लाडनूं के हास्य कवि केशरदेव मारवाड़ी ने हास-परिहास से सबको गुदगुदाया, हंसाया और रिझाया,
तेज बरसात के बीच लाडनूं में फूटी काव्य की गंगा, जैन विश्व भारती में ‘काव्य की सुर-सरिता’ कार्यक्रम में कवि सम्मेलन का आयोजन

लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्व भारती में विराजित शासन श्री मुनिश्री विजयकुमार एवं तपस्वी मुनिश्री जयकुमार के सान्निध्य में चल रहे दो दिवसीय ‘काव्य की सुर-सरिता’ कार्यक्रम के तहत सोमवार रात्रि में संपोषणम् में जिला कलेक्टर डा. महेन्द्र खड़गावत की अध्यक्षता में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। बरसात की रात में शीतल फुहारों और हवाओं के बीच कवियों ने लाडनूं में अनेक तरह के रंग बिखेरे। इस कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न स्थानों दिल्ली, कोटा, सिलीगुड़ी, नोएडा, फरीदाबाद, मावली, मुंबई, बुलंदशहर, बाजपुर, नवलगढ़, बरेली आदि से अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 27 कवि-कवियित्रियों ने अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भाव-विभोर किया। कवियों ने विविध काव्य विधाओं में अपनी प्रस्तुतियां देते हुए वीर रस, श्रृंगार रस, हास्य रस, भक्ति रस, आध्यात्मिक व व्यंग्यशैली से श्रोताओं को सराबोर किया।
कवियों ने विभिन्न रसों का रसास्वादन कराकर किया श्रोताओं को सराबोर
प्रसिद्ध कवि हरीश हिन्दुस्तानी ने सम्मेलन में राजस्थानी परिवेश की प्रस्तुतियां दी एवं कोटा के आदित्य जैन ने जैन परिवेश की प्रस्तुति दी। बृज क्षेत्र की कवयित्रि मधुमोहिनी उपाध्याय ने राधा-कृष्णा की श्रृंगार रस की कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं की दाद बटोरी।कवि महेश दुबे की कविताओं को तो इतना पसंद किया गया कि श्रोताओं की मांग पर उन्हें अपने निर्धारित समय से अधिक प्रस्तुति देनी पड़ी। लाडनूं के हास्य कवि केशरदेव मारवाड़ी ने हास-परिहास प्रस्तुत करके सबको गुदगुदाया, हंसाया और रिझाया। कवि योगेन्द्र शर्मा की शहीद परिवार को नमन के रूप में प्रस्तुत कविता ने सभी श्रोताओं को भावुक बना डाला। कवयित्रियों डॉ. रूचि चतुर्वेदी, सरला मिश्रा, सोनल जैन आदि की भावपूर्ण कविताएं भी खासी पसंद की गई। प्रसिद्ध कवि योगेन्द्र शर्मा, प्रियंका ओमनंदिनी, सपना सोनी, श्रद्धा शौर्य, सोनाली जैन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। समस्त कवियों-कवयित्रियों ने अपनी प्रस्तुति के दौरान जैन विश्व भारती की पावन भूमि को नमन किया और आचार्य भिक्षु, आचार्य तुलसी, आचार्य महाप्रज्ञ, आचार्य महाश्रमण को अपने शब्दों में नमन किया।
इन सबकी रही गरिमामय उपस्थिति
कवि सम्मेलन में मंचासीन अतिथियों में जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, संरक्षक भागचंद बरड़िया, जैविभा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. दूगड़, न्यासी एवं प्रायोजक चंदनतारा दूगड़ फाउंडेशन के प्रतिनिधि राजेश दूगड़ शामिल थे। कवि सम्मेलन का आगाज सरस्वती वंदना के संगान के साथ किया गया। जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ द्वारा स्वागत-भाषण प्रस्तुत किया गया। जैन विश्व भारती के मंत्री सलिल लोढ़ा ने प्रारम्भिक औपचारिक मंच संचालन किया एवं काव्य पाठ का मंच संचालन कवि राजेश चेतन द्वारा किया गया। अंत में आभार ज्ञापन चंदनतारा दूगड़ फाउण्डेशन की ओर से राजेश दूगड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी मिथिलेश कुमार, तहसीलदार अनिरूद्ध पांडे, डीएसपी विक्की नागपाल, थानाधिकारी महीराम विश्नोई, जैन विश्व भारती के परिसर संयोजक धरमचंद लुंकड़, संयुक्त मंत्री नवीन बैंगानी, आदर्श साहित्य विभाग के विभागाध्यक्ष विजयराज आंचलिया, हंसमुख भाई मेहता, भंवरलाल गोठी, इन्दर बैंगानी, राजेन्द्र खटेड़ एवं विभिन्न संघीय संस्थाओं व अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित रहे।कार्यक्रम की व्यवस्था में सचिवालय प्रभारी डॉ. विजयश्री शर्मा, संजय बोथरा, सुशील मिश्रा, अभिषेक कासलीवाल आदि का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।







