


लाडनूं में एमआईएमआईएम की विशाल जनसभा आयोजित कर चुनावी धमक
लाडनूं। आॅल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुसलमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुदीन ओवैसी ने कहा है कि मुस्लिमों और दलितों से आह्वान किया है कि वे शिक्षा प्राप्त करके खुद की सियासी ताकल हासिल करें। उन्होंने लाडनूं में सुनारी रोड के नाइट क्रिकेट ग्राउंड मं आयोजित विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में एआईएमआई की चुनावी धमक देते हुए कांग्रेस और भाजपा सरकारों पर करारे वार किए और कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से नाकरा साबित करते हुए कहा कि कब तक कांग्रेस और भाजपा के पीछे रहोगे, अपनी खुद की ताकत बनाओ। हमें हमें जन्म लेते ही कलमा सुनाने के बाद कांग्रेस को वोट देने का ही कहा जाता है। जबकि कांग्रेस ने मुसलमानों और दलितों का कोई भला नहीं किया है। हम एमआईएम से आपकी लडाई लड़ते आए हैं और लड़ते रहेंगे। हमारी लड़ाई आने वाली पीढी के लिए है। हमें अल्लाह-ताला भाजपाइयों व जालिमों पर कामयाब बनाते हैं।
कोई जेल में डाले या गोली मारे तो आ जाए

उन्होंने राजस्थान की कांग्रेस सरकार की स्थिति पर भी व्यंगय कसे और कहा कि कांग्रेस पार्टी तो इस समय सर्कस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में केवल दो नारे लगाए जा सकते हैं, ‘राजीव गांधी जिंदाबाद’ और ‘अशोक गहलोत जिंदाबाद’। अन्य कोई नारा यहां नहीं लगाया जा सकता है। उन्होंेने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ‘मैं कहता हूं, अशोक गहलोत मुर्दाबाद, नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद। अगर कोई जेल में डाले या गोली मारे तो आ जाए सामने।’ उन्होंने उत्तरप्रदेश में अपने ऊपर चली छह गोलियों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक मेरा खुदा मुझे बचाना चाहता है, कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जब गोलियां भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकी, तो यह पांच साला सरकार तो कुछ बिगाड़ ही नहीं सकती।
मेरी लड़ाई हक और हिस्सेदारी की है


ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस ही नहीं भाजपा भी परेशान है कि ये राजस्थान में क्यों आ रहे हैं। मैं जनता के हित के लिए आऊंगा और जनता चाहेगी तो यहां ताकत बन कर भी उभरेंगे। किसी समुदाय विशेष के खिलाफ बोलने के आरोपों से इंकार करते हुए ओवैसी ने कहा, मेरी सिद्दत में नहीं है, कि किसी समुदाय के खिलाफ बोलूं। मेरी लड़ाई इंसाफ की है और हक व हिस्सेदारी सबको चाहिए। उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में मुसलमानों के साथ अन्याय हुआ है। मुस्लिम बस्तियों में 12वीं तक एक भी स्कूल नहीं, पानी नहीं है, चिकित्सा सुविधा नहीं है। 2017 में हुई एक सरकारी स्टडी में बताया गया है कि सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा मुस्लिम पढते हैं। और प्रदेश में कुल 44 प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं जाते और मुस्लिम बच्चे भी 16 प्रतिशत स्कूलों से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जाट राज्य में मुस्लिमों के बराबर 9 प्रतिशत हैं, लेकिन उनके जाट विधायक 37 हैं, राजपूत भी सियासत में ताकत है, पर मुसलमानों नहीं बन सकते। राजस्थान में मात्र 9 विधायक मुस्लिम है, 2 मंत्री भी हैं, लेकिन उनके भी दिल और दिमाग गहलोत के पास गिरवी है। राज्य में अल्पसंख्यक 9 फीसदी होते हुए भी उनके लिए बजट सबसे कम है।
चुनाव नफरत से नहीं काम से जीते जाते हैं

उन्होंने हैदराबाद का उदाहरण देते हुए कहा कि नफरत से नहीं बल्कि काम से चुनाव जीते जाते हैं। लोग सियासत में कमाने के लिए आते हैं, जबकि हम सेवा के लिए राजनीति में हैं। हमने हैदराबाद में सियासी ताकत का इस्तेमाल करके गरीबों, मुसलमानों का बहुत भला किया है। शिक्षा, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों के साथ एआईएमआईएम द्वारा राजनीति में किए गए कामों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि मेरे सारे संस्थान कौम की अमानत हैं। आप भी उसी तर्ज पर राजस्थान में भी काम करें। अपने वोट की कीमत समझें। सियासी ताकत हासिल करके गरीबों की मदद करें। एआईएमआईएम के प्रदेश संयोजक जमील खान ने मजलिस के हाथ मजबूत करने और मेम्बर बन कर आइडियोलोजी से जुड़ने की बात कही। राज्य कोर कमेटी के सदस्य जावेद अली खान ने कहा कि राजस्थान में अब तक कोई थर्ड फ्रंट के रूप में कामयाब नहीं हो पाए, लेकिन इस बार आप सबके सहयोग से समय का सदुपयोग करते हुए दलित, मुस्लिम, गरीब आदि को एक करके हम तीसरी ताकत बनने में कामयाब होंगे। माजिद हुसैन हैदराबादी ने कहा कि अब तक जिनको वोट दिया, उन्होंने कोई भला नहीं किया और जिनको कभी वोट नही दिया, वो आपके पास भले के लिए आते हैं, तो इसे समझें। कोर कमेटी सदस्य इमरान ने भी सम्बोधित किया।
51 किग्रा की माला पहनाई
गुरूवार को यहां आयोजित जनसभा में आॅल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुदीन आवैसी का यहां भव्य स्वागत किया गया। उन्हें जनसभा के आयोजक व एआईएमआईएम के संयोजक हाजी आसिफ अली खान हबीबखानी ने 51 किग्रा फूलों की माला पहनाई। मंच पर डीडवाना के बांगड़ काॅलेज से छात्रसंघ चुनाव लड़ चुकी शकीना बानो ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया। शेरानी आबाद से आए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें चित्र और गुलदस्ता भेंट किया। इस अवसर पर भीमसेना के सलाहकार हरजीराम महाराज का भी स्वागत किया गया। मंच पर हाजी आसिफ अली खान के अलावा बाबू खां हबीबखानी, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष भाणूं खां टाक, शब्बीर खां चायनाण, शहर काजी सैयद मोहम्मद अली अशरफी, सैयद मो. मदनी अशरफी, सलीम नागौरी, रोशन खां दायमखानी, रियाज खां चायनाण आदि मंचस्थ थे। जनसभा में करीब 8 हजार लोग उपस्थित रहे। अंत में आसिफ खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।[the_ad id=”1853″][the_ad id=”771″]








