (28) पुत्र भंवराराम मेघवालनिवासी मालासी पुलिस थाना लाडनूं एवं विकास उर्फ धन्नाराम (30) पुत्र नारायणराम जाट निवासी बल्दू पुलिस थाना निम्बीजोधा को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला पुलिस डीडवाना-कुचामन द्वारा रोहित गोदारा, वीरेन्द्र चारण व राहुल रणाउ एवं उनकी गैंग के सदस्यों के विरुद्ध पुलिस थाना कुचामनसिटी, मकराना, परबतसर एवं लाडनूं पर पृथक-पृथक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस सम्बन्ध में 21 अप्रेल को सहायक उप निरीक्षक नाथूराम मेघवाल को आसूचना संकलन के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि वीरेन्द्र चारण गैंग के सक्रिय सदस्य, पूर्व में दर्ज आपराधिक प्रकरणों के सह-अपराधियों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाकर व्यापारियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने के प्रयास कर रहे हैं। वीरेन्द्र चारण, जो वर्तमान में विदेश में रह रहा है, के नाम से विदेशी नंबरों के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल एवं ऑडियो भेजकर थाना क्षेत्र में निवासरत एक व्यापारी से फिरौती की मांग की गई तथा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।पूर्व में भी वीरेन्द्र चारण द्वारा धमकी के बाद फिरौती नहीं देने पर स्थानीय व्यापारी की हत्या अपने गुर्गों के माध्यम से करवाई गई थी। उक्त गैंग द्वारा स्थानीय व्यापारियों/ व्यक्तियों द्वारा रंगदारी नहीं देने पर प्रतिष्ठानों पर फायरिंग करना अथवा हत्या जैसी गंभीर वारदात कर समाज में भय का वातावरण उत्पन्न किया जाता है। इस संबंध में प्रकरण संख्या 52/2026 धारा 111(2), 111(3), 111(4) बीएनएस में दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
रैकी कर विदेश बैठे सरगना को पहुंचाते थे सूचनाएं
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि जिले में फिरौती और रंगदारी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया था। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सहायता से इन गुर्गों को दबोचा गया। खास बात यह है कि इस बार पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत कठोर कार्रवाई की है।पुलिस के अनुसार, वांछित अपराधी वीरेंद्र चारण, जो वर्तमान में विदेश में बैठकर अपनी गतिविधियां चला रहा है, स्थानीय व्यापारियों को व्हाट्सएप कॉल और ऑडियो संदेश के जरिए जान से मारने की धमकी देकर फिरौती मांग रहा था। गिरफ्तार आरोपी गोपालदान, लिखमाराम और विकास स्थानीय स्तर पर संपन्न व्यापारियों और व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी जानकारी (रेकी) गैंग लीडर तक पहुँचाते थे।पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो लोग इन अपराधियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान करते हैं, शरण देते हैं या उनके लिए आर्थिक संसाधन जुटाते हैं, उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाएगा। फिलहाल कुचामन सिटी, मकराना, परबतसर और लाडनूं पुलिस इन मामलों की गहनता से जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
जेडीजे ज्वैलर्स पर फायरिंग के आरोपी रह चुके ये गिरफ्तार मुलजिम
इस सम्बन्ध में की गई कार्रवाई में जिले में फिरौती मांगने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा विशेष टीम का गठन कर तकनीकी एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से सूचना संकलन कर गैंग के सदस्यों की पहचान की गई तथा उन्हें गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा स्वीकार किया गया कि ये वीरेन्द्र चारण व अन्य गैंग सदस्यों के संपर्क में रहकर धनाढ्य व्यक्तियों की पहचान कर गैंग लीडर तक जानकारी पहुंचाते थे। गैंग द्वारा व्हाट्सएप कॉल एवं वॉइस रिकॉर्डिंग के माध्यम से धमकी देकर फिरौती की मांग की जाती थी। गिरफ्तार आरोपी गोपालदान एवं लिखमाराम पूर्व में जेडीजे ज्वैलर्स, सुजानगढ़ में फायरिंग प्रकरण में भी चालानशुदा हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है तथा प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। इन चारों प्रकरणों में गैंग के सक्रिय सदस्यों के साथ-साथ उनके सहयोगी, सहायता प्रदान करने वाले, शरण देने वाले एवं आपसी कॉम्युनिकेशन / कनेक्टिविटी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अनुसंधान के दौरान गैंग के सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उन्हें चिन्हित किया जा रहा है तथा उनके विरुद्ध नए कानूनों के तहत प्रभावी विधिक कार्रवाई की जा रही है। इन प्रकरणों में सूचीबद्ध / चिन्हित किए गए सदस्यों के विरुद्ध दो या दो से अधिक प्रकरण पंजीबद्ध है एवं इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है।




