लाडनूं व आसपास में धड़ल्ले से चल रहा है लड़कियों की अवैध खरीद-फरोख्त का कारोबार, बिहार और अकोला से लाई जाती है लड़कियां,
पीड़िता ने अपनी पीड़ा के साथ किया पूरे कांड का खुलासा, ऐसी लड़कियों का होता था यौन-शोषण
लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं में लड़कियों को शादी के धाम पर लाने, बेचने और उनका शोषण करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बिहार और महाराष्ट्र से लड़कियों को लाने और उनका यौन-शोषण करने के बाद वापस बेच देने के इस संगीन मामले की स्थानीय पुलिस जांच कर रही है और संभावना है कि बहुत बड़े स्कैंडल का शीघ्र खुलासा संभव होगा। यह मामला एक महिला ने आरोपी रफीक पुत्र बशीर जाति व्यौपारी मुस्लिम (खत्री) निवासी लाडनूं के खिलाफ जरिए अदालत के पुलिस थाना लाडनूं में दर्ज करवाया है, जिसकी व्यापक जांच थानाधिकारी शिंभुदयाल मीणा कर रहे हैं। यह मामला आरोपी की 42 वर्षीया पत्नी ने दर्ज करवाते हुए पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी है। न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लाडनूं से इस्तगासा के माध्यम से आए इस प्रकरण को आरोपी रफीक पुत्र बशीर जाति व्यौपारी मुसलिम (खत्री) निवासी लाडनूं के विरुद्ध धारा 143, 85, 316 (2) भारतीय न्याय संहिता के तहत पुलिस ने दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया है।
पहला निकाह छिपा कर किया पीड़िता के साथ दूसरा निकाह
इस प्रकरण में परिवादिनी ने लिखा है कि उसका निकाह मुलजिम मोहम्मद रफीक के साथ 27 नवम्बर 2001 को हुआ था। निकाह से पूर्व मुलजिम साजिदा नामक औरत के साथ पहले से ही निकाहसुदा था। साजिदा को निकाह के 12 वर्ष बाद उसने तलाक दे दिया था, जिसे छिपा कर उसने परिवादिनी के साथ फिर निकाह कर लिया। निकाह के बाद परिवादिनी को अपने पति से दो पुत्र तथा एक पुत्री पैदा हुई। परिवादिनी का आरोप है कि निकाह के बाद से ही मुलजिम उसके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करता रहा तथा परिवादिनी को अपने माता-पिता से नकद रूपये मांगकर लाने को बाध्य करता। मना करने पर उसके साथ वह क्रूरतापूर्ण ढंग से लकड़ी से मारपीट करता था।मुलजिम अपनी पहली पत्नी के साथ भी क्रूरतापूर्ण व्यवहार और मारपीट भी करता था। बाद में उसे तलाक दे दिया था।
बिहार व अकोला से लड़कियों को लाकर करता है खरीद-फरोख्त, हसीना ने भी लगाई थी पुलिस को गुहार
परिवादिनी का आरोप है कि मुलजिम रफीक उसके साथ क्रूरता से बलपूर्वक उसकी इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक सहवास करता था, जिससे परिवादिनी को असहनीय पीड़ा होती थी। इसके लिए मना करने पर मुलजिम उसके बच्चों के सामने ही बुरी तरह से थाप-मुक्कों व लकड़ी से मारपीट करता था। उसने लिखा है कि मुलजिम रफीक को अलग-अलग लडकियों के साथ शारीरीक सम्बन्ध बनाने का शौक रहा है। मुलजिम बिहार तथा अकोला से लड़कियों को खरीद कर लाडनूं तथा आस-पास के गांव व शहरों में ऊंची रकम के ऐवज में अवैध विक्रय का धंधा करता है तथा जब तक विक्रय नहीं होता, तब तक घर में रखकर उसके साथ नाजायज सम्बन्ध बनाता है। परिवादिनी के द्वारा मना करने पर उसके साथ मारपीट करता था। करीब 3 माह पूर्व एक हसीना नाम की लड़की को वह खरीद कर घर पर लाया तथा दो माह उसे घर पर रखा, फिर उसे बाध्य करने लगा कि वह उसके साथ निकाह करे। हसीना के मना करने पर उसके साथ भी मारपीट की। इस पर हसीना ने परिवादिनी के पति के खिलाफ मुकदमा भी किया। लेकिन पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की।
अवैध रूप से ‘तीन तलाक’ देने पर उतारू, तलाक के दो नोटिस दे चुका
रिपोर्ट में बताया गया है कि अब मुलजिम परिवादिनी को भी गैरकानूनी रूप से ‘तीन तलाक’ देने को आमादा है, जिसके लिए परिवादिनी को पंजीकृत डाक से दो बार तलाक का नोटिस भी दे दिया है। परिवादिनी के पति ने परिवादिनी का जीवन नरक बना रखा है। परिवादिनी के पति ने हमेशा परिवादिनी के साथ शारीरीक व मानसिक क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया है तथा परिवादिनी के साथ अप्राकृतिक सहवास कर कई बार पीड़ा पहुंचाई है। इस तरह से शादी के दिन से लेकर अब तक मुलजिम व उसके परिवारजन ने परिवादिनी के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया हैं। इस घटना की रिपोर्ट परिवादिनी ने गत 18 मार्च को पुलिस थाना लाडनूं तथा 7 अप्रेल को पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन को जरिये ई-मेल भी भिजवाई थी। पुलिस ने एसीजेएम कोर्ट से प्राप्त इस प्रकरण को धारा 85, 316 (2) भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया है और जांच थानाधिकारी शिंभुदयाल मीणा गंभीरता पूर्वक कर रहे हैं।




