बेमौसम की बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद, अरमानों पर फिरा पानी

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बेमौसम की बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद, अरमानों पर फिरा पानी

कुचेरा (रिपोर्टर महबूब खोखर )। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में शुक्रवार को हुई बारिश ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी है। तेज हवा व बेमौसमी बारिश के कारण खेतों में खड़ी रबी की फसलें खराब हो गयी। दोपहर बाद तेज हवा व बारिश के कारण इसबगोल की पकी फसल तबाह हो गयी।खेतों में खड़ी जीरा, गेंहू की फसलें खराब हो गई। क्षेत्र के निकटवर्ती पोलास विश्नोईयां, बच्छवास, चोलियास, खारिया कलां, खारियावा, चकढ़ाणी, बिचपुड़ी, राजोद, पुनास,बाजियों की ढ़ाणी, खिंयास, करासोडा, दुधड़ास, नेणास, बच्छवारी,भादवासी, आकेली-बी, दुगौर, खुड़ी इन गांवों में ईसबगोल की फसल ज्यादा बोई गई थी, लेकिन शुक्रवार को हुई बैमौसम बरसात से ईसबगोल व जीरे की फसल को अधिकतर नुकसान हो गया।बाजियों की ढ़ाणी क्षेत्र के किसान सीताराम, रामलाल बाजिया, सुरेश, सहीराम बाजिया ने बताया कि पिछले वर्ष ईसबगोल की फसल में अधिक मुनाफा होने के कारण इस वर्ष भाव अच्छे होने के परिणामस्वरूप खेतों में ईसबगोल व जीरे की फसल अधिक बोई गई। फसलों की बुवाई के समय अधिक तापमान की मार के बाद अब पकने के कगार पर पहुंची फसलों पर बारिश ने कहर बरपा दिया है। इससे किसानों के सारे अरमानों पर पानी फिर गया। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन के अधिकारियों से इस बैमौसम की बरसात से ईसबगोल, जीरा, रायड़ा, सौंफ, गेंहू की फसलों में हुए नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की। शहर में गुरुवार शाम से ही आसमान में घटाएं छाई रही।

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Author: kalamkala

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