सरफराज हत्याकांड में पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा, एक गिरफ्तार और 3 नाबालिग निरुद्ध किए,
रंजिश के चलते आरोपियों ने सुजला चौराहे पर घेर कर घोंपे थे चाकू
लाडनूं (kalamkala.in)। सुजला चौराहे पर हुई चाकूबाजी और हत्या के प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी शाहिद को गिरफ्तार है तथा वारदात में शामिल विधि से संघर्षरत तीन बालकों को निरूद्ध किया है। इन सभी आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते चाकू से गोद कर युवक की हत्या कर दी थी।इस वारदात को लेकर 24 अप्रेल को लाल मोहम्मद ने पुलिस को लाडनूं के राजकीय चिकित्सालय पर रिपोर्ट दी कि उसके भतीजे की अरबाज दईया व उसके दोस्तों से रंजिश चल रही थी। उसका भतीजा 23 अप्रेल को रात्रि 10.30 बजे करीब जसवन्तगढ दावत में गया हुआ था। दावत से आते समय जब भतीजा सुजला चौराहे पर पहुंचा तो अरबाज व उसके दोस्तों ने चाकुओं से हमला कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। इस रिपोर्ट पर मुकदमा नं. 38 अंतर्गत धारा 103 (1) 3 (5) बीएनएस में दर्ज किया गया और प्रकरण की जांच जसवंतगढ थानाधिकारी राजेश कुमार पुलिस निरीक्षक द्वारा शुरू की गयी।
इस पुलिस टीम ने की त्वरित कार्रवाई
इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) के निर्देशन में डीडवाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा तथा लाडनूं वृताधिकारी जितेन्द्र सिंह चारण के निकटतम सुपरविजन में जसवंतगढ पुलिस थाने के थानाधिकारी राजेश कुमार (पुलिस निरीक्षक) ने मय जाप्ता हत्या के इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की। इसके लिए एक पुलिस टीम का गठन कर आसूचना संकलन, सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण एवं तकनीकी सहायता से आरोपियों को चिह्नित कर एक आरोपी शाहिद को गिरफ्तार व वारदात में शामिल तीन नाबालिक बालकों को निरूद्ध कर हत्या के प्रकरण का तुरन्त खुलासा किया गया। घटना में उपयोग में लिया गया चाकू तथा एक मोटरसाईकिल व एक स्कूटी को जब्त किया गया है। इसके लिए गठित टीम में थानाधिकारी राजेश कुमार (पुलिस निरीक्षक) के साथ लाडनूं थानाधिकारी शिम्भुदयाल मीणा मय जाप्ता लाडनूं थाना के और जसवंतगढ़ के सहायक उप निरीक्षक ईकबाल खां, एएसआई परमाराम, एएसआई अनिल कुमार तथा साइबर सैल डीडवाना के प्रभारी एएसआई प्रेमप्रकाश व कांस्टेबल रवि बारूपाल एवं जसवंतगढ थाने के हेड कांस्टेबल पवन कुमार, एचसी सुखाराम, कांस्टेबल मुकेश, चन्द्रकान्त, मुकेश, सुखेन्द्र सिंह,जयसिंह, लीलाधर और राम सिंह शामिल रहे।




