राजस्थान पुलिस एडवाइजरी : जानिए, साइबर क्राइम से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें–
साइबर जागरूकता दिवस पर पुलिस द्वारा लाडनूं, जसवंतगढ़, निम्बीजोधां सहित जिले भर में किए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन



लाडनूं/ डीडवाना (kalamkala.in)। ‘साइबर जागरूकता दिवस’ के अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा के निर्देशन में जिले भर में विभिन्न साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साइबर सुरक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को ‘साइबर जागरूकता दिवस’ का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर साइबर सुरक्षा पर और साइबर अपराधों को लेकर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाकर सम्बंधित कानून एवं अन्य जानकारी आम नागरिकों को दी गई। इस कार्यक्रम के पीछे पुलिस की मंशा रही कि आमजन को साइबर क्राइम को लेकर पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एडवाइजरी, जिसमें साइबर अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधियों द्वारा अवरित कार्यप्रणाली (अपराध करने में प्रयुक्त तरीके) आदि के सम्बन्ध में जागरूकता पैदा करने की रही।
आयोजित हुए विभिन्न पर कार्यक्रम
# पुलिस थाना जसवंतगढ- थानाधिकारी जोगेन्द्र सिंह, राठौड़ (पुलिस निरीक्षक) द्वारा खेल मैदान जसवंतगढ़ में बच्चों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।
# पुलिस थाना निम्बी जोधां- सहायक उप निरीक्षक बस्तीराम द्वारा बस स्टैण्ड निंबी जोधा पर आमजन को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।
# पुलिस थाना लाडनूं – हेड कांस्टेबल बन्नाराम (1412) द्वारा विवेकानंद, डिफेंस एकेडमी, लाडनूं में अध्ययनरत युवाओं को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।
# बड़ूं- गोपालराम, सहायक उप निरीक्षक द्वारा कस्बा बडू में स्थित महादेव लाईब्रेरी में अध्ययनरत प्रतिभागियों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।
# पुलिस थाना गच्छीपुरा- हरेन्द्र कुमार हैड कानि. के नेतृत्व में पुलिस थाना गच्छीपुरा पर आमजन को साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई।
# मौलासर- रमेश सारण (साइबर ऑपरेटर) द्वारा बस स्टैण्ड मौलासर पर आमजन को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।
# पुलिस थाना पीलवा- मनीष तिवारी (साइबर ऑपरेटर) द्वारा ग्राम रीड़, पुलिस थाना पीलवा पर आमजन को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।
# खुनखुना- बजरंग (कानि. साइबर ऑपरेटर) द्वारा ग्राम खुनखुना आम गुवाड़ में आमजन को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया।
आमजन हेतु जारी एडवाईजरीः-
➤ क्या करें (DOS):
– सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी कम से कम साझा करें।
– किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रमाणिकता को जांचे।
– सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल की गोपनीयता सेटिंग्स में जाकर, अपने दोस्तों तक ही पहुंच सीमित रखें।
– शॉपिंग या बैंकिंग वेबसाइट या ऐप को केवल अपने डिवाइस या किसी विश्वसनीय नेटवर्क पर ही ब्राउज करें।
– मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें और समय-समय पर अपडेट करें व अपने मोबाइल डिवाइस, पीसी को सर्विसिंग / मरम्मत / बिक्री के लिए देते समय सावधान रहें।
– किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए केवल आधिकारिक एवं सुरक्षित वेबसाइट का प्रयोग करें।
– अपने सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट स्खें, एंटीवायरस/ वीपीएन और फायरवॉल का इस्तेमाल करें
– सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पैरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करें और अभिभावकीय नियंत्रण कार्यक्षमता वाले एंटी वायरस सॉफ्टवेयर या अभिभावकीय नियंत्रण सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।
– मोबाइल गुम/चोरी होने पर सर्वप्रथम राजस्थान पुलिस वेबसाइट (police-rajasthan-gov-in) पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर CEIR पोर्टल www-ceir-gov-in पर block stolen में जाकर रिपोर्ट दर्ज करे। जब आप पोर्टल पर ये सभी जानकारी उपलब्ध करा देंगे, तो आपको मोबाइल ढूंढने से संबंधित अपडेट आपको SMS के माध्यम से मिलता रहेगा।
– साइबर क्राइम से संबंधित किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट 1930/cybercrime-gov-in करें।
➤ क्या न करें (DON’TS):
x अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पता, फोन नंबर, जन्मतिथि, और स्कूल का नाम साझा न करें।
x शैक्षणिक भ्रमण/कार्यक्रम आदि की सूचना सोशल मीडिया पर साझा ना करें।
x अश्लील तस्वीरें किसी को न भेजें एवं अजनबियों से दोस्ती का अनुरोध स्वीकार करने से बचें।
x सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे किसी भी लिंक या पोस्ट को साझा न करें एवं संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें।
x वीडियो चैट और वीडियो कॉल पर सावधानी बरतें एवं संवेदनशील तस्वीरें लेने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल न करें।
x किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
x सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग कर ऑनलाइन बैंकिंग या महत्वपूर्ण लेन-देन न करें।
x अज्ञात ईमेल या मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें।
x अपना बैंक खाता किसी भी सूरत में दूसरे व्यक्ति को रेंट पर या रूपयों के लेन देन हेतु नहीं देवें, ये कानूनन अपराध है।







