देश में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को मान्यता देने के संदर्भ में दो दिवसीय विशेष निरीक्षण एवं अध्ययन,
23 सितंबर को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी एवं 24 सितंबर को देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का निरीक्षण

इंदौर (kalamkala.in)। देश में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को मान्यता दिए जाने के संदर्भ में इसके शैक्षणिक, चिकित्सकीय, अनुसंधान एवं औषधि निर्माण से संबंधित कार्यों के अध्ययन एवं मूल्यांकन की दिशा में इंदौर में दो दिवसीय विशेष निरीक्षण एवं अध्ययन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस निरीक्षण एवं अध्ययन के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अंतर्गत गठित ‘इलेक्ट्रोहोम्योपैथी विशेषज्ञ समिति (Expert Committee on Electrohomeopathy)’ की टीम नई दिल्ली से इंदौर पहुंची। यह समिति अल्टरनेटिव सिस्टम्स ऑफ मेडिसिन, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली से संबंधित है। विशेषज्ञ समिति द्वारा इलेक्ट्रो होम्योपैथी से संबंधित संस्थागत, शैक्षणिक, चिकित्सकीय, अनुसंधान एवं औषधि निर्माण गतिविधियों का अध्ययन एवं निरीक्षण किया जा रहा है।
इन संस्थानों का किया गया गहनता से निरीक्षण
इस क्रम में 23 सितंबर 2026 को देवी अहिल्या इलेक्ट्रो होम्योपैथी काउंसिल के अंतर्गत संचालित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी का विशेष निरीक्षण किया गया, जबकि 24 सितंबर 2026 को देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर का निरीक्षण किया गया। संस्थान के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पक्ष का अध्ययन
23 सितंबर को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी के निरीक्षण के दौरान संस्थान की स्थापना, संबद्धता, मान्यता से संबंधित जानकारी, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संरचना, फैकल्टी, विद्यार्थियों की संख्या, प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम एवं उसकी अवधि, प्रैक्टिकल एवं क्लिनिकल प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना तथा अनुसंधान गतिविधियों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
ईएच की अवधारणा से लेकर समग्र जानकारी जुटाई
निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रो होम्योपैथी प्रणाली की अवधारणा, उपचार संबंधी दृष्टिकोण, संदर्भ साहित्य, क्लिनिकल कंडीशंस, निदान की पद्धतियां, उपचार प्रोटोकॉल, औषधियां, मरीजों के रिकॉर्ड, रेफरल प्रोटोकॉल, आपातकालीन प्रबंधन तथा अनुसंधान, प्रचार-प्रसार एवं विकास गतिविधियों से संबंधित विषयों पर भी जानकारी ली गई। 24 सितंबर को देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का निरीक्षण किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे चरण में 24 सितंबर को देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का निरीक्षण किया गया।
प्राप्त की इलेक्ट्रो होम्योपैथी उपचार व्यवस्था, क्लिनिकल मैनेजमेंट, निदान एवं उपचार प्रक्रियाओं तथा मरीजों की प्रगति की जानकारी
इस दौरान अस्पताल की ओपीडी एवं क्लिनिकल सेवाओं, निदान एवं उपचार की पद्धतियों, मरीजों के प्रबंधन, डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल, प्रयोगशाला एवं रेडियोलॉजी व्यवस्था, मरीजों के रिकॉर्ड, रेफरल सिस्टम तथा उपचार प्रोटोकॉल सहित विभिन्न चिकित्सकीय एवं संस्थागत पहलुओं का अध्ययन किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए संचालित इलेक्ट्रो होम्योपैथी उपचार व्यवस्था, रोगियों के क्लिनिकल मैनेजमेंट, निदान एवं उपचार में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं तथा मरीजों की प्रगति की निगरानी से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की गई।
उच्च स्तरीय अनुसंधान एवं औषधि निर्माण प्रयोगशाला का भी अध्ययन
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित मध्य प्रदेश की प्रथम उच्च स्तरीय इलेक्ट्रो होम्योपैथी अनुसंधान एवं औषधि निर्माण प्रयोगशाला ‘देवी अहिल्या हर्बल स्पैजरिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली गई। प्रयोगशाला में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के प्रवर्तक डॉ. काउंट सीज़र मैटी द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों तथा स्पैजिरिक कोहोबेशन पद्धति से संबंधित कार्यों, औषधीय पौधों के उपयोग, औषधि निर्माण प्रक्रिया, अनुसंधान एवं गुणवत्ता संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्रस्तुत की गई। यह प्रयोगशाला इलेक्ट्रो होम्योपैथी के क्षेत्र में अनुसंधान, औषधि निर्माण, चिकित्सकों के अध्ययन एवं विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए विकसित की गई है।
डॉ. अजय हार्डिया ने प्रस्तुत की संस्थान की विस्तृत जानकारी
निरीक्षण के दौरान संस्थान की ओर से अजय हार्डिया ने विभिन्न संस्थागत एवं क्लिनिकल विषयों पर टीम के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने इलेक्ट्रो होम्योपैथी की कार्यप्रणाली, अस्पताल में संचालित क्लिनिकल गतिविधियों, उपचार एवं मरीजों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रियाओं तथा अनुसंधान एवं औषधि निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पूछे गए प्रश्नों के क्रमवार उत्तर दिए। अजय हार्डिया ने कहा ‘किसी भी चिकित्सा पद्धति के विकास के लिए व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, वैज्ञानिक अध्ययन, प्रशिक्षण, अनुसंधान और पारदर्शी क्लिनिकल प्रैक्टिस महत्वपूर्ण हैं। हमारा प्रयास है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी से संबंधित संस्थागत, चिकित्सकीय और अनुसंधान गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जाए तथा विशेषज्ञों के समक्ष उपलब्ध कार्य एवं रिकॉर्ड को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाए।’
किया जाएगा शैक्षणिक प्रशिक्षण, अनुसंधान, औषधि गुणवत्ता, क्लिनिकल डॉक्यूमेंटेशन एवं संस्थागत व्यवस्थाओं को और मजबूत
सीईओ मनीषा शर्मा ने कहा कि यह दौरा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अवसर है।यह दौरा इलेक्ट्रो होम्योपैथी के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका लंबे समय से इंतजार था। हम चाहते हैं कि इस पद्धति का निष्पक्ष एवं व्यवस्थित अध्ययन कर मान्यता की दिशा में सकारात्मक प्रक्रिया आगे बढ़े, ताकि भविष्य में लाखों मरीजों को इस चिकित्सा पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।’ उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में शैक्षणिक प्रशिक्षण, अनुसंधान, औषधि गुणवत्ता, क्लिनिकल डॉक्यूमेंटेशन एवं संस्थागत व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करता रहेगा।
चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक टीम रही उपस्थित
निरीक्षण के दौरान डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आशीष हार्डिया, डॉ. मनोज कंठान, डॉ. आकिल खान, डॉ. मोनिका हार्डिया, डॉ. राज नंदिनी हार्डिया, डॉ. शिल्पा हार्डिया सहित चिकित्सकीय, प्रशासनिक एवं संस्थान के विभिन्न विभागों के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान मांगी गई आवश्यक जानकारी, दस्तावेज एवं संस्थागत विवरण उपलब्ध कराने में सभी ने सहयोग किया।
अनुसंधान एवं एथिक्स कमेटी पर भी जानकारी
निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रो होम्योपैथी के अनुसंधान, प्रचार-प्रसार एवं विकास गतिविधियों के साथ-साथ मानव प्रतिभागियों से संबंधित अनुसंधान के लिए एथिक्स कमेटी पंजीकरण से जुड़े विषयों पर भी जानकारी प्राप्त की गई। इसके अलावा औषधियों एवं उपभोग्य सामग्रियों के स्रोत, निदान एवं रोगी निगरानी की प्रक्रियाओं, आपातकालीन प्रबंधन, रेफरल प्रोटोकॉल तथा सिस्टम-विशिष्ट उपकरण एवं संसाधनों जैसे विषय भी निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहे।
शिक्षा से क्लिनिकल प्रैक्टिस और रिसर्च तक एक समग्र अध्ययन
दो दिवसीय निरीक्षण में शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल की क्लिनिकल सेवाओं तथा अनुसंधान एवं औषधि निर्माण प्रयोगशाला—इन तीनों स्तरों पर इलेक्ट्रो होम्योपैथी से संबंधित कार्यों को समझने और उनका अध्ययन करने पर विशेष ध्यान दिया गया।संस्थान की ओर से कहा गया कि देश में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को मान्यता दिए जाने के संदर्भ में इस प्रकार का विशेषज्ञ निरीक्षण एवं अध्ययन संस्थागत संरचना, शिक्षा, क्लिनिकल प्रैक्टिस, अनुसंधान और औषधि निर्माण से संबंधित उपलब्ध कार्यों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। देवी अहिल्या इलेक्ट्रो होम्योपैथी काउंसिल एवं देवी अहिल्या हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की ओर से निरीक्षण टीम का आभार व्यक्त किया गया तथा आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।



