जनता की समस्याओं पर अधिकारी त्वरित कार्रवाई करें या कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,
जन सुनवाई समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष आई अफसरों की पोल, डीडवाना-कुचामन जिले में भी गंभीरता नहीं, सीएम भजनलाल में गहरी नाराज़गी
17 जिलों के अफसर लापरवाह, एक साल से सीएम की जनसुनवाई के परिवादों पर कोई कार्रवाई नहीं
जयपुर (kalamkala.in)। प्रदेश के जयपुर सहित 17 जिलों के अधिकारी जनता की समस्याओं को सुनने में सबसे ज्यादा लापरवाही बरत रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह खुलासा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से की जा रही जन सुनवाई में आने वाली शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा में सामने आया है। अब लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सीएम ने चेताया है कि जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करें या फिर कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। जानकारी के अनुसार हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल ने करीब छह बिंदुओं को लेकर प्रदेश के सभी जिलों के कामकाज की समीक्षा की थी। इसमें मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में जिलों से आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई के आंकड़े देखे गए तो पता चला कि जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित 17 जिलों में एक साल से भी अधिक समय पहले सीएम की जनसुनवाई में आई कई शिकायतों का अभी तक निस्तारण ही नहीं हुआ है। ऐसे में इन जिलों को रेड जोन में रखते हुए सख्त हिदायत दी गई है।
संपर्क पोर्टल की परिवेदनाओं में भी पूरी लापरवाही
राजस्थान के संपर्क पोर्टल पर आ रही परिवेदनाओं पर भी अधिकारी ज्यादा गंभीरता नहीं दिखा रहे। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, झुंझुनूं, भरतपुर, ब्यावर जिले संपर्क पोर्टल में आने वाली परिवेदनाओं पर भी अधिकारी सबसे ज्यादा लापरवाही बरत रहे हैं। सरकार ने संपर्क पोर्टल के प्रकरणों का समय पर निपटारा नहीं करने वाले जिलों की सूची में पांच जिलों बूंदी, करौली, दौसा, डीग, सवाई माधोपुर, अजमेर, बाड़मेर और धौलपुर को रेड जोन में रखा है।
गंभीरता नहीं होने से 17 जिले रेड जोन में
सरकार ने सीएम जनसुनवाई में आने वाले सभी प्रकरणों का समय पर निस्तारण नहीं करने के मामले में 17 जिलों को सबसे ज्यादा लापरवाह माना है। इन 17 जिलों में से सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, चित्तौड़गढ, नागौर, जैसलमेर जिलों की है। यहां सीएम जनसुनवाई में आए प्रकरणों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके अलावा ब्यावर, सिरोही, डीडवाना-कुचामन, भीलवाड़ा, जालौर, खैरथल-तिजारा, श्रीगंगानगर, अलवर, चूरू जिलों में भी सीएम जनसुनवाई में आई परिवेदनाओं को लेकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।





