जैविभा विश्वविद्यालय की सहायक आचार्या डॉ. लिपि जैन की नवीन पुस्तक अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण को भेंट


लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान मान्य विश्वविद्यालय के अहिंसा एवं शांति विभाग की सहायक आचार्या डा. लिपि जैन की नव प्रकाशित पुस्तक ‘महात्मा गांधी : विचार एवं व्यवहार’ की प्रति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ एवं डॉ. लिपि जैन ने विश्वविद्यालय के अनुशास्ता एवं तेरापंथ धर्मसंघ के अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण को भेंट की। आचार्य श्री महाश्रमण ने पुस्तक का अवलोकन करने के पश्चात सराहनीय प्रयास बताया तथा अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कुलपति प्रो. दूगड़ ने इस अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमण को डॉ. लिपि जैन द्वारा रचित अन्य पुस्तकों ‘विकास: गांधी एवं महाप्रज्ञ दृष्टि’, ‘कॉन्फ्लिक्ट रेजोल्यूशन एंड पीस टेक्नोलॉजी’ एवं ‘वैकल्पिक आर्थिक चिंतन’ की जानकारी देते हुए उनकी प्रतियां भी उन्हें उपहृत की। सभी पुस्तकों का आचार्य श्री महाश्रमण ने अवलोकन किया और डॉ. लिपि जैन की सभी रचनाओं पर प्रशंसा व्यक्त की।






