लाडनूं के राजकीय महिला महाविद्यालय में जैंडर इक्वलिटी और सोशल इंक्लूजन के महत्व पर कार्यक्रम आयोजित,
रुडिप ने किया आयोजन, सिवरेज की कार्यप्रणाली व लाभ भी समझाए

लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय राजकीय गर्ल्स कॉलेज में जैंडर इक्वलिटी और सोशल इंक्लूजन के महत्व पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। लाडनूं क्षेत्र में सीवरेज परियोजना के कार्य कर रही राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के ‘सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता कार्यक्रम’ के तहत यह आयोजन किया गया। इसमें लाडनूं में चल रही सिवरेज योजना के बारे में विस्तार से जानकारी भी छात्राओं को दी गई।
महिला इंटर्नशिप कार्यक्रम एक अच्छी पहल
कार्यक्रम में जयपुर रूडीप कैप के ट्रैनिंग एक्सपर्ट राकेश नाथ तिवारी ने जैंडर इक्वलिटी और सोशल इंक्लूजन के महत्व को समझाया और साथ ही आरयूआईडीपी में चल रहे महिला इंटर्नशिप कार्यक्रम में शहर की ही महिला इंटर्न को छात्राओं से मिलवाया और परस्पर अनुभव साझा करवाये। प्रोफेसर सारिका चुंडावत ने जैंडर इक्वलिटी के महत्व को गहराई से समझाया और व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विचार व्यक्त किए। उप प्राचार्य डा. सुरेंद्र काग़ट ने कहा कि रुडिप द्वारा संचालित अभियान को लोगों के बीच स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे स्वास्थ्य व स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ती है। इसके तहत नागरिकों से अपने आस-पास की स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया जाता है। उन्होंने महिला इंटर्नशिप कार्यक्रम को एक अच्छी पहल बताया।
बरसात के पानी को सिवर लाईन में नहीं डालें
इस अवसर पर कैप रुडीप के असलम खान ने लाडनूं में चल रही सिवरेज परियोजना की पूरी जानकारी दी और बताया कि हर घर के स्नानघर, रसोईघर व शौचालय को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। इसलिए, सीवर लाइन बिछाने में सभी को अपना सकारात्मक सहयोग देना चाहिए। उन्होंने सीवरेज के फायदों के साथ ही सीवरेज की कार्य प्रणाली को समझाया। साथ ही उपभोक्ता सेवा केन्द्र के बारे में बताया और बताया कि उपचारित पानी का भी पुनः उपयोग किया जाता है। इससे नगर पालिका को आय होगी, जो शहर के विकास में काम आएगी।उन्होंने सभी शहरवासियों से अपील की कि वर्षाजल को सीवर लाइन में न डालें। अभी सीवरेज का कार्य प्रगतिरत है तथा वर्षाजल इसमें प्रवाहित नहीं किया जाना चाहिए। इससे कार्य में बाधा उत्पन्न होती है। कार्यक्रम में रविंद्र सिंह, मोनिका भाटी सहित समस्त व्याख्यातागण और एसओटी रामकिशोर ने भागीदारी की। यह कार्यक्रम अधीक्षण अभियंता नेमीचंद पंवार और अधिशासी अभियंता ओम प्रकाश साहू के निर्देशानुसार व सहायक अभियन्ता रियाज अहमद के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।







