प्रदर्शित करके सीखाना व प्रत्यक्ष अनुभव से सीखना की प्रदर्शन विधि यथार्थता का अनुभव कराने में उपयोगी

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

लाडनूं। जैन विश्व भारती संस्थान के शिक्षा विभाग में एक्सचेंज प्रोग्राम के छठे दिवस श्री अग्रसेन स्नातकोत्तर शिक्षा महाविद्यालय, सी.टी.ई, केशव विद्धयापीठ, जामडोली, जयपुर के डॉ. रेणु शर्मा ने कहा कि प्रदर्शन विधि में शिक्षक कुछ प्रयोगों, उपकरणों एवं उनकी कार्यविधि का प्रदर्शन करता है। शिक्षक पाठ्य विषय को पढाने के साथ-साथ सम्बन्धित विषय में स्वयं प्रयोग करके दिखाता है। विषय वस्तु को इस विधि में छात्र सुनता है एवं देखता है। विज्ञान विषय के अध्यापन में यह विधि महत्त्वपूर्ण है। छात्र एवं शिक्षक दोनों सक्रिय, अवलोकन क्षमता में वृद्धि,छात्र बोरियत नहीं होते, छात्रों में उत्साह, प्रसन्नता एवं आनन्द की अनुभूति, दृश्य सामग्री का प्रदर्शन, पाठ के प्रति जिज्ञासा, अनुशासन की भावना का पालन, प्रत्यक्ष अवलोकन से सीखना, चित्र, चार्ट एवं वस्तुओं को प्रदर्शित करके सीखाना, प्रत्यक्ष अनुभव से सीखना, ज्ञानेन्द्रियों से ज्ञानार्जन, कक्षा शिक्षण में शिक्षण सामग्री का अनुप्रयोग, विविध उपकरणों का प्रयोग, विज्ञान एवं भूगोल में प्रत्यक्ष ज्ञान कराने में सक्षम,यथार्थता सिद्ध करने में उपयोग, यंत्र काम में लाने का कौशल, वैज्ञानिक तथ्यों की यथार्थता का अनुभव, वैज्ञानिक घटना को दृश्य के रूप में प्रस्तुतिकरण, प्रयोग प्रदर्शन, स्पष्ट एवं स्थाई ज्ञान, क्रियात्मक प्रयोगों को आसानी से समझाना आदि कथन इस विधि में प्रयुक्त होते है। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल.जैन ने बताया कि प्रदर्शन विधि से शीघ्र सिखाना एवं स्थायी सीखाना होता है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की छात्राएं एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

kalamkala
Author: kalamkala

[the_ad id='179']

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

इस्लाम के पैगम्बर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन ईद-मिलादुन्नबी पर 26 अगस्त को निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी, जुलूस को लेकर शहरिया बास में युवाओं ने बैठक कर किया समय और मार्ग का निर्धारण, शांति पूर्ण जुलूस का किया फैसला

[the_ad id='15212']
[the_ad id='22854']
[the_ad id='22855']
[the_ad id='22856']

शहर चुनें

Follow Us Now