बिछने लगी है लाडनूं नगर पालिका की चुनाव की चौसर,
खिलाड़ियों की कशमकश शुरू, राजनीति दलों के नेताओं तक शुरू हुई दौड़
लाडनूं (kalamkala.in)। नगर पालिका के लिए जब से आरक्षण की लॉटरी निकाली गई है, लोगों में बड़ी संख्या में निराशा, खुशी और चिंताएं भी उभर कर सामने आई हैं। कतिपय वार्डों के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित घोषित होने के बाद बहुत से लोगों के मंसूबों पर पानी फिर गया, अचानक ही उनकी तो जमीन ही खिसक गई। इसी प्रकार महिला वार्ड और ओबीसी वार्ड घोषित होने पर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बहुत से लोगों ने इन परिस्थितियों के चलते चुनाव की घोषणा होने से पहले ही मैदान छोड़ दिया है। काफी लोग ऐसे हैं कि जिन्होंने अपने लिए कोई अन्य सेफ वार्ड तलाशना शुरू कर दिया है। कुछ तो अपनी पत्नी या पुत्रवधु को भी मैदान में उतारने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सबको लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं तक लोगों ने अपनी दौड़ भी शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर खम ठोक कर उतरे विभिन्न चुनावी दावेदार
अभी चुनाव घोषणा बाकी है और पार्टियों ने उम्मीदवारी के लिए आवेदन पत्र भी मांगने शुरू नहीं किए हैं, लेकिन काफी लोग अपनी चुनावी मंशा को सोशल मीडिया पर जताने लगे हैं। विभिन्न रंगीन पोस्ट बना कर अपने फोटो के साथ कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय रूप में दावेदारी जताई जाने लगी हैं। लॉटरी निकलने के बाद काफी वार्डों के लिए दावेदारों ने खम ठोकना शुरू कर दिया है। इन दावेदारों ने व्हाट्सएप और फेसबुक पर फोटो पोस्ट डालकर अपनी अहमियत जतानी शुरू कर दी है और एक तरह से अपना चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर छाए इन लोगों में वार्ड 36 से कांग्रेस के मुकेश खींची, ल
वार्ड 9 से अमजद खान मोयल, वार्ड 19 से भाजपा के विष्णु प्रकाश भोजक, वार्ड 19 से चेतन भोजक, वार्ड 16 से कांग्रेस की शबनम बानो पत्नी आसिफ खां मोयल, वार्ड 20 से सुमन शर्मा, वार्ड 29 से भाजपा से नारायण मौर्य, वार्ड 43 से निरंजन डांवर आदि की विस्तृत सूची है।
कब बिछेगी चुनावी चौसर और शुरू होगा असली तमाशा
यह प्रचार शुरू तो कर दिया गया, लेकिन असली चुनावी खेल तो चुनाव आयोग की घोषणा और राजनीतिक दलों के टिकट वितरण के बाद ही शुरू होने वाला होगा। बहुत सारे लोग शांत बैठ जाएंगे, बहुत सारे नए चेहरे सामने आएंगे, कुछ नामांकन भर ही नहीं पाएंगे और कुछ के नामांकन खारिज भी हो सकते हैं। नामांकन और नाम वापसी की उठा-पटक भी कोई कम नहीं रहने वाली है। नगर पालिका चुनाव की असली चौसर तो मैदान में शेष बचे उम्मीदवारों की सूची आने पर ही बिछेगी और प्रचार फिर परवान चढेगा। सारा चुनावी तमाशा इसके बाद ही देखने को मिलेगा।






