महिलाओं को पुरुषों के बराबर समानता नहीं दी जाने तक महिला सशक्तिकरण का कार्य अधूरा- तहसीलदार कुटेंद्र राठौड़,
लाडनूं के भैया बगीची मंदिर में नवरात्रा पर सर्व समाज की 151 कन्याओं को नवदुर्गा व 64 योगिनी मान कर किया गया पूजन

लाडनूं (kalamkala.in)। तहसीलदार कूटेंद्र राठौड़ ने कहा है कि जब तक महिलाओं को पुरुषों के बराबर समानता नहीं दी जाएगी, तब तक महिला सशक्तिकरण का कार्य अधूरा है। हमारे देश में महिलाओं को देवी का सम्मान दिया गया है। लेकिन, आज उन्हें समानता दिए जाने की आवश्यकता है। वे यहां भैया बगीची मंदिर में आयोजित विशाल कन्या पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि आज के अश्लीलता के दौर में नवरात्रा के दौरान कन्या पूजन का कार्यक्रम आयोजित करना अनुकरणीय है। नवरात्रा के अवसर पर लाडनूं विकास संस्थान, श्री शिवाय परिवार एवं लाडनूं महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस कन्या पूजन महोत्सव की अध्यक्षता समाजसेवी निर्मल बोरड़ कोलकाता ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी अरुण कुमार भैया, डॉ. सुभाष दूगड़, डॉ. गौरव दूगड़, डॉ. प्रेक्षा दूगड़ कोलकाता उपस्थित रहे।
अरुण भैया एवं नरेंद्र स्वामी को ‘धर्म संवाहक सम्मान’
इस कन्या पूजन कार्यक्रम में सर्व समाज की 151 कन्याओं का पूजन किया गया, जिन्हें 9 दुर्गा एवं 64 योगिनी के रूप में माना गया। पूजन कार्यक्रम पंडित संत कुमार बोरायड़ा ने करवाया।पूजनोपरांत सभी कन्याओं को उपहार एवं पाठ्य-सामग्री का वितरण किया गया। समारोह में समाजसेवी अरुण भैया एवं नरेंद्र स्वामी को ‘धर्म संवाहक सम्मान’ प्रदान किया गया। संस्था सचिव अनूप लोहिया ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
समाज की प्रगति के लिए महिला शिक्षा जरूरी
कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में मोटिवेशनल गुरु डॉ. शंकर आकाश ने कन्याओं को बचाने व पढ़ाने के साथ ही आगे बढ़ाने की जरूरत बताई तथा कहा कि जब तक समाज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिए बिना समाज की समुचित प्रगति संभव नहीं है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत जिला सतर्कता समिति की सदस्य सुनीता वर्मा, पार्षद चांद नाई, समाजसेवी विनोद पटावरी, चौथमल किला, रामअवतार गुर्जर, सम्मानित शिक्षक शिव शंकर बोहरा, चंद्रेश गोलछा, मनोज भोजक, महेंद्र बाफना, प्रवीण बैद, संजय, रामधन मूंड, श्याम सुंदर पुजारी, अविनाश लोहिया, विशाल वर्मा, राहुल सोनी, तारा बोथरा, संतोष पटावरी, गायत्री सोनी, संतोष गोलछा, अनीता खटेड़, मधु भंसाली चंदा कोचर, अनीता खटेड़, निर्मला दूगड़, श्यामा पारीक, इंदु जैन ने किया।


