साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल की पुस्तक ‘मेरी बावन लघुकथाएं’ का विमोचन,
साहित्य समाज का दर्पण और संस्कृति का संवाहक है- केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी
लाडनूं (kalamkala.in)। क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल की नवीनतम पुस्तक ‘मेरी बावन लघुकथाएं’ का विमोचन डीडवाना के मदन मोहन रिसोर्ट में आयोजित एक समारोह में किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री भागीरथ चौधरी थे। विशिष्ट अतिथियों में राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी, जिला कलक्टर अवधेश मीणा, भाजपा नेता जसवीर सिंह छाबा, जितेन्द्र सिंह जोधा, पुलिस उप अधीक्षक हिमांशु शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मनीष शर्मा आदि थे। सभी अतिथियों ने डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल की पुस्तक ‘मेरी बावन लघुकथाएं’ का विमोचन करते हुए लेखक को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि साहित्य किसी भी समाज की चेतना, संस्कृति और मूल्यों का जीवंत दस्तावेज होता है। साहित्यकार समाज का दर्पण होता है, जो अपने लेखन के माध्यम से समय, समाज और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्ति प्रदान करता है। कलक्टर अवधेश मीणा ने डॉ. भाटी के साहित्यिक योगदान की सराहना की तथा कहा कि इनकी रचनाएं सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करती हैं। पुस्तक लेखक डॉ. वीरेंद्र भाटी मंगल ने अपनी इस पुस्तक के संबंध में बताया कि ‘मेरी बावन लघुकथाएं’ में कुल 52 लघुकथाओं का संकलन है। संग्रह की अधिकांश रचनाएं मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक विसंगतियों, नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संबंधों तथा समकालीन जीवन की चुनौतियों को केंद्र में रखकर लिखी गई हैं। उन्होंने कहा कि लघुकथा कम शब्दों में गहन संदेश देने वाली प्रभावशाली विधा है और यह पुस्तक पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करेगी। इस अवसर पर जिले भर से साहित्यकार, शिक्षाविद्, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






