‘घुड़लो घूमैलो जी घूमैलो’ और ‘म्हारा हरिया जंवारा ओ राज’ गीतों से गूंजा माहौल,
लाडनूं की गली-गली मची है गणगौर पूजन की धूम, गौर की बिन्दौली निकाली, घुड़ला घुमाया



लाडनूं (kalamkala.in)। होली के बाद शुरू हुए 16 दिवसीय गणगौर पूजन के लोकपर्व पर यहां महिलाओं और कन्याओं में धूम मची हुई है। सभी क्षेत्रों में महिलाएं गणगौर पूजन में पूरी तन्मयता से लगी हुई हैं, गली-गली में गणगौर के गीतों की स्वर-लहरियां गुंजायमान हैं। शुक्रवार को यहां मालियों का बास में गौर का बिन्दौरा निकाला गया। इस अवसर पर पार्षद सुमित्रा आर्य के निवास पर गणगौर की पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। गणगौर व ईशर की आसपास की पूजित सभी प्रतिमाओं को यहां एक ही स्थान पर विराजित किया जाकर उनकी सामुहिक पूजा-अर्चना की गई। उन्हें परम्परागत विधियों से ढोक लगाई गई और तिलकार्चन के साथ उन्हें जुंवारियां दीं गई। साथ ही गणगौर के गीतों का गान सभी महिलाओं ने मिलकर किया। इस दौरान ‘घुड़लो घूमैलो जी घूमैलो’, ‘म्हारा हरिया जंवारा ओ राज’, ‘गोरां बाई रो आरतो’, आदि गीतों के समूह-स्वर जोर-शोर से गुंजाए गए तथा घुड़ले को यहां गली में घुमाया गया। इस अवसर पर पार्षद सुमित्रा आर्य, सुमन पंवार, पूर्व पार्षद पूनम आर्य, सुनीता आर्य, सपना पंवार, सावित्री गहलोत, आशा जांगिड़, बिजू जांगिड़, पूजा पंवार, बसंती तंवर, आकांक्षा आर्य आदि उपस्थित रहीं।






