यह क्या हो रहा है निर्वाचन विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे-
लाडनूं नगर पालिका चुनाव की निष्पक्षता पर खतरा मंडराया, मतदाताओं में गहरा रोष, दोषी बीएलओ को कड़ी सजा मिले,
वार्ड की सीमाओं को लांघ कर 3–3 किमी और नामालूम लोगों को बना डाला वोटर, बीएलओ ने खोला फर्जी मतदान का रास्ता, जोड़ डाले 1100 से अधिक फर्जी वोटर
लाडनूं (kalamkala.in)। नगर पालिका निर्वाचक नामावलियां बनाए जाने में किस प्रकार धांधली बरती गई है, इसका एक संगीन यामला सामने आया है। इसमें वार्ड सं. 24 की शिकायत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) के समक्ष की जाकर लाडनूं के नवगठित वार्ड सं. 24 की नगर पालिका सम्बंधी निर्वाचक नामावली के सुधार के लिए एवं जानबूझ कर रचे गए षड्यंत्र की जांच करवाने कु मांग की गई है। इस बाबत एसडीएम मीनू वर्मा को सौंपी गई शिकायत में पार्षद सुमित्रा आर्य ने बताया है कि हाल ही में जो नगर पालिका निर्वाचक नामावली- 2026 का प्रारूप जारी किया गया है, उसमें षड्यंत्र पूर्वक किए गए घोटाले को लेकर उन्हें गहरा ऐतराज है, जिनका पूर्ण सुधार आवश्यक है। उन्होंने बताया है कि नगर पालिका के इस नवगठित वार्ड सं. 24 में आज तक कभी कोई भी बीएलओ नहीं आया और निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए वार्ड का कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। लगता है कि कहीं अलग ही किसी गोपनीय जगह पर बैठ कर यह फर्जी सारी तैयारी की गई, जो पूरी तरह से गलत है और इसमें करीब एक हजार से अधिक वोटर्स के नाम फर्जी तरीके से जोड़े गए हैं। इस वोटर लिस्ट में सम्पूर्ण संशोधन की जरूरत है। गौरतलब है कि यह जिस वार्ड में किया गया है, वह सुमित्रा आर्य नगर पालिका की 5 बार पार्षद रह चुकी और भाजपा महिला मोर्चा की 4 बार जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं। जिला सतर्कता समिति में भी इनकी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका बरसों तक रही है।
वार्ड की निर्धारित सीमाओं का खुला उल्लंघन कर 3 किमी दूर-दूर के लोगों को मिलाया
अपने पत्र में आर्य ने लिखा है कि नगर पालिका लाडनूं के नवगठित वार्ड की जो सीमा निर्धारित है, उसके अनुसार रह वार्ड ‘कालूशाह दरगाह तिराहे के कोर्नर से शुरू होकर वहां से दक्षिण की ओर गिरधारी के मकान को सम्मिलित करते हुए पूर्व में हंसराज सोनी के मकान को सम्मिलित करते हुए सुखदेव आश्रम तक। फिर सुखदेव आश्रम से पूर्व की ओर बाबूलाल के मकान तक। और बाबूलाल के मकान से उत्तर की ओर चलते हुए चैनाराम जी के मकान तक। चैनाराम जी के मकान से उत्तर की मोहम्मद असगर के मकान तक। तथा मोहम्मद असगर के मकान से राजस्थान टेंट को सम्मिलित करते हुए महेश मिष्ठान तक। महेश मिष्टान से कालूशाह दरगाह तिराहा तक।’ तक की परिधि के बीच तक यह वार्ड निर्धारित होने के बावजूद वोटर लिस्ट में निर्धारित वार्ड सीमा का पूरी तरह से उल्लंघन करते हुए करीब 3 किमी दूर तक की कॉलोनियों और गलियों के रहवासी मतदाताओं को इस वार्ड में जानबूझ कर सम्मिलित किया गया है। जबकि वार्ड सं. 24 और ऐसे जोड़े गए मतदाताओं के मकानात के बीच अन्य वार्ड भी अवस्थित हैं।
बड़ी संख्या में किया गया वोटर्स को इधर-उधर, वार्ड के वोटरों के हकों को बिगाड़ा
उन्होंने लिखा है कि लाडनूं की नगर पालिका निर्वाचक नामावली 2026 के वार्ड सं. 24 की भाग संख्या 1 में क्रमांक 1 से लेकर 264 तक के मतदाताओं के नामों को गलत तरीके से जोड़ा गया है। यह पुराने वार्ड सं. 17 के नाम है, जिनका वर्तमान वार्ड सं. 24 से कभी कोई सम्बंध नहीं रहा। इस पूरी कॉलोनी को अन्य वार्डों को लांघते हुए यहां लाकर, मिलाया गया है, जो एक गहरी साजिश प्रतीत होती है। यह सभी वोटर हाईवे की सड़क के पार मिलन होटल आदि के पीछे रहने वाले हैं। इसी प्रकार वार्ड सं. 24 के भाग सं. 2 की निर्वाचक नामावली में छींपों, बिसायतियों का बास व गली नं. 34 व 35 पिनारों का मौहल्ला, तेली रोड गली नं. 36. पुराने वार्ड स. 22 व 23. गली नं. 41 आदि के रहवासियों के नाम क्रमांक 84 से 817 तक के मतदाताओं के नाम भी गलत तरीके से जानबूझ कर जोड़े गए है। ये सब फर्जी वोटर हैं, जो इस वार्ड से किसी तरह का कोई सम्बध नहीं रखते। इनके अलावा वार्ड सं. 24 की इस निर्वाचक नामावली में जैन भवन, राहूगेट व वार्ड सं. 14 के नाम क्रमांक 594 से 624 तथा जनता कॉलोनी, कानसर कुआं क्षेत्र के क्रमांक 624 से 630 तक के मतदाताओं के नाम पूरी तरह से फर्जी जोड़े गए हैं, जिन्हें हटाया जाना आवश्यक है। सुमित्रा आर्य ने बताया कि वार्ड सं. 24 के वास्तविक वोटर्स के हक को छीनने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया है।
वार्ड में मौजूद ही नहीं हैं ये 1100 से अधिक फर्जी वोटर, निष्पक्षता पर उठे सवाल
पत्र के अनुसार इस वार्ड सं. 24 की निर्वाचक नामावली में बहुत सारे ऐसे नाम मौजूद हैं, जिनका देहांत हो चुका अथवा वे बरसों पहले ही यहां से शिफ्ट होकर कहीं अन्यत्र चले गए। उनका कोई मकान या रहवास तक इस वार्ड की निर्धारित सीमा क्षेत्र में कहीं भी नहीं होने के बावजूद उन्हें जानबूझ कर हटाया नहीं गया है। इस प्रकार वार्ड सं. 24 में फर्जी तरीके से कुल करीब 1100 से अधिक मतदाताओं के नाम जोड़ कर चुनाव की निष्पक्षता को दरकिनार कर दिया गया है। इन सभी गलत मतदाताओं को वापस हटाया जाकर उन्हें उनके वास्तविक वार्डों में जोड़ा जाना आवश्यक है।






