लाडनूं रेलवे स्टेशन के ‘अमृत भारत योजना’ से लाभान्वित करने, अंडरपास शीघ्र बनवाने, लिफ्ट का कार्य पूरा करवाने, प्लेटफार्म को एक और फुट ओवरब्रिज से जोड़ा जाने, ट्यूबवैल व टॉयलेट बनवाने वगैरह के लिए प्रभात वर्मा ने उठाई मांगें,
उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में चलाया गया ‘रेल जन संवाद अभियान’, मंडल के सभी स्टेशनों पर ली गई लोगों की समस्याओं और मांगों की जानकारी
लाडनूं (kalamkala.in)। उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेलवे डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) जोधपुर द्वारा जोधपुर रेल मण्डल के सभी रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत रेलवे द्वारा आमजन से रेलवे सम्बंधी समस्याओं और सुझावों को आमंत्रित कर सभी स्टेशनों पर इनकी सुनवाई की गई। इसी क्रम में लाडनूं क्षेत्र में लम्बे समय से रेलवे के विकास के लिए संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात वर्मा ने यहां स्टेशन अधीक्षक के मार्फ़त डीआरएम को अपना ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने लाडनूं रेलवे स्टेशन पर उत्पन्न विभिन्न समस्याओं व यात्रियों की जरूरतों का जिक्र अपने ज्ञापन में किया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर, बुकिंग इंचार्ज, बहुत सारे यात्री मौजूद रहे। रेलवे द्वारा प्रभात वर्मा के ज्ञापन का वीडियो भी शूट किया गया।
शीघ्र बने लिफ्ट एवं फुट ओवर ब्रिज और बनाया जाए
डीआरएम को उनके ‘रेल जन संवाद अभियान’ के तहत दिए गए इस ज्ञापन में लाडनूं रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के विस्तार के सम्बन्ध में बताया गया कि जोधपुर रेल मंडल के लाडनूं रेलवे स्टेशन एनएसजी 5 ग्रेड का रेल्वे स्टेशन है, जिसपर अनेक सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बनी हुई हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है लिफ्ट की व्यवस्था। लाडनूं रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट की सुविधा जरूरत है लाडनूं में दिव्यांग, महिलाओं, बुजर्गों व बच्चों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। लाडनूं क्षेत्र में घुटने के दर्द की समस्या आम है। लाडनूं रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट का काम जनवरी 2026 में प्रारम्भ कर दिया गया था, लेकिन वह आज तक कम्पलीट नहीं हुआ है। अभी भी यह कार्य फाउंडेशन लेवल से आगे नहीं बढ़ पाया है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाकर सम्पन्न करवाया जावे। लाडनूं रेलवे स्टेशन पर एक और नए फुटओवर ब्रिज की आवश्यकता भी बनी हुई है, जिसे यहां के दोनों प्लेटफार्म के एक्रोस बनाया जाए, ताकि स्टेशन की दूसरी साइड जाने वाले यात्रियों को पर्याप्त सुविधा मिल सके।
अमृत भारत योजना में चयन करवा कर सुविधाएं बढाएं, पानी की समस्या हल हो व टॉयलेट बने
ज्ञापन में दूसरी समस्या ‘अमृत भारत योजना’ की दर्शाते हुए बताया गया है कि लाडनूं रेल्वे स्टेशन का चयन ‘अमृत भारत योजना’ में होना चाहिए, ताकि इस स्टेशन का समुचित विकास संभव हो सके। इसके बाद पानी की समस्या को उठाते हुए ज्ञापन में लिखा गया है कि लाडनूं रेल्वे स्टेशन पर पानी की समस्या को ध्यान रखते हुए यहां ट्यूबवेल बनाया जाए। साथ ही यहां उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता को भी बढाए जाने की आवश्यकता है। यहां रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध पीने का पानी गुणवत्तापूर्ण सप्लाई दिया जाए, जिसकी टीडीएस वेल्यू 150 से अधिक नहीं हो। इसके अलावा प्लेटफार्म पर टॉयलेट की जरूरत पर बल देते हुए बताया गया है कि लाडनूं के प्लेटफार्म नंबर 2 पर टॉयलेट का निर्माण करवाया जाए। क्योंकि वर्तमान में महिला यात्रियों को इसके अभाव में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्लेटफार्म पर आवागमन सुविधा और नाला को दुरुस्त करवाया जाए
इन सबके अलावा आवागमन की सुविधाओं को महत्व देते हुए प्रभात वर्मा ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि लाडनूं के दो प्लेटफार्म हैं, जिनमें प्लेटफार्म नं. 2 पर आवागमन के रास्ते की आवश्यकता है। प्लेटफार्म नंबर 2 के उस पार करीब 25 गांव लगते हैं, जिनके के यात्रियों को काफ़ी घूमकर प्लेटफार्म पर आना पड़ता है, जो अत्यंत दुविधाजनक और परेशानियों से भरा हुआ रहता है। इस मुश्किल को दूर करने के लिए आवागमन की सुविधा दूसरी तरफ भी करवाई जाए। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के नीचे से निकल रहे बड़े नाले, पुराने तेली रोड फाटक के पास के नाले को अधिक गहराई व अधिक चौड़ाई बढ़ाते हुए बनवाया जावे, जिससे पानी की निकासी अच्छे से संभव हो सके। अभी नाले की वजह से पूरे एरिया में जल भराव की समस्या रहती है। यह लाडनूं की एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
एक साल से अटका है रेलवे अंडरपास का काम,
ज्ञापन में बताया गया है कि लाडनूं शहर में बन रहा रेलवे का एक अंडर पास (सी-33) का कार्य विगत एक वर्ष से चल रहा है, लेकिन अभी तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है।इस कार्य की निर्धारित समय सीमा कभी की बीत चुकी, लेकिन ठेकेदार की ढिलाई से कार्य अभी तक लटका हुआ पड़ा है और अत्यंत धीमी गति से काम करवाया जा रहा है, जो आम नागरिकों के लिए भारी परेशानी का कारण बना हुआ है। ज्ञापन में वर्णित सभी समस्याओं के उचित निस्तारण करवाए जाने की मांग की गई है।



