लाडनूं के दुर्जनसर तालाब ने लील ली एक और जिंदगी, प्रशासन के खिलाफ हुआ लोगों में रोष, बस्ती के बीच असुरक्षित व गहरा तालाब बना साक्षात् खौफ, तारबंदी या चारदीवारी जरूरी

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लाडनूं के दुर्जनसर तालाब ने लील ली एक और जिंदगी, प्रशासन के खिलाफ हुआ लोगों में रोष,

बस्ती के बीच असुरक्षित व गहरा तालाब बना साक्षात् खौफ, तारबंदी या चारदीवारी जरूरी

लाडनूं (kalamkala.in)। शहर के मगरा बास क्षेत्र में आबादी के बीच स्थित काफी गहरा तालाब ‘दुर्जनसर तालाब’ है, जो आज तक अनेक जिंदगियां लील चुका है। सोमवार को भी इसने एक बालक की जान ले ली। प्रशासन को अविलम्ब इस दिशा में ध्यान देकर इसका पुख्ता बंदोबस्त करना चाहिए कि आइंदा कभी को हादसा फिर नहीं होने पाए। यहां पहले चांदमल गुर्जर, गिरधारीदान चारण, कमला बावरी सहित कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार तालाब की तारबंदी व भराव कराने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब इस मासूम की मौत की घटना के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

एक बालक को फिर लील गया यह दुर्जनसर तालाब

यही मगरा बास का दुर्जनसर तालाब एक बार फिर हादसे का कारण बन गया। सोमवार दोपहर में एक 8 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष भी देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार महादेव (8) पुत्र आनंद सोनगरा अपनी छोटी बहन मानसी व रुद्रा के साथ खेलते हुए तालाब के पास पहुंचा था। इस दौरान महादेव ने स्नान करने के लिए कपड़े उतारकर तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन वह वापस बाहर नहीं आ पाया। इससे साथ के दोनों बच्चे घबरा गए और उन्होंने घर जाकर अपनी दादी भंवरी देवी को सूचना दी। दादी मौके पर पहुंची, तो तालाब किनारे उसके कपड़े पड़े मिले, लेकिन महादेव नजर नहीं आया। इस हादसे की सूचना मोहल्लेवासियों ने पुलिस व प्रशासन को दी।

पुलिस ने गोताखोर लगा कर निकलवाया बालक के शव को

हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर तत्काल एसआई राजेंद्र गिला और एएसआई नाथूराम कुराड़ा पुलिस टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बालक को बाहर निकालने के लिए स्थानीय तैराकों की मदद ली । तैराक गोताखोर भंवर सिंह राजावत व लक्ष्मण परिहार ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस बालक को तालाब से बाहर निकाला और तुरंत उसे यहां राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उप निरीक्षक राजेन्द्र गिला और सहायक उप निरीक्षक नथुराम ने मौके पर पड़ौसियों की मदद से उसे बाहर निकाला। फिर निजी वाहन की सहायता से उसे लाडनूं के सरकारी अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक महादेव उर्फ चीकू के पिता आनंद सोनगरा पुत्र कैलाशसिंह जाति ढोली ने पुलिस को इस हादसे की रिपोर्ट दी और मोर्चरी में रखवाए गए शव का पोस्टमार्टम करवाया जाकर पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द किया।

सुध नहीं लेने पर प्रशासन के प्रति लोगों में गहरा रोष

बताया जा रहा है कि मृतक महादेव अपने पिता का इकलौता पुत्र था तथा सुभाष बोस स्कूल में अध्ययनरत कक्षा 4 का विद्यार्थी था। उसके पिता आनंद सोनगरा अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस तालाब में बार-बार हो रहे हादसों के कारण क्षेत्रीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।मोहल्लेवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से तालाब को मिट्टी भरवाकर समतल करने या कम से कम तारबंदी कर सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका व प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस हादसे के बाद काफी जनाक्रोश सामने आया। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सूचना पर तहसील कार्यालय से पटवारी किशनाराम व नगर पालिका से लेखाकार राजेंद्र सिंह पंवार मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस तालाब को सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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Author: kalamkala

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