रतनगढ़: एक साध्वी ने एक संत को अपना छह जन्मों का रिश्ता बता कर फंसाया जाल में,
एक करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और गाड़ियां हड़पने का लगाया आरोप, संत की रिपोर्ट पर पुलिस जांच जारी
रतनगढ़ (kalamkala.in)। यहां की एक विख्यात साध्वी को विवादों ने घेर लिया है। उन पर तांत्रिक जाल, प्रेमजाल और करोड़ों की ठगी के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि ‘तुमसे 6 जन्मों का रिश्ता है’ यह कह कर इस साध्वी ने एक संत की इस जन्म की सारी कमाई हथिया ली। चूरू के रतनगढ़ में इस साध्वी पर एक 45 वर्षीय संत को अपने प्रेमजाल और ‘तांत्रिक सम्मोहन’ से फंसाकर करीब ₹1 करोड़, गाड़ियां और गहने हड़पने का आरोप है। ‘तुमसे 6 जन्मों का रिश्ता है’ कहकर इस संत की इस जन्म की सारी कमाई ले जाने के आरोप साध्वी पर लगाए गए हैं। विरोध करने पर मारपीट का केस दर्ज कराया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है। शीघ्र ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
छह जन्मों का रिश्ता बता कर फंसाया जाल में
रतनगढ़ में सनातन धर्म और संत समाज को शर्मसार करने वाला यह गंभीर मामला सामने आया है। यहां की एक साध्वी पर 45 वर्षीय राष्ट्रीय संत को प्रेमजाल में फंसाकर लगभग एक करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और गाड़ियां हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ित संत ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपना दिया हुआ धन और सामान वापस मांगा, तो उनके साथ मारपीट की गई। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी बाबा हरजीत सिंह की शिकायत पर रतनगढ़ की इस साध्वी हेमलता बाई पर यह भी गंभीर आरोप हैं कि पैसे वापस मांगने पर वे मारपीट पर भी उतर आई। पुलिस ने साध्वी सहित तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। बाबा हरजीत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि करीब सवा दो साल पहले उनकी पहचान रतनगढ़ के गांव नुवां निवासी साध्वी हेमलता से हुई थी। साध्वी ने उनसे कहा कि दोनों का पिछले छह जन्मों का रिश्ता है, जिससे प्रभावित होकर बाबा उसकी बातों में आ गए।
बाबा की पिटाई करवाई और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी
बाबा का आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग किश्तों में साध्वी को करीब एक करोड़ रुपये नकद, चार गाड़ियां, एक बाइक और सोने-चांदी के आभूषण दिए। जब भी वे अपना पैसा और सामान वापस मांगते, साध्वी उन्हें आश्वासन देती रहती और कहती कि दादूद्वारा की दुकानें बिकने के बाद वह सब कुछ लौटा देगी।हालांकि, वर्ष 2025 में साध्वी ने साफ तौर पर सामान और रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, बाबा का कहना है कि विरोध करने पर साध्वी ने आत्महत्या कर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। करीब आठ महीने पहले साध्वी ने बाबा को यह भी कहा कि उनकी पत्नी के अवैध संबंध हैं, लेकिन जब बाबा ने नाम पूछा तो उसने बताने से इंकार कर दिया, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। घटना से एक सप्ताह पहले साध्वी ने अपने परीचित जीतू के माध्यम से एक गाड़ी भेजी थी। इसके बाद एक और गाड़ी भेजने को लेकर संपर्क किया गया, तो बाबा ने खुद रतनगढ़ आने का निर्णय लिया। जब बाबा आश्रम पहुंचे और संत देवदास को पूरी बात बताई, तो साध्वी हेमलता गुस्से में आ गई। उसने कथित तौर पर अपशब्द कहे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उसने अपने लोगों को बुला लिया, जिससे 20-25 लोग मौके पर पहुंचे और बाबा के साथ मारपीट की। बाबा की आवाज सुनकर उनके बॉडीगार्ड मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले की जांच एएसआई हेमराज द्वारा की जा रही है।





