लाडनूं की बेटी आरजू खींची ने नीट में सफल होकर बढ़ाया चिकित्सा शिक्षा में कदम,
लाडनूं का खटीक समाज स्वागत व बधाइयों के लिए उमड़ पड़ा


लाडनूं (kalamkala.in)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में लाडनूं के खटीक परिवार की एक बेटी आरजू खींची ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए 720 अंकों में से 516 अंक प्राप्त किए तथा अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग में 2542वीं रैंक हासिल की है। लाडनूं की इस बेटी आरजू खींची पुत्री नानूराम खींची का मानना है कि मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के दम पर ही सफलता पाई जा सकती है। आरजू खींची की इस उपलब्धि से लाडनूं क्षेत्र के समस्त अनुसूचित वर्ग सहित सभी जातीय समाजों में भी खुशी छायी है और आरजू से प्रेरणा लेने की आवश्यकता बताई है। हर वर्ग की बेटियों के उच्च शिक्षित होने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरजू खींची के परिणाम आने पर लाडनूं के समाजसेवी सुरेश खींची ने उसके घर पहुंचकर उसे साफा एवं माला पहनाकर उनका सम्मान किया तथा उसके साथ उसके परिवार को शुभकामनाएं दीं। सुरेश ने बताया कि जब किसी परिवार की बेटी डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाती है, तब केवल उस परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे समाज का सम्मान बढ़ता है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अपील की कि ऐसी प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को आगे आकर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की बेटियों की सफलता पर बधाई देने का सिलसिला तो रुकना ही नहीं चाहिए। इस अवसर पर नगरपालिका के उपाध्यक्ष मुकेश खींची ने बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आरजू ने कठिन परिश्रम और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आरजू के माता-पिता को भी विशेष बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, संस्कार और शिक्षा के प्रति समर्पण का यह परिणाम है। पार्षद सुमन देवी ने भी आरजू को शुभकामनाएं दीं और कहा कि बेटी पढ़ेगी, तभी दो कुलों का नाम रोशन करेगी। उन्होंने बताया कि जब आरजू उच्च शिक्षा के लिए सीकर गई थी, तब परिवार सहित समाज के लोगों को उसकी चिंता रहती थी, लेकिन आज उसकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा कि आरजू ने अपने माता-पिता, परिवार, समाज और लाडनूं का नाम रोशन किया है। यह सफलता सभी बेटियों के लिए प्रेरणादायक है।







