करोड़ों के जीएसटी व आयकर घोटाले का मुख्य आरोपी जयपुर में धरा गया, पुलिस से छिपता फिर रहा था चार सालों से,
लोगों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेज हासिल कर फर्जी जीएसटी फर्मों, फर्जी बैंक खातों से लगाया सरकार व लोगों को लाखों का चूना,
पिछले चार साल से फरार व पुलिस से छिपते घूम रहे मुलजिम प्रवीण जांगीड़ दुजार को पुलिस ने जयपुर से दबोचा, जयपुर में जीता था ऐश की ज़िंदगी, जीएसटी भी बरसों से तलाश रही थी
लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय पुलिस ने धोखाधड़ी के प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पिछले 4 वर्षों से फरार आरोपी प्रवीण जांगिड़ निवासी दुजार को गिरफ्तार किया है। उसे जयपुर से डिटेन कर लाया गया। आरोपी प्रवीण जांगीड को पूछताछ व अनुसंधान के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रवीण जांगिड़ धारा 299 सीआरपीसी में वांछित था। यह कार्रवाई पुलिस थाना लाडनूं टीम की शानदार कार्रवाई रही। बताया जा रहा है कि इस आरोपी के जयपुर में अनेक बंगले, लक्जरी कारें आदि अथाह सम्पत्ति है। यह सब फर्जी जीएसटी कम्पनियां बना कर सरकार और लोगों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने का है और यह कोई पहला मामला नहीं है। जयपुर सहित अनेक प्रकरण अब तक पुलिस में दर्ज हो चुके।
आधार कार्ड, पैन कार्ड, कैंसिल चैक आदि लेकर की धोखाधड़ी
यह प्रकरण सुमित पुनियां द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के आधार पर चार साल पहले 20 अगस्त 2022 को पुलिस ने दर्ज किया था। इसमें बताया गया था कि मुलजिम प्रवीण जांगीड़ (32) पुत्र मोहनलाल जांगीड निवासी मालियों का मोहल्ला दुजार (लाडनूं) ने उनके साथ धोखाधड़ी करके उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, कैंसिल चैक आदि का उपयोग करके उसके नाम की दो फर्जी जीएसटी रजिस्टर्ड कम्पनियां खोलकर दस्तावेजों का दुरूपयोग करते हुये उसके नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर लाखों रूपयों का लेन-देन कर राजस्व हानि पहुंचाई है। यह प्रकरण लाडनूं पुलिस थाने में प्रकरण संख्या 237 दिनांक 20.08.2022 अन्तर्गत धारा 420, 467, 468, 471 भादंसं. में दर्ज हुआ और उसका अनुसंधान शुरू किया गया था।
जीएसटी की टीमों ने भी जयपुर और लाडनूं-दुजार में बहुत बार मारे थे छापे
गौरतलब है कि लाडनूं पुलिस थाने में दर्ज इस प्रकार का यह कोई पहला मामला नहीं है। पहले भी अनेक नामजद एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन उन पर की गई कोई कार्रवाई सामने नहीं आ पाई। बताया जाता है कि इस मुलजिम द्वारा विभिन्न प्रकार की फर्जी कॉमर्शियल कम्पनियां/ फर्म्स बना कर सरकार के जीएसटी में आज तक करोड़ों का घोटाला किया जा चुका। जीएसटी विभाग द्वारा जयपुर के अनेक पुलिस थानों में इस सम्बन्ध में मुकदमे भी दर्ज करवाए गए थे और इसके पास काम करने वाले अनेक लोग गिरफ्तार भी किए गए थे। राजस्थान का यह जीएसटी घोटाला खासा चर्चा में रहा था। इसकी टीम लाडनूं व दुजार सहित आसपास के क्षेत्र में सक्रिय थी। इस टीम में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को फंसाया जाता था और उन्हें उनका काम भलीभांति समझाया जाकर ग्राउंड में काम करवाया जाता था। इसकी टीम के ये लोग भोले-भाले, अनपढ व लालची लोगों को झांसे में लेकर फंसाते और उनके आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि डॉक्यूमेंट्स प्राप्त करके जयपुर में उनके नाम से फर्जी फर्म खोल कर और फर्जी बैंक एकाउंट खोल कर फर्जी बिलों द्वारा करोड़ों का जीएसटी घोटाला किया जाता रहा है। इस काम में लाडनूं के मालियों का बास सहित अन्य युवक सक्रिय रहे और उन्होंने भी डोक्युमेंट हासिल करने की अच्छी खासी रकम हासिल की। इसके अलावा यहां के कुछ लोग इनकी फर्जी फर्मों के लिए फर्जी बिल बनाने, फर्जी बिल्टी बनाने, फर्जी एकाउंट तैयार करने का काम भी लालच भरे मेहनताने में करते थे। विशेष बात यह है कि यह सारा बेनामी, फर्जी और व्यापक कारोबार किसी भनक तक पड़े बिना चुपके-चुपके बरसों से चलता रहा। बताया जाता है कि जयपुर में इसके अनेक मकान है और लक्जरी कारें भी बहुत सारी इसके पास हैं। इसके तार जीएसटी घोटाला के अन्तर्राज्यीय गैंग से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस को पूरे मामले को पर्दाफाश करना चाहिए। जयपुर और लाडनूं, दुजार में जीएसटी की टीमें भी इस व्यक्ति की तलाश में बहुत बार छापे मार चुकी। लाडनूं के व्यक्तियों के नाम से बनी फर्जी फर्मों के आयकर विभाग और वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से बहुत सारे नोटिस भी जारी हुए और बकाया कर वसूली के लिए टीमें भी लाडनूं आई थीं। जयपुर में अनेक लोगों की पेशियां भी पड़ी थी। यह विवाद बरसों से चल रहा है।
लगातार चार साल तक पुलिस की पहुंच से भागता रहा आरोपी आखिर जयपुर से दबोचा गया
इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना लाडनूं पर एक पुलिस टीम गठित की जाकर मुल्जिम की तलाश शुरू की गई। यह अपराधी बहुत ही शातिर व बदमाश प्रवृति का है तथा अपने आप को गिरफ्तारी के भय से लगातार छुपाता रहा। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम ने अपनी कार्यकुशलता, आसूचना संकलन तथा तकनीकी सहायता से आरोपी प्रवीण जांगीड को जयपुर से दस्तयाब कर नियमानुसार अनुसंधान किया जाकर गिरफ्तार किया किया गया। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा मुलजिम प्रवीण जांगीड़ का पीसी रिमाण्ड लिया जाकर इस मामले में अग्रिम विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस को अभी लोगों से लिए गए दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड, जीएसटी और अन्य राजकीय टेक्सों का विवरण और मामले में शामिल अन्य मुलजिमों व सम्बंधित बरामदगी भी करनी है।
इस पुलिस टीम ने पाई फरार आरोपी की गिरफ्तारी में सफलता
इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान (आई.पी.एस.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीडवाना हिमांशु शर्मा (आर.पी.एस.) तथा लाडनूं वृताधिकारी जितेन्द्र सिंह चारण (आर.पी.एस.) के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी लाडनूं शिम्भुदयाल मीणा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा धोखाधडी के प्रकरण में 4 वर्षों से फरार चल रहे 299 सीआरपीसी में वांछित आरोपी प्रवीण जांगीड़ को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में थानाधिकारी शिम्भुदयाल (पु.नि.) के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल विजय कुमार (नं. 67), कांस्टेबल जलसिंह (नं. 868) व कांस्टेबल राकेश (नं. 793) की भूमिका महत्वपूर्ण रही।



