युधिष्ठिर की तरह शिक्षा को जीवन में धारण करें और हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें- ख्वाजा हुसैन

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मूण्डवा (रिपोर्टर लाडमोहम्मद खोखर)। स्थानीय श्री वागीश्वरी विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में मनाए जा रहे ‘‘धर्म धरा धेनु शिक्षा महोत्सव’’ में मुख्य अतिथि एवं संस्कृत व्याख्याता ख्वाजा हुसैन ने महाभारत का उदाहरण पेश करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा को युधिष्ठिर की तरह जीवन में धारण करना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में धैर्य को बनाए रखना चाहिए। विद्यालय के संरक्षक व पूर्व प्रधानाध्यापक संपतलाल गेपाला ने कहा, धर्म और संस्कृति को बचाएं और बनाए रखने के लिए व अपने वचन को सिद्ध करने के लिए अपने प्राणों को गायों के लिये न्यौछावर करने वाले सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज के निर्वाण दिवस के साथ ही एकता और भाईचारे के प्रतीक, सद्भाव के प्रेरक बाबा रामदेवजी महाराज का जन्मोत्सव भी है। वहीं प्रकृति की रक्षार्थ, पेड़ पौधों के लिए 363 बलिदान देने वाले वीर-वीरांगनाओं का शहीद दिवस भी आज ही मनाया जा रहा है और शिक्षकों के सम्मान के लिए डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर शिक्षक दिवस का महोत्सव भीे हैं। एक साथ इतने विशेष संयोग निश्चित ही सबको धर्म के सूत्र में बांधने का बोध करवाते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्कर्ष क्लासेज जोधपुर द्वारा ‘शिक्षा-संत’ की उपाधि से नवाजे गए शिक्षक दिनेश मुंडेल ने पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए पेड़ पौधों को ज्यादा से ज्यादा लगाने पर जोर दिया और बताया कि खेजडली ग्राम में 363 महिला-पुरूषों ने अपना बलिदान देकर पेड़ों को बचाकर प्रकृति की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने से भी अधिक लगे हुए पेड़ों की देखभाल करने और उन्हें बचाने की जरूरत है।
कड़ी फटकार भी दवा की तरह जीवन के विकार दूर करती है
श्री वागीश्वरी कान्वेंट स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती नीलम शर्मा ने शिक्षक दिवस पर सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई देते हुए बताया कि जिस प्रकार मेडिसिन कड़वी होती है, लेकिन उसे ग्रहण करने से हमारे शरीर के रोग दूर होते हैं। उसी प्रकार एक शिक्षक की डांट-फटकार या कड़वे शब्द को अगर विद्यार्थी जीवन में ग्रहण करता है, तो निश्चित ही उसके जीवन से अगुण रूपी विकार दूर होते हैं और वह शिष्य, जगत में अपने माता-पिता और शिक्षक का नाम करता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य दयानंद गेपाला ने बताया कि जिस प्रकार हम भाव से भगवान को पूजते हैं, उसी प्रकार हमें पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ में गुरु के बताए हुए सत्य मार्ग पर चलना चाहिए। आपने वीर तेजाजी महाराज के जीवन से त्याग व सत्यवादीता, रामदेव जी महाराज के जीवन से सद्भाव व सेवा भाव , प्रकृति देवी अमृता देवी के जीवन से प्रकृति प्रेम व डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से शिक्षक श्रद्धा की शिक्षा ग्रहण करने का आज अद्भुत दिन है।
इन सबका किया गया सम्मान
इस प्रोग्राम में मुंडवा ब्लॉक से जिला स्तर पर सम्मानित होने वाले शिक्षक दिनेश मुंडेल व जीएनए यूनिवर्सिटी पंजाब में एजुफीड फाउंडेशन द्वारा नेशनल टीचर अवार्ड से सम्मानित गजेंद्र गेपाला का माला साफा व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया। साथ ही संस्कृत के व्याख्याता जिनका हाल ही में झालावाड़ से गृह जिले नागौर में स्थानांतरण हुआ है, उनका भी साफा व माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस प्रोग्राम में कक्षा 12 के विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय के सभी 75 शिक्षक-शिक्षिकाओं का तिलक लगाकर सम्मान किया गया। साथ ही आकर्षक भेंट देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिठाई भी खिलाई। कार्यक्रम प्रभारी संजय मीणा, संतोष दांगी व सुरेश शर्मा के नेतृत्व में संपन्न किया गया। अंत में श्रीमान गजेंद्र गेपाला ने सभी विद्यार्थियों व शिक्षक शिक्षिकाओं को हार्दिक बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रोग्राम का सफल संचालन कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने किया।

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Author: kalamkala

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