विवाहिता को जला कर मार डालने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग मीठड़ी व लाछड़ी क्षेत्रों के लोगों ने प्रदर्शन किया व ज्ञापन सौंपा, थाने के सामने कल से अनशन

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लाडनूं। ( kalam kala ) Ladnun तहसील के मीठड़ी गांव की गर्भवती विवाहिता महिला को उसके पति और ससुराल वालों द्वारा जला कर मार डालने के मामले में

सभी मुलजिमानों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मीठड़ी के ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय सीकर पर धरना-प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा तथा अन्यथा आमरण अनशन की चेतावनी दी। लाछड़ी के सरपंच हरेन्द्र गढवाल ने बताया कि सोमवार 13 जून से नेछवा पुलिस थाने के सामने मीठड़ी के लोग इस मामल में गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठेंगे। सरपंच गढवाल के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि मृतका मंजूदेवी  के मृत्युपूर्व बयानों में स्पष्ट रूप से आरोप लगाए गए हैं कि उस पर सास गणपति देवी और पति अनिल कुमार ने पट्राल डाल कर आग लगाकर उसे मारा तथा देवर मोहनसिंह ने कहा था कि इस जला कर मार डालो। इसके बावजूद पुलिस ने 4 जून की इस घटना के बाद अभी तक पति के अलावा किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। नेछवा पुलिस ने इस प्रकरण में पर्चा-बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। धारा 498ए एवं 307 आईपीसी क तहत दर्ज इस एफआईआर में मंजूू की मृत्यु होने के बाद धारा 302 आईपीसी और जाड़ी गई, लेकिन सभी बयानों के उपरांत भी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मृतका के भाई कैलाश कड़वासरा ने बताया कि इस संगीन मामले को भी पुलिस द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जाना चिंताजनक है, क्योंकि जो मुलजिमान बाहर स्वतंत्र हैं, उनके द्वारा निश्चित रूप से सबूत मिटाने व अन्य तरीकों से मामले को रफा-दफा करने के प्रयास किए जाएंगे। मृतका क मृत्युकालीन बयानों को संदिग्ध नहीं माना जा सकता है। उन्होंने अनुसंधान अधिकारी द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लेने को चिंताजनक बताया तथा कहा कि इसस लोगों में रोष व्याप्त है। अगर समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो उन्हं आमरण अनशन पर बैठने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने इस सम्बंध में जिला कलेक्टर के अलावा जिला पुलिस अधीक्षक सीकर और राज्य महिला आयोग जयपुर को भी ज्ञापन दिए हैं। ज्ञापन देने वालों में सरपंच नरेन्द्र गढवाल के साथ कैलाश कड़वासरा, माया देवी स्वामी, खेताराम कड़वासरा, जैसाराम कड़वासरा, पंकज कुमार दाधीच, भूराराम सेवदा, बनवारीलाल गर्ग, रतनलाल बैंदा, भंवरलाल जाखड़, गजेन्द्र देवा आदि मीठड़ी व लाछड़ी ग्राम पंचायतों के सर्वसमाज के लोग शामिल थे।
इनका कहना है
पुलिस ने इस मामले में पूरी तत्परता बरती है। पुलिस ने जानकारी मिलते ही 4 जून को सीकर के ट्रोमा सेंटर पहुंच कर भर्ती मंजूदेवी के मृत्युपूर्व पर्चा बयान लिए और रिकाॅर्डिंग करवाई। उनके आधार पर तत्काल मामला दर्ज किया। उसी रात्रि को मृतका के पति अनिल कुमार को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया। मंजू की मृत्यु के बाद हत्या की धारा भी जोड़ दी गई। इसमें सभी पीहर पक्ष के लोगों के बयान भी लिए जा चुकेे हैं तथा जांच व उचित कार्रवाई जारी है।
– विमला बुडानिया, थानाधिकारी, पुलिस थाना, नेछवा (सीकर)।
विगत 4 जून को हुई इस घटना में पुलिस की भमिका तात्कालिक रूप से सही रही। महिला सीआई विमला बुडानिया ने पर्चा बयान लेने, रिपोर्ट दर्ज करने और मुलजिम को गिरफ्तार करने में पूरी स्फूर्ति दिखाई, लेकिन राजनीतिक कारणों से इस फाईल को पुलिस उप अधीक्षक श्रवणकुमार को देकर उन्हें अनुसंधान अधिकारी बना दिए जाने के बाद यह फाईल ठंडी कर दी गई और सारी कार्रवाई बंद हो चुकी है। इस पर कार्यवाही नहीं किए जाने पर वे सोमवार से थाने के सामने अनशन पर बैठेंगे।
– हरेन्द्र गढवाल, सरपंच, ग्राम पंचायत लाछड़ी (लाडनूं)।

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Author: kalamkala

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