नशाखोरी को सरकारी अधिकारियों का बढ़ावा, मिलीभगत से मिल जाता है चढावा, अब कौन बोलेगा इन पर धावा,
लाडनूं के जोधां का बास में शराब के अवैध विक्रय पर किसी का कोई अंकुश नहीं, शरीफ लोगों के घरों के दरवाजे खटखटाते हैं आधी रात को शराबी
लाडनूं (kalamkala.in)। एक तरफ सरकार नशाखोरी की रोकथाम के लिए भरसक प्रयास कर रही है, नशा करके वाहन चलाने वालों के चालान किए जा रहे हैं, नशामुक्ति केंद्रों का संचालन किया जा रहा है और और दूसरी तरफ नशे के लगातार बढ़ते और बेलगाम कारोबार के विरुद्ध जन आक्रोश के बावजूद कोई कारगर कदम नहीं उठाए जाकर नशाखोरी को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लाडनूं का एक शराब ठेकेदार शहर व क्षेत्र में कुल 10 अवैध शराब विक्रय केन्द्र खुलवा कर शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। लोगों का कहना है कि आबकारी पुलिस, आबकारी थानाधिकारी और स्थानीय पुलिस सबके बंधी फिक्स होने और बराबर पहुंचने से इन लोगों के विरुद्ध कोई सक्षम कार्रवाई नहीं हो पाती है। यहां जोधों का बास में मंदिर और अस्पताल के नजदीक घनी आबादी के बीच एक अवैश शराब ठेके की ब्रांच खोली जाकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों, रहवासियों आदि के लिए समस्या खड़ी की हुई है और उसका लगातार विरोध होने के बावजूद आबकारी विभाग, पुलिस और प्रशासन ने जानबूझकर आंखें मूंद कर अंधेरा कर रखा है। हाल ही में दो माह की अल्प अवधि में इस अवैध शराब विक्रय को लेकर सबूतों के साथ करीब एक दर्जन शिकायतें हर स्तर पर की जा चुकी, लेकिन ‘ढाक के वही तीन पात’, कार्रवाई नहीं होनी, तो नहीं हो पा रही है।
शिकायतें हो रही हैं सब बेअसर, कोई नहीं ले रहा इनकी खैर-खबर
हाल ही में शिकायतकर्ता महावीर सिंह जोधा एवं राजेश शर्मा ने फिर शिकायत की है। इसके अनुसार बताया गया है कि आबकारी विभाग में जिले के सभी अधिकारियों के पास पैसा पहुंच रहा है। इसी कारण इन अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध जो शिकायत व मुकदमा दर्ज करवाने जाते हैं, तब इनके ही विभाग से पहले ही फोन करके आरोपी को सतर्क कर दिया जाता है। शिकायत कर्ताओं ने अजमेर संभाग के अधिकारी राधेश्याम को नेक अधिकारी बताया, लेकिन जिले के शेष सभी अधिकारियों की मिलीभगत बताई है। शिकायतकर्ता ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी जुटाए हैं। उनके पास अवैध शराब बेची जाने की करतूतें सीसीटीवी कैमरे में कैद की गई हैं। इन फुटेज के अलावा मोबाइल कैमरों से जियो टैग के साथ लोकेशन व समय के रिकॉर्ड के उल्लेख सहित फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी मौजूद है। इन सबके बावजूद भी आबकारी विभाग और पुलिस विभाग द्वारा कोई सक्षम कार्रवाई नहीं की जा रही है।
देर रात रात को भी लोगों के घरों दरवाजे खटखटाते हैं शराबी, शराब के लिए
जोधों का बास में रात के 11 बजे तक शराब पीने वाले पहुंचते हैं और ये शराबी कई बार शरीफ लोगों के दरवाजे खटखटाकर और पीट-पीटकर शराब मांगते हैं। इससे महिलाओं, बच्चों आदि में और शराफत से रह रहे लोगों में खासी दहशत है। शराब बेचने वाले ने ही वहां शराब पीने का भी पूरा बंदोबस्त कर रखा है। इस कारण शराब पीकर कुछ शराबी वहीं पर लुढक जाते हैं। मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भक्तजनों और पास के करणी होस्पीटल जाने वाले मरीजों में भय व्याप्त है और वे खासे परेशान हैं। इस तरह से लोगों का रहना और रोजमर्रा के कार्य, दिनचर्या सभी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। शराबियों के शोर-शराबे से मौहल्ले की शांति भंग हो रही है। लोगों का पुलिस और प्रशासन से भरोसा उठने लगा है।






