जसवंतगढ के ‘रामेश्वर धाम’ मकान को अवैध रूप से बेचने और ताले तोड़ कर मकान में घुसने व सामान चुराने का मामला दर्ज,
पुलिस कर रही है मामले की जांच, एक महिला सहित पांच जनों पर लगाए गए संगीन आरोप
लाडनूं (kalamkala.in)। अपने निवास पर नहीं रह कर व्यावसायिक कार्यों से बाहर रहने वालों की स्थाई सम्पति भी खतरे में पड़ सकती है। ऐसा ही एक मामला जसवंतगढ में सामने आया है, जिसमें पुश्तैनी सम्पत्ति के पारिवारिक विवाद के चलते सिरोला मकान का बटवारा होने के बावजूद पैतृक मकान को गलत तरीके से बेचान कर देने और मालिक की गैरमौजूदगी में मकान में ताले तोड़ कर उसमें से सामान चोरी करते हुए गायब कर देने को लेकर यहां जसवंतगढ पुलिस थाने में एक मामला धारा 305 (ए), 318 (4), 316 (2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच थानाधिकारी जोगेन्द्र सिंह राठौड़ कर रहे हैं।
पांच जनों के खिलाफ सम्पति हड़पने का आरोप
यह मामला प्रकाश गौड़ (62) पुत्र रामेश्वरदत गौड़ जाति ब्राह्रामण निवासी जसवन्तगढ हाल निवास शास्त्री नगर जोधपुर शहर ने अभियुक्तगण रजनी करवा पत्नी पवन कुमार करवा जाति महाजन व पवन कुमार करवा दोनों निवासी गली नम्बर 9 कसूम्बी रोड जसवन्तगढ, ईश्वरचन्द्र शर्मा पुत्र रामेश्वर दत्त शर्मा, हेमन्त कुमार शर्मा पुत्र ईश्वरचन्द शर्मा जातिगण बाह्रमण निवासीगण 37- बागबान गेंकुली लेन, हावड़ा (एम काॅर्प) पं. बंगाल एवं विनय कुमार पुत्र लक्ष्मीचन्द सोनी निवासी जसवन्तगढ ने पुलिस थाना जसवंतगढ में प्रस्तुत किया है। इस मामले में बताया गया है कि उनका एक पुश्तैनी मकान व उसके संलग्र खुली जायगा गली नम्बर 4 कस्बा जसवन्तगढ़ में अवस्थित है, जो कि उनके पूर्वजों की सम्पति रही है तथा इसमें अवस्थित मकान का निर्माण भी पूर्वज रामेश्वरदत द्वारा करवाया गया है। इस मकान की पहचान ‘रामेश्वर धाम’ के नाम से है। इस मकान में स्व. रामेश्वरजी के सभी पुत्र-पुत्रियों का हिस्सा था। बाद में चन्द्रशेखर शर्मा व गोपाल कृष्ण शर्मा दो भाईयों ने अपने हिस्से का त्याग प्रकाश गौड़ व उसके भाई विधासागर व ईश्वरचन्द शर्मा के पक्ष में कर दिया। इसके बाद इन तीनों भाईयों ने इस आवासीय मकान के पट्टे के लिए आवेदन किया। तब उनकी बहनों सुमित्रा देवी व इन्द्रा देवी ने ग्राम पंचायत के समक्ष अपना एतराज 31मार्च 2019 को पेश किया। इस पर पूरे परिवार की वार्ता हुई, तो उनकी बहनों ने तीनों भाईयों को इस शर्त पर ग्राम पंचायत से पट्टे बनवाने के लिए सहमति दी कि तीनों भाई इस पुराने मकान को किसी अन्य को विक्रय नहीं कर सकते।
सशर्त बटवारे के बावजूद पट्टे का किया दुरूपयोग
विक्रय नहीं करने की शर्त के बावजूद मुलजिमान ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचकर धोखाधडी के आशय से व अपने पैतृक मकान से जुड़ी हमारी श्रद्धा व भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से मुलजिम रजनी करवा और उसके पति पवन कुमार करवा ने ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टे के आधार पर 1 अगस्त 2024 को हमारे पुश्तैनी मकान को अन्य मुलजिमों को नाजायज गुट बना कर मकान का विक्रय पत्र निष्पादित कर लिया तथा इस विक्रय पत्र की आड़ में मुलजिम रजनी व पवन कुमार करवा ने उनके इस रहवासीय व आवासीय कब्जासुद मकान में उनकी अनुपस्थिति में अनाधिकृत रुप से आपराधिक आशय से घुस कर कमरों के ताले तोडे़ व सामान चुरा कर ले गये।
पुलिस ने दर्ज की वारदात को लेकर परिवादी की चौथी रिपोर्ट
परिवादी प्रकाश गौड़ ने इस वारदात को लेकर 16 अगस्त 2024 को एक लिखित रिपोर्ट ईमेल से थानाधिकारी पुलिस थाना जसवन्तंगढ को भेजी। तत्पश्चात उसने 17 अगस्त 2024 उसकी लिखित रिपोर्ट रजिस्टर्ड डाक से थानाधिकारी को भेजी। फिर 20 अगस्त 2024 को उसने पुलिस थाना जसवन्तगढ पर स्वयं उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट थानाधिकारी जसवन्तगढ के समक्ष प्रस्तुत की। उसके द्वारा तीन बार पुलिस थाना जसवन्तगढ़ पर अपने साथ हुई आपराधिक वारदात, धोखाधडी व चोरी व मकान में अनाधिकृत रुप से प्रवेश करने ताले तोड़ने के सम्बन्ध में अवगत कराये जाने के बावजूद भी पुलिस थाना जसवन्तगढ पर अपराधीगण के विरुद्व प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई एवं अन्य आवश्यक कानूनी कार्यवाही भी नहीं की गई। अब शपथ पत्र के साथ परिवाद को एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश के साथ पुलिस थाना जसवन्तगढ को दिया जाकर अनुसंधान के बाद अभियुक्तगण के विरुद्व आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने एवं परिवादी का चोरी हुआ सामान बरामद कर दिलवाने की मांग की गई है। प्रकाश गौड़ द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट को जसवंतगढ पुलिस ने धारा 305 (ए), 318 (4), 316 (2) बीएनएस के तहत दर्ज किया है और तफतीश थानाधिकारी जोगेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया है।






