आर्य समाज वेद, राष्ट्र और महर्षि दयानंद को समर्पित विश्वव्यापी संगठन, इसकी मुहिम को आगे बढाएं- देवेन्द्र शास्त्री,
आर्य उप प्रतिनिधि सभा की नागौर व डीडवाना-कुचामन जिलों की बैठक आयोजित, आर्य-विरोधी कार्य करने वालों के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित








लाडनूं (kalamkala.in)। आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के उप प्रधान देवेन्द्र शास्त्री ने कहा है कि आर्य समाज वेद, राष्ट्र और महर्षि दयानंद को समर्पित विश्वव्यापी संगठन है। प्रत्येक आर्य को इसकी मुहिम को आगे बढाना चाहिए। वे यहां आर्य समाज मंदिर लाडनूं में आयोजित आर्य उप प्रतिनिधि सभा नागौर व डीडवाना-कुचामन जिला की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी लोग आर्य समाज में घुस जाते हैं और फिर संस्था में विवाद पैदा कर उसे बदनाम करते हैं। ऐसे लोगों की छंटनी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के किसी भी किराएदार या लाभार्थी को यहां पदाधिकारी या कार्यकारिणी सदस्य नहीं बनाया जाना चाहिए। ऐसे लोग केवल अपनी स्वार्थपूर्ति में लगे रहते हैं। इन लोगों से सतर्क रहें। बैठक में प्रारम्भ में आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान गजेन्द्र परिहार ने दोनों जिलों की सभी आर्य समाजों से आए पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आर्य उप प्रतिनिधि सभा की जिलों में अब तक आयोजित गतिविधियों की पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में देवेन्द्र शास्त्री व गजेन्द्र परिहार के अलावा मोहनलाल दिलोया, मुनि ओमदास, जगदीश यायावर, सीताराम तांडी, जवाहर लाल वैष्णव, सुरेंद्र सिंह, भूरा राम आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में मुख्य रूप से आर्य समाज लाडनूं से सम्बंधित विवाद और उसको को निपटाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया तथा इससे सम्बंधित प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान, जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा और आर्य समाज लाडनूं की ओर से संयुक्त रूप से दो पूर्व पदाधिकारियों के विरुद्ध उनके गलत कार्यों व नीतियों को लेकर सर्व सम्मति से निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बुलाया गया फिर भी नहीं आए
लाडनूं आर्य समाज में आयोजित इस आर्य प्रतिनिधि सभा एवं आर्य उप प्रतिनिधि सभा जिला नागौर व कुचामन-डीडवाना की संयुक्त बैठक में दोनोन जिलों की सभी आर्य समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में सभी ने मिल कर जो प्रस्ताव पारित किए। उससे पहले तय किया गया कि आर्य समाज लाडनूं के विवाद में जो भी पक्ष रहे हैं, उनको इस सभा में बुलाया जावे, जिससे वे भी अपना पक्ष रख सकें और उनको भी सुनने का अवसर दिया जा सके। इनमें नोपाराम आर्य तंवरा, प्रेम प्रकाश आर्य, यशपाल आर्य, सुखवीर आर्य को व्यक्तिगत रूप से सूचना दी गई और फोन पर भी बात की गई। नागौर आर्य समाज के प्रधान सीताराम तांडी, नागौर आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान गजेंद्र परिहार, आर्य समाज लाडनूं के कोषाध्यक्ष मेघाराम, प्रधान जगदीश यायावर एवं अन्य पदाधिकारी गण द्वारा उनसे आने के लिए निवेदन भी किया गया था, लेकिन वे नहीं आए। तब सभा में उपस्थित सभी जनों से किसी को उनकी तरफ से पक्ष रखने के लिए कहा गया, लेकिन मीटिंग में उपस्थित एक भी आर्यजन इन अनुपस्थित लोगों का पक्ष रखने से तैयार नहीं हुआ, सबने इनकार कर दिया। इसके बाद सबने एक-एक कर अपने विचार प्रस्तुत किए।
आर्य समाज से निष्कासित करने का प्रस्ताव
वक्ताओं ने बैठक में बोलते हुए बताया कि आर्य समाज लाडनूं के सम्बंध में न्यायालय में चल रहे विवादों का निपटारा शांतिपूर्वक एवं न्यायपूर्वक आपसी समझाइश से करवाने के लिए प्रयास किया गया, लेकिन अब तक के सभी प्रयास विफल रहे हैं। सभी ने यह प्रस्ताव रखा कि आर्य समाज के कंटक, जो आर्य समाज को हानि पहुंचा रहे हैं और आर्य समाज को न्यायालय में घसीट रहे हैं और आर्थिक रूप से और सामाजिक रूप से आर्य समाज को बहुत अधिक हानि पहुंचा रहे हैं, उन पर कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए और विधि सलाहकार से सलाह लेकर उन पर कार्यवाही की जानी चाहिए। इसके बावजूद भी अगर वे इसे बाज नहीं आते हैं, तो उनको आर्य समाज की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने की कार्यवाही की जानी चाहिए।
करवाई जाएंगी सभी दुकानें और बैंक परिसर खाली
बैठक में बताया गया कि आर्य समाज लाडनूं का संपूर्ण परिसर आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान जयपुर के नाम से स्वत्व पत्र रजिस्टर्ड है। यानी कि आर्य समाज लाडनूं की जमीन और संपूर्ण परिसर का मालिकाना हक आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान जयपुर का ही है। बाद में विभिन्न पदाधिकारियों ने बैंक से लोन प्राप्त करने आदि के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए मिलते-जुलते अन्य नाम से संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाया गया। आर्य समाज लाडनूं और आर्य समाज संस्थान लाडनूं आदि के नाम से मैनिपुलेशन किया गया। इस पर सभी उपस्थित आर्य जनों ने यह प्रस्ताव रखा कि सिर्फ आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान जयपुर ही यहां का नियंत्रण संभालें और सभी कार्य न्यायपूर्वक उन्हीं के अधीन विधि सलाहकार की सलाह से ही समस्त कार्यवाही की जाए। आर्य समाज के भवन के 90 साल से अधिक पुराने और जर्जर होने तथा कभी भी जन-धन की हानि होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में समस्त दुकानों और बैंक परिसर को खाली करवाने की आवश्यकता भी बताई गई। इस पर आर्य प्रतिनिधि सभा की सहमति से स्थानीय पदाधिकारियों को विधि सलाहकार से परामर्श लेकर कार्यवाही शुरू किया जाना तय किया गया।
नोपाराम के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित
आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान गजेन्द्र परिहार ने बताया कि नोपाराम पूर्व प्रधान ने आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान को पत्र लिखा कि आर्य उप प्रतिनिधि सभा जैसी कोई संस्था होती ही नहीं है, जबकि इन्हीं के द्वारा आर्य उप प्रतिनिधि सभा के चुनाव की कार्यवाही नागौर आर्य समाज में उन्हीं के हाथों से कार्यवाही लिखी गई और जगह-जगह आर्य उप प्रतिनिधि सभा की मीटिंग में सहमति प्रदान करते हुए हस्ताक्षर किए हैं। इसे सभी उपस्थित लोगों द्वारा अनुचित और आर्य समाज के नियमों-सिद्धांतों के विपरीत होने व असत्य आचरण के साथ सम्पूर्ण आर्य उप प्रतिनिधि सभा की अवमानना, अवहेलना होने से निंदनीय बताया गया। बैठक में विभिन्न लोगों ने बताया कि नोपाराम एवं प्रेम प्रकाश आर्य व अन्य द्वारा मिल कर आर्य समाज लाडनूं से अपने पदों से हट जाने के बावजूद लाडनूं के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से एक लाख रूपए निकाल लिए गए और उन पैसों को खुर्दबुर्द कर आर्य समाज को हानि पहुंचाई है। साथ ही आर्य समाज लाडनूं को कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंसा कर पैसों का दुरुपयोग किया गया है। इस पर बैठक में नोपाराम के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रेम प्रकाश आर्य के विरुद्ध किया निंदा प्रस्ताव पारित
इसके साथ ही बैठक में यह मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया कि प्रेम प्रकाश आर्य ने अपनी दुकान का किराया नहीं बढ़ाने देने के उद्देश्य से ही सभी कार्यवाही पूर्व प्रधान नोपाराम को अपने चंगुल में फंसाते हुए अपना सहयोगी बनाकर कर रहा है। इन लोगों ने पूर्व की संपूर्ण कार्यकारिणी में से काफी सदस्य अपने एक ही परिवार एवं रिश्तेदारों का ही समूह बना रखा है।ये लोग मनमाने ढंग से प्रस्ताव अपने घर पर ही लेकर, वहीं उनके हस्ताक्षर करवाए जाते रहे हैं और संपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में रखते आए हैं, जो जगजाहिर है। इसी तरह की विभिन्न हरकतों से और आर्य समाज के सामान, रिकोर्ड आदि का मनमाने ढंग से उपयोग-दुरुपयोग करके लगातार आर्य समाज को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए सतत् प्रयासरत हैं। इस पर समस्त उपस्थित आर्यजनों ने मीटिंग में उनके खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव पारित किया।
पूरा रिकोर्ड और हिसाब-किताब तुरंत सौंपे
बैठक के दौरान सभी आर्य जनों ने मांग रखी की, जिसके पास भी आर्य समाज के दस्तावेज, दुकानों की किराया चिट्ठियां, रसीदबुक, लेटरपेड आदि हैं, वह समस्त रिकोर्ड आर्य समाज की वर्तमान कार्यकारिणी को शीघ्र सुपुर्द करें। साथ ही इन लोगों ने अब तक जितनी भी धनराशि बैंक से निकाली हैं, उस का सारा हिसाब-किताब वर्तमान कार्यकारिणी को अविलम्ब सौंपा जावे। इस पर यह प्रस्ताव लिखा जाकर सर्वसम्मति से पारित किया गया।
वर्तमान कार्यकारिणी को किया वैध व प्रमाणित घोषित
बैठक के दौरान आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान एवं जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा ने संयुक्त रूप से प्रमाणित किया कि आर्य समाज लाडनूं की वर्तमान कार्यकारिणी अधिकृत व वैध हैं। यह कार्यकारिणी व पदाधिकारीगण आर्य उप प्रतिनिधि सभा के निर्देशन एवं सहमति से चुने हुए है और विधिवत ढंग से चुने जाकर, रजिस्ट्रार संस्था से रजिस्टर्ड हैं, अतः पूर्ण वैध है। इनमें प्रधान जगदीश यायावर, उप प्रधान वेद प्रकाश आर्य, मन्त्री महावीर प्रसाद, कोषाध्यक्ष मेघदास, प्रचार मन्त्री दयानन्द आर्य, हिसाब निरीक्षक डा.राजेन्द्र सिंह आर्य, पुस्तकालयाध्यक्ष अनोपचंद सांखला, यज्ञ प्रभारी तारा आर्य एवं कार्यकारिणी सदस्य ओम मुनि, रावतदास, बीरमाराम, सुबोधचंद आर्य, सुमित्रा आर्य व सुरेन्द्र प्रताप आर्य हैं। आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के उपाध्यक्ष देवेन्द्र शास्त्री, आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान गजेन्द्र परिहार व मंत्री मोहन दिलोया ने इसका प्रमाण पत्र भी जारी किया। बैठक के दौरान इन उच्च पदाधिकारियों ने आर्य समाज लाडनूं की वर्तमान कार्यकारिणी व सभी पदाधिकारी गण को निर्देशित किया कि वे आर्य समाज लाडनूं के संपूर्ण आय-व्यय का पूरा हिसाब विधिवत रूप से पूर्ण रखें। कोई भी खर्च बिना बिल-बाउचर आदि के नहीं रहे। सभी व्यवस्थित रूप से रखा जावे, जिससे कि भविष्य में इस बाबत कोई विवाद खड़ा न हो। ऐसा ध्यान हमेशा रखा जावे।
इन प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति
इस बैठक में आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के उप प्रधान देवेंद्र शास्त्री, आर्य उप प्रतिनिधि सभा नागौर के प्रधान गजेंद्र परिहार, मंत्री मोहनलाल दिलोया, कोषाध्यक्ष एवं नागौर आर्य समाज के प्रधान सीताराम तांडी, आर्य समाज मेड़ता सिटी के प्रधान जवाहर लाल वैष्णव, आर्य समाज मेड़ता के प्रधान सुरेंद्र सिंह, बड़ूं आर्य समाज के प्रधान भूरा राम, आर्य समाज बिल्यूं के कुशाल जी, उत्तम जेकरिया, ईड़वा आर्य समाज के प्रधान मूलाराम, आर्य वीर दल के समन्वयक शिव सिंह राठौड़, आर्य समाज लाडनूं के प्रधान जगदीश यायावर मुनि ओमदास, मंत्री महावीर प्रसाद स्वामी, कोषाध्यक्ष मेघाराम आर्य, हिसाब परीक्षक डा. राजेन्द्र सिंह आर्य, सुरेन्द्र प्रताप आर्य, यज्ञ पुरोहित महीपाल आर्य, यज्ञ प्रभारी श्रीमती तारा आर्य, समाजसेविका श्रीमती सुमित्रा आर्य, दयानंद आर्य, पुस्तकालयाध्यक्ष अनोप चंद आर्य, उत्तम शर्मा, एडवोकेट शेर सिंह जोधा, भोलाराम सैनी, जुगल किशोर टाक, रामेश्वर सांखला एवं शहर के अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।





