आचार्यश्री महाश्रमण ने दी छापर में ‘कालूगणी अभिवन्दना सप्ताह’ आयोजित करने की प्रेरणा

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

आचार्यश्री महाश्रमण ने दी छापर में ‘कालूगणी अभिवन्दना सप्ताह’ आयोजित करने की प्रेरणा

आचार्य कालूगणी का 113 वर्ष पूर्व भाद्रव पूर्णिमा को हुआ था पट्टोत्सव, 114वां पट्टोत्सव दिवस मनाया

छापर (चूरू)। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में छापर की धरा पर जन्मे तेरापंथ के अष्टमाचार्य कालूगणी के आचार्य पदारोहण का 114वां दिवस आयोजित हुआ। इसमें आचार्यश्री ने परमपूज्य कालूगणी के जीवन प्रसंगों, उनके व्यक्तित्व और कर्तृत्वों का वर्णन करते हुए छापर चतुर्मास के दौरान ही सप्तदिवसीय ‘कालूगणी अभिवन्दना सप्ताह’ मनाए जाने की प्रेरणा भी प्रदान की। मुख्य प्रवचन कार्यक्रम परम पूज्य कालूगणी के 114वें पट्टोत्सव दिवस के रूप में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणअ के महामंत्रोच्चार के साथ हुआ। तेरापंथ कन्या मण्डल-छापर ने इस अवसर पर गीत का संगान किया।
महत्वपूर्ण है भाद्रव माह
आचार्यश्री महाश्रमण ने अपने संबोधन में कहा कि आज भाद्रव शुक्ला पूर्णिमा है। भाद्रव महीने का अंतिम दिन है। जैन धर्म में भाद्रव का यह महीना अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होता है। श्वेताम्बर परंपरा में पर्युषण, संवत्सरी का महापर्व इस महीने में आता है तो दिगम्बर परंपरा के दस लक्षण धर्म का क्रम भी आता है। इसलिए इस महीने का धार्मिक-आध्यात्मिक दृष्टि से अधिक महत्त्व है। यह महीना मानों तेरापंथ की दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है। यह महीना चार-चार आचार्यों के महाप्रयाण से जुड़ा हुआ है और भी कई प्रसंग इस महीने में आते हैं। परम पूज्य कालूगणी का 114वां पट्टोत्सव दिवस भी होने से आज का दिन महत्वपूर्ण है। धर्मसंघ के अष्टम आचार्य पद पर वे आज ही के दिन आरूढ़ हुए थे।
कठिन साध्य होता है आचार्य पद पर आसीन होना
उन्होंने कहा कि जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य पद पर आसीन होना बहुत ही कठिन कार्य है। एक आचार्य और एक विधान वाली परंपरा में उनका आचार्य बनना यह दर्शाता है कि उन्होंने अपने पूर्वाचार्य का विश्वास प्राप्त किया। अपने कर्तृत्व से उन्हें संतुष्ट किया होगा। आचार्य सारणा-वारण करने वाले होते हैं। आचार्य स्वयं के आचार के सम्यक् पालन के साथ चतुर्विध धर्मसंघ को निष्ठा के साथ आचार पालन की प्रेरणा प्रदान करते हैं। आचार्य का शरीर स्वस्थ हो, सक्षमता हो, इन्द्रिय निपुणता हो तो अच्छा हो सकत है। आचार्य कालूगणी के व्याख्यान का अपना तरीका था। आचार्य में तार्किक निपुणता, धर्मसंघ की सुरक्षा व्यवस्था व विकास के लिए कार्य करने सक्षमता होती है। आज हम सभी परम पूज्य कालूगणी की जन्मभूमि पर उनका पदारोहण दिवस मना रहे हैं। मैं श्रद्धा के साथ उनका स्मरण करता हूं। इस अवसर पर आचार्यश्री से ‘कालूगणी अभिवन्दना सप्ताह’ मनाए जाने की प्रेरणा प्रदान करते हुए यथासमय उस कार्यक्रम की रूप-रेखा तैयार करने के लिए संबंधित साधु-साध्वियों को उत्प्रेरित किया।
बाल-मुनियों की तपस्या का प्रत्याख्यान
आचार्यश्री से कार्यक्रम में गुरुकुलवासी दो बालमुनियों ने अपनी तपस्याओं का प्रत्याख्यान किया। साथ ही प्रेक्षाध्यान के शिविरार्थियों को भी आचार्यश्री से पावन पाथेय प्राप्त हुआ। कई श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने भी अपनी तपस्या का प्रत्याख्यान श्रीमुख से ग्रहण कर अपने तप को और अधिक सार्थक बनाया। गुरुकुलवासी बालमुनि खुशकुमार तथा मुनि अर्हम्कुमार ने आचार्यश्री से 11 की तपस्या का प्रत्याख्यान किया। इसके अलावा सुशीलादेवी सुराणा ने 61 की, पारसमल पटावरी ने 15 की, महेन्द्र गेलड़ा ने 24 की, सुवालाल दक ने 15 की तपस्या का प्रत्याख्यान किया। अन्य अनेक लोगों ने अपनी-अपनी धारणा के अनुसार तपस्या का प्रत्याख्यान किया। कार्यक्रम में पुष्पा सिंघी ने स्वरचित पुस्तक ‘श्री महाप्रज्ञ गुरुदेव नमः’ पूज्यचरणों में लोकार्पित की। आचार्यश्री ने इस संदर्भ में पावन आशीर्वाद प्रदान किया। प्रेक्षा सम्मेलन के त्रिदिवसीय उपक्रम के दूसरे दिन संभागी लोग पूज्य सन्निधि में उपस्थित थे। प्रेक्षा फाउण्डेशन के संयोजक अशोक चण्डालिया ने इस संदर्भ में अपनी अवगति प्रस्तुत की। केन्द्र प्रभारी विजयश्री व प्रेक्षा वाहिनी प्रभारी ऊषा धाड़ेवा ने अपनी अभिव्यक्ति दी। आचार्यश्री ने शिविरार्थियों को पावन प्रेरणा व मंगल पाथेय प्रदान किया।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

लाडनूं में शराब ठेकेदार की चल रही है 10 अवैध ब्रांचें, आबकारी विभाग ने एक पर छापा मारा, पर अभियुक्त हाथ नहीं आया, अस्पताल और मंदिर के पास चल रही है शराब की अवैध बिक्री, बिगड़ रहा है मौहल्ले का माहौल

यह क्या हो रहा है निर्वाचन विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे- लाडनूं नगर पालिका चुनाव की निष्पक्षता पर खतरा मंडराया, मतदाताओं में गहरा रोष, दोषी बीएलओ को कड़ी सजा मिले, वार्ड की सीमाओं को लांघ कर 3–3 किमी और नामालूम लोगों को बना डाला वोटर, बीएलओ ने खोला फर्जी मतदान का रास्ता, जोड़ डाले 1100 से अधिक फर्जी वोटर

शहर चुनें

Follow Us Now