टोकी-चंद्राई गांव में सभी समाज के लोगों ने मिलकर कर लगाई कुरीतियों पर पाबंदियां,
बैठक कर ग्रामवासियों ने लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय
लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के ग्राम टोकी-चन्द्राई में समस्त ग्रामवासियों की एक अहम आमसभा आयोजित की गई। इस बैठक में गांव से सर्व समाज में फैली फिजूलखर्ची और पुरानी कुरीतियों को दूर करने के लिए सर्वसम्मति से कुछ सुधारवादी निर्णय लिए गए हैं। ये निर्णय समाज में व्याप्तफिजूलखर्ची को रोककर समाज को नई प्रगतिशील दिशा देने के लिए कदम बढाने के सम्बन्ध में हैं। 29 जून सोमवार को टोकी ग्राम में यह आमसभा रखी गई। इस सभा में ग्राम में फैली कुछ कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करके कतिपय निर्णय लिए गए। इन निर्णयों के अनुसार पथवारी पर बेस का लेना व देना दोनों बंद किया गया। इसके बदले में नगदी रूपया अपनी श्रद्धा के अनुसार देना किया गया। मौखाण पर आने वाले सगी सम्बन्धी को बेस देना बंद किया गया, इसके बदले में कम से कम 100 रुपए देना तय किया गया। अगर कोई ज्यादा देना चाहे, तो कोई पाबंदी नहीं है। विवाह में घोड़ी के गीत गवाने पर जो बर्तन बटवाया जाता है, उसको पूर्ण रूप से बंद किया गया है। मगर घर में भानजा-भानजी को देने पर कोई पाबन्दी नहीं है। कोई भी प्रोगाम में बर्तन बटवाना बंद है। बारठ परिवार की तरफ से आज के बाद घर पर जाकर जीमावणा बंद है। बाकी सभी ग्राम के साथ में नूंता में सभी शामिल हैं। दोनों बास ही जीमण पर शामिल हैं। इस प्रस्ताव पर सहमति के रूप में रामनारायण सारण, शंकर लाल जांगिड़, भागीरथ, रामाकिशन, नानूराम, सुनिल ढाका, श्याम दान, केसुदान, शिवदान, रामूराम, बजरंगदास, रामनारायण आदि शामिल हैं।






