भैंरूंदा की महिलाओं को एक्सपोर्ट गारमेन्टस सिलाई पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण
नागौर। एकल जन सेवा संस्थान अजमेर द्वारा जिले के भेरून्दा गांव में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह की 30 महिलाओं का 17 अगस्त से 1 सितम्बर तक एक्सपोर्ट स्टीचिंग सिलाई पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में भेरून्दा की स्वयं सहायता समूह की 30 महिलाओं को विदेशो में एक्सपोर्ट होने वाले कपड़ों की सिलाई के कार्य के बारे में प्रशिक्षक हेमराज व प्रषिक्षण इन्चार्ज रेखा राठौर ने प्रतिदिन 11 बजे से शाम 5 बजे तक अलग-अलग ड्रेसों पर सिलाई सिखाई। इस प्रशिक्षण में महिलाओं ने हेयर बैड, बीच वेयर, स्कर्ट, अम्बरेला टॉप, हाईलॉ टॉप, रनॉल्ड डेस इत्यादि की सिलाई सीखी। इस सिलाई से महिलाओं द्वारा बनाकर तैयार किए गए कपड़ों को पुष्कर की फेक्ट्री द्वारा विदेशों में एक्सपोर्ट किया जायेगा।
घर बैठे काम से होती रहेगी कमाई
इस सिलाई-कार्य से महिलाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे ये महिलाएं प्रतिदिन घर पर रह कर ही विदेशो में उपयोग किये जाने वाले कपडे तैयार कर प्रतिदिन 200 से 300 रूपये कमा सकती है। इससे इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजूबत होगी। नागौर जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड से मोहित कुमार ने इन 15 दिन में सीखे गये सिलाई कार्य की सराहना की एवं इन महिलाओं को बैंक से जोड़ कर रोजगार से जोडने के बारे में बताया। उन्होंने इन महिलाओं द्वारा बनाए गए कपडों की प्रदर्शनी की विजिट कर महिलाओं की मेहनत व लगन की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया एवं प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के तहत संस्था सचिव बालूसिंह व प्रोग्राम मैनेजर पूजा जनजानी ने महिलाओं को एक्सपोर्ट सिलाई से लगातार रोजगार से जोडे़ रखने के बारे में बताया व अन्य महिलाओं को इस कार्य से जोड़ने के बारे में बताया। इस अवसर पर संस्था के कार्मिक मुकेश व सुखदेव सिंह, राजीविका से बुककीपर दीपा व समूह की 50 महिलाएं उपस्थित रही।






