विद्यालयों में शैक्षिक नवाचार, प्रभावी शिक्षण पद्धतियों एवं विद्यालय विकास पर हुआ गंभीर विमर्श,
जसवंतगढ में आयोजित दो दिवसीय वाक्पीठ संगोष्ठी सम्पन्न, ब्लॉक के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों के प्रधानों ने लिया हिस्सा

लाडनूं (kalamkala.in)। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं पदेन बीआरसी, पंचायत समिति लाडनूं के तत्वावधान में दो दिवसीय विद्यालय स्तरीय संस्था प्रधान वाक्पीठ संगोष्ठी का आयोजन सफल, प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक रहा। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जसवंतगढ़ में आयोजित 20-21 अप्रेल की इस दो दिवसीय वाक्पीठ संगोष्ठी में विभिन्न शैक्षिक एवं प्रशासनिक विषयों पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए गए। संगोष्ठी में ब्लॉक के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों एवं शिक्षकों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।यह कार्यक्रम शिक्षकों में शैक्षिक नवाचार, प्रभावी शिक्षण पद्धतियों एवं विद्यालय विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
प्रवेशोत्सव, नामांकन वृद्धि, सीटीएस लक्ष्य, कार्ययोजना, दीक्षांत, मिशन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सम्बन्धी दिशानिर्देश
संगोष्ठी के प्रथम दिवस 20 अप्रैल के प्रातः सत्र में पंजीयन, दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात प्रवेशोत्सव, नामांकन वृद्धि, सीटीएस (CTS) लक्ष्य, कार्ययोजना, दीक्षांत, मिशन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्या प्रवेश सहित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही बालचर एवं स्काउट-गाइड गतिविधियों, सामुदायिक सहभागिता (SMC, SDMC, PTA) एवं शैक्षिक नवाचारों पर भी सारगर्भित चर्चा हुई।
विद्यालय वातावरण सुधार, परीक्षा परिणाम विश्लेषण, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम पर हुआ विमर्श
वाक्पीठ संगोष्ठी के द्वितीय दिवस 21 अप्रैल को विद्यालय वातावरण सुधार, परीक्षा परिणाम विश्लेषण, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम (She Box), खेलकूद गतिविधियों तथा अन्य महत्वपूर्ण शैक्षिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विद्यालय विकास हेतु उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें हबीब खान ने विद्यालय के तनावमुक्त वातावरण के निर्माण एवं उसमें संस्था-प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। चन्द्र सिंह ने परीक्षा परिणाम के उन्नयन के लिए कार्ययोजना एवं नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार व्यक्त किए। श्रीमती शिल्पी जैन ने महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित विषयों- गरिमा पेटी, बदलावकारी मंगलवार, शी बॉक्स (She Box) एवं प्रबल कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संवेदनशीलता एवं जागरूकता पर बल दिया। फूलचन्द बगड़िया ने खेलकूद एवं पाठ्येतर गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। इन्द्रचंद जांगिड़ ने ब्लॉक एवं जिला रैंकिंग, शाला दर्पण एवं शाला संबलन टिकट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
संगोष्ठी से प्राप्त दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन करें संस्था प्रधान
संगोष्ठी के दौरान ‘खुला मंच’ आयोजित कर प्रतिभागियों से सुझाव आमंत्रित किए गए, जिससे संवादात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह, सहभागिता एवं नवाचार की भावना स्पष्ट नजर आ रही थी। संगोष्ठी के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में जगदीश राय तथा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में गजादान चारण उपस्थित रहे। समापन सत्र में उपस्थित मुख्य अतिथियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियां शिक्षण गुणवत्ता में सुधार एवं विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी संस्था प्रधानों को प्राप्त दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया।
ऐतिहासिक व यादगार रही यह वाक्पीठ संगोष्ठी
द्वितीय दिवस के प्रारंभ में प्रथम दिवस की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें संगोष्ठी के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर ब्लॉक के समस्त संस्था प्रधानों एवं शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम ऐतिहासिक एवं यादगार बन गया। अंत में संगोष्ठी आयोजक समिति के अध्यक्ष प्रधानाचार्य गोपाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया गया।







