लाडनूं के अरबाज को नाबालिग के शारीरिक शोषण, ब्लेकमेलिंग मामले में अदालत ने सुनाई 10 वर्ष की कठोर जेल और जुर्माने की सजा
लाडनूं/ डीडवाना (kalamkala.in)। स्थानीय विशिष्ट न्यायालय (पॉक्सो) के पीठासीन अधिकारी नाहर सिंह मीणा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए दुष्कर्म और जबरन वसूली के मामले में अभियुक्त अरबाज को दोषी करार देकर 10 वर्ष के कठोर कारावास और 37 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि यह प्रकरण लाडनूं पुलिस थाने से संबंधित है। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में तर्क दिया कि 25 वर्षीय अभियुक्त अरबाज, निवासी लाडनूं ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर और उसकी फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान अभियुक्त ने पीड़िता को डरा-धमकाकर उससे अवैध वसूली भी की।
लाडनूं पुलिस थाने का है यह मामला
लाडनूं पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर 278/2023 के मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई गई है। इसमें धारा 376 (2 एन) के तहत 10 वर्ष, धारा 354 व 384 के तहत 3-3 वर्ष और धारा 506 के तहत 2 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने आदेश दिया कि ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही न्यायालय ने राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को पुनर्वास और क्षतिपूर्ति दिलाने की भी अनुशंसा की है। अभियुक्त द्वारा विचारण के दौरान भुगती गई सजा को इसी सजा में समायोजित किया जाएगा।







