जहां भी लगते हैं, क्यों नासूर बन जाते हैं ये ठेले?
पुलिस चौकी व एटीएम की गली में मुसीबत बन चुके यहां लगे सब्जी के ठेले,
शीघ्र हटवाए पालिका और पुलिस प्रशासन, लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

लाडनूं (kalamkala.in)। शहर में नगर पालिका ने राहूगेट और बस स्टेंड क्षेत्र में हाथ-ठेलों पर सब्जी बेचने वालों के लिए कोई भी स्थान निर्धारित नहीं किए जाने से वे यातायात की आवाजाही और आम लोगों के रास्ते से गुजरने तक के लिए समस्या बने हुए हैं। जैन भवन व सार्वजनिक कबूतरखाने के सामने खड़े होने वाले इन ठेलों को लेकर कई बरसों तक विरोध चलता रहा और उसके बाद इनको वहां से हटाया गया तथा पीएनबी एटीएम और पुलिस चौकी की गली में इनके ठेले लगाए गए, लेकिन यहां तो ये और अधिक विकराल समस्या बन गए। यह मार्ग एक संकड़ा रास्ता है और इधर से सभी तरह के दुपहिया और चौपहिया वाहन दिन भर गुजरते रहते हैं। यहां पैदल आवागमन करने वालों की तादाद भी काफी रहती है। इस संकड़े मार्ग पर इन ठेलों की कतारें लग जाने से ये अब पहले से बड़ी समस्या निर्मित कर रहे हैं। इनके द्वारा सड़ी-गली सब्जी को गली में ही फेंक दिए जाने और वहां सांड आदि पशुओं के कारण भी महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व अन्य लोगों को भारी समस्या पैदा होती है। यहां इस समस्या से परेशान लोगों ने नगर पालिका लाडनूं के अधिशाषी अधिकारी को लिखित ज्ञापन भी देकर इस पुलिस चौकी लाईन में ये सभी अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।
तीन-चार दिनों के लिए लगे ठेलों का हुआ स्थाई कब्जा
नागरिकों ने लिखा है कि राहुगेट स्थित पुलिस चौकी के पास एटीएम के सामने प्रशासन की सहमति से जो सब्जी के ठेले अस्थाई रूप से मात्र 3-4 दिन के लिए लगवाने की बात हुई थी। वे सब लम्बे समय बाद भी वहां से नहीं हटे है और वहीं जमे रह कर सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है। इस गली में इलेक्ट्रिक मार्केट व होटल स्थित है एवं अन्य व्यवस्थित दुकानें भी हैं। लेकिन इन ठेले वालों की वजह से यातायात व लोगों का आवागमन बाधित रह रहा है। यहां इनके कारण रोज के लड़ाई-झगडे़ भी होते रहते है। इस मार्ग में पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम लगा हुआ है, जिस पर लोग पैसे निकालने आते थे, लेकिन अब ऐसी स्थिति के चलते इस एटीएम पर आने वालो को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है व कुछ लोग तो बिना विड्रो के ही चले जाते है और अपने काम के लिए अन्य एटीएम ढूंढते है।
बाइक तक खड़ी नहीं कर सकते एटीएम के आगे
नागरिकों ने लिखा है कि यहां ठेले वालों के कारण पीएनबी के एटीएम में आने वाले अपने वाहन कोई मोटर साईकिल वगैरह भी एटीएम के सामने और आसपास भी खड़ा नहीं कर सकते हैं। इनके अलावा गली में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों के यहां आने-जाने वाले वाहनों का आवागमन भी बन्द हो गया है, जिससे उन लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां आसपास के क्षेत्र के लिए खाने-पीने की बढिया होटल भी एक ही है, जिसके लिए यही मुख्य रास्ता है, लेकिन ठेले वालों की वजह से लोगो को पहुंचने व आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। क्यों की उस गली में वाहन नहीं आ जा सकता।
अश्लील व द्विअर्थी अभद्र भाषा से महिलाएं व लड़कियां आहत
नागरिकों ने बताया है कि शहर का मुख्य आबादी क्षेत्र बड़ा बास, जावा बास, मगरा बास, नाईयों का बास इसी रास्ते से होकर जाते है। क्षेत्र के सबसे बड़ा सरकारी हॉस्पीटल का मुख्य रास्ता भी यही है। ठेले वालों की अतिक्रमण के कारण मरीजों के वाहन व एम्बुलेंस निकलने का रास्ता है बन्द हो गया है। शहर के सरकारी छात्रावास कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास आदि की छात्राओं का आवागमन इसी मार्ग से दिन में दो बार होता है। इन ठेले वालों की अभद्र भाषा, अश्लील गाली-गलौच व डबल मिनिंग शब्दों का इस्तेमाल होने से छात्राओं के मन-मस्तिष्क पर गलत प्रभाव पड़ता है। इन लोगों के कारण महिलाओं व लड़कियों ने इस रास्ते से आना-जाना तक छोड़ दिया है। यहां ठेले वालों के गाली गलौच व गन्दे शब्दों का उपयोग सबको परेशान, शर्मिंदा और अपमानित करता है। इस गली में अनेक रहवासी मकान भी हैं। यहां लगे इन ठेलों के कारण सामने ही स्थित चांद चौहान दर्जी व अशोक जैन के घरों की महिलाएं बाहर निकलने से भी कतराती है और घरों में कैद होने के मजबूर हो गयी।
शीघ्र हटवाएं ठेले, नहीं तो आंदोलन
नागरिकों ने इस अतिक्रमण को तत्काल हटवाया जाकर समस्या बन चुके इन ठेलों का समाधान किया जाने की मांग करते हुए अन्यथा आन्दोलन करने पर विवश होना पड़ने की चेतावनी भी दी है। इस पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही के लिए उपखण्ड अधिकारी, थानाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक व जिला कलेक्टर को भी भिजवाई गई है।





