यज्ञ से होता है परिवार, क्षेत्र और विश्व में सुख-शांति का माहौल निर्मित- यज्ञ-ब्रह्मा महीपाल आर्य,
अंतरराष्ट्रीय यज्ञ दिवस पर लाडनूं आर्य समाज मंदिर में विशेष यज्ञ व सत्संग का आयोजन





लाडनूं (kalamkala.in)। अंतर्राष्ट्रीय यज्ञ दिवस के अवसर पर स्थानीय आर्य समाज मंदिर में विशेष यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। यज्ञ-ब्रह्मा के रूप में महीपाल शास्त्री ने यज्ञ का महत्व बताया और कहा कि यज्ञ वातावरण को शुद्ध करने, उसे स्वास्थ्य वर्धक बनाने और व्यक्ति की आत्मिक व बौद्धिक क्षमता बढ़ाने का काम करता है। यज्ञ से परिवार में, क्षेत्र में और विश्व में सुख-शांति का माहौल निर्मित होता है। यज्ञ ही एकमात्र विधान है, जो समूची सृष्टि के अनुकूल होता है। विश्व यज्ञ दिवस पर आयोजित इस यज्ञ के यजमान आर्य समाज के प्रधान जगदीश यायावर व सुमित्रा आर्य ने हर परिवार में यज्ञ के आयोजन को आवश्यक बताया और कहा कि एक भी परिवार यज्ञहीन नहीं होना चाहिए। कोषाध्यक्ष मेघाराम आर्य ने प्राचीन अग्निहोत्र विधि को शुद्ध वैदिक विधान से पुनर्स्थापित करने के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्यसमाज के कार्यों की सराहना की। सुरेन्द्र प्रताप आर्य ने यज्ञ को जीवन की धुरी बताया और कहा कि केवल 16 संस्कार ही नहीं, बल्कि जीवन के हर अवसर को यज्ञमय बनाया जाना चाहिए। भंवरदास और यज्ञ प्रभारी तारा आर्य ने भजनों की प्रस्तुति से यह की महिमा बयान की। इस अवसर पर मंत्री महावीर स्वामी, दयानन्द आर्य, रावतदास स्वामी, वेदप्रकाश आर्य, निर्मल आर्य आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के विविध आर्य परिवारों में भी घर-घर यज्ञ का आयोजन किया गया।






